Rupesh Pandey Murder Case: मूर्ति विसर्जन के दौरान हुई रूपेश की मौत की सीबीआइ जांच की मांग कर रहे हैं परिजन ने विधायक को लौटाया उनकी 50 हजार रूपए की सहयोग राशि
Rupesh Pandey Murder Case: पिछले 6 फरवरी को हजारीबाग जिले के बरही थाना अंतर्गत नईटांड गांव में शाम को सरस्वती पूजा के बाद विसर्जन जुलूस देखने जा रहे 17 वर्षीय किशोर रूपेश कुमार पाण्डेय की मौत विसर्जन जुलूस और कुछ लोगों के बीच हुई मारपीट के दौरान हो गई थी।
विशद कुमार की रिपोर्ट
Rupesh Pandey Murder Case: पिछले 6 फरवरी को हजारीबाग जिले के बरही थाना अंतर्गत नईटांड गांव में शाम को सरस्वती पूजा के बाद विसर्जन जुलूस देखने जा रहे 17 वर्षीय किशोर रूपेश कुमार पाण्डेय की मौत विसर्जन जुलूस और कुछ लोगों के बीच हुई मारपीट के दौरान हो गई थी। रूपेश नईटांड ग्राम निवासी सिकंदर पांडे का पुत्र था। मारपीट में रूपेश गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे तत्काल बरही अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। रूपेश अपने माता-पिता का एकलौता पुत्र था। बता दें कि घटना के बाद बढ़ते तनाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने हजारीबाग जिला और जिले के आसपास अन्य क्षेत्रों में भी आधी रात से ही इंटरनेट सेवा पर पाबंदी लगा दी थी।
नईटांड़ गांव पूरी तरह से पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था। गांव में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई थी। पुलिस छावनी में तब्दील इस गांव में एसपी खुद भी कैंप कर रहे थे। 6 फरवरी देर रात उपद्रवियों ने दो वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। किसी भी बाहरी व्यक्ति को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा था।
रूपेश की मौत के बाद दूसरे दिन की सुबह स्वत: ही लोगों ने करियातपुर चौक पर दुकानें बंद रखीं। यहां एक भी दुकानें नहीं खुली। इसका असर बरही चौक और बाजार में देखने को मिला। यहां भी स्वत: लोगों ने दुकानों को बंद रखा। बता दें कि रूपेश आईटीआई की पढ़ाई कर रहा था। वह काफी मिलनसार था और उससे किसी की कोई दुश्मनी नही थी।
वही विधायक उमाशंकर अकेला ने पूरे प्रकरण की निदा करते हुए उपायुक्त और एसपी से दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की थी। घटना को लेकर फोन के माध्यम से सीएम हेमंत सोरेन को अवगत कराया था। वही पूर्व विधायक मनोज यादव ने भी मामले की जांच की मांग की थी। दोषियों पर कार्रवाई के साथ पीड़ित पक्ष के लिए इंसाफ मांगा था। वहीं विधायक उमाशंकर अकेला ने रूपेश पांडेय के परिजनों को 50 हजार रूपए की राशि बतौर सहायतार्थ दी थी।
आज स्थिति यह है कि रूपेश पांडेय की हत्या के बाद अब तक की जांच से असंतुष्ट व विधायक उमाशंकर अकेला के रवैये से नाराज रूपेश के परिजनों ने विधायक से मिली मदद राशि को लौटा दी है। स्वयं रूपेश के चाचा नागेंद्र पांडेय, अनिल पांडेय व अन्य परिजन चौपारण स्थिति विधायक के आवास पर पहुंचे और रोते हुए 50 हजार की राशि वापस कर दी। परिजनों ने विधायक से मिलकर पुलिस कार्रवाई में शिथिलता पर सवाल उठाया। इस दौरान रूपेश के चाचा का रो रो कर बुरा हाल था।
परिजनों ने आरोप लगाया कि रूपेश की हत्या के बाद जमकर राजनीति की जा रही है। वोट बैंक की राजनीति में उसके हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं और मामले को ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास किया जा रहा है। परिजनों ने विधायक से मांग की कि अविलंब हत्यारों को गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने राजनीति से ऊपर उठकर सहयोग की मांग रखी। साथ ही रूपेश पांडेय के परिजनों को न्याय दिलवाने के लिए बरही में सड़क पर उतरे लोगों के खिलाफ हुए मुकदमा को वापस करवाने की भी मांग की गई। मालूम हो कि रूपेश की हत्या में 27 लोगों को आरोपित बनाया गया है, जिसमें अब तक सिर्फ पांच आरोपियों की ही गिरफ्तारी हुई है।
गत 13 मार्च को विधायक उमाशंकर अकेला के आवास पर सहयोग राशि लौटने को लेकर हुए नाटकीय घटना सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसमें दिवंगत रूपेश के परिजन पचास हजार रुपये लौटाते हुए न्याय की मांग करते गिड़गिड़ाते हुए दिख रहे हैं।
वहीं बरही विधानसभा विधायक उमाशंकर अकेला का कहना है कि मैं रूपेश के स्वजनों के साथ हूं। मैं उनकी लड़ाई लड़ने को तैयार हूं। लेकिन राजनीतिक साजिश के तहत राशि वापस करा दी गई है। यह सही नहीं हुआ। मैं हमेशा लोगों के साथ रहा हूं। वीडियो भी बिना मेरी जानकारी के बनाई गई है। दूसरी तरफ रूपेश पांडेय के चाचा अनिल पांडेय ने कहा है कि हमलोगों को विधायक से राशि नहीं चाहिए, इंसाफ चाहिए। हमलोग इंसाफ की मांग कर रहे हैं। सीबीआइ जांच की मांग कर रहे हैं। विधायक इसमें हमारी मदद करें।