Madhya Pradesh News: साधु ने आश्रम में घुसकर किया मर्डर फिर कर ली आत्महत्या, साधु बाबा निकला अवल दर्जे का हत्यारा
Madhya Pradesh News: बाबा स्वामी जी के कमरे में घुसने की कोशिश करने लगे। कमरे के बाहर खड़े आशीष महाराज ने उन्हें रोकने की कोशिश की इसके बाद दोनों में हाथापाई शुरू हो गई। इस दौरान जीवन बाबा ने तमंचा निकालकर आशीष महाराज को गोली मार दी...
साधु ने आश्रम में घुसकर किया मर्डर फिर कर ली आत्महत्या, साधु बाबा निकला अवल दर्जे का हत्यारा
Madhya Pradesh News: अंधविश्वास के चलते आए दिन पाखंडी बाबाओं द्वारा लोगों को ठगने के किस्से सामने आते रहते हैं। कभी यह बाबा अपनी तंत्र विद्या का हवाला दे किसी की नौकरी लगवाने का वादा करते हैं तो कभी किसी बीमार को जादू टोने से ठीक करने का भरोसा दिलाते हैं। परंतु साधु जीवन बाबा उर्फ जीत की कहानी इन सभी से हटकर है और काफी दिलचस्प भी है। उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर में सक्तेशगढ़ स्थित स्वामी अड़गड़ानंद के परमहंस आश्रम में गुरुवार सुबह गोली लगने से साधु जीवन बाबा उर्फ जीत की मौत हो गई है।
सेंट्रल जेल की दीवार फांद कर भाग निकला
साधु जीवन बाबा का मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से खास संबंध बताया जा रहा है। दरअसल जीवन बाबा और कोई नहीं बल्कि शिवपुरी जिले में 30 साल पहले हुए एक मर्डर के मुख्य आरोपी जितेंद्र वैश है। जिसे दोषी पाए जाने पर उम्र कैद की सजा मिली थी लेकिन जितेंद्र उर्फ जीवन बाबा सेंट्रल जेल की दीवार फांद कर भाग निकला और उसके बाद से अब तक भेष बदलकर इधर-उधर घूम रहा था।
15 साल की उम्र में किया मर्डर
शिवपुरी और कमलागंज में रहने वाले जितेंद्र वैश के पिता सीताराम पुलिस विभाग में नौकरी क्या करते थे। बड़ा भाई भी पुलिस विभाग में कार्यरत है। जितेंद्र ने महज 15 साल की उम्र में अपने हाथ खून से रंग लिए थे। अपराध की राह पर चलते हुए जितेंद्र ने साथियों के साथ मिलकर संजू भदोरिया नाम के एक युवक की हत्या की थी। संजू एसपी ऑफिस में पदस्थ रामअवतार भदोरिया का बेटा था।
बाबा भेष बदलने में माहिर
इस केस में जितेंद्र 2 साल शिवपुरी की जेल में बंद रहा। दोषी पाए जाने पर उसे उम्र कैद की सजा सुनाई गई लेकिन वह सेंट्रल जेल की दीवारें फांद कर भाग गया। बताया जाता है कि जितेंद्र उर्फ जीवन बाबा भेष बदलने में बड़ा माहिर था। पुलिस क्या जितेंद्र के घर वालों को भी उसका 30 साल पहले वाला चेहरा याद नहीं है। बीते 30 सालों में शिवपुरी पुलिस जितेंद्र की तलाश में थी लेकिन हत्यारा जितेंद्र जीवन बाबा के भेष में आजाद घूम रहा था।
जीवन बाबा आश्रम की रसोई का काम देखते थे
जितेंद्र भेष बदलकर आश्रम में रहता था। उसने आश्रम में आपराधिक घटनाओं को अंजाम भी दिया। जिसकी शिकायत भी दर्ज की गई मामला दर्ज होने पर शिवपुरी में जांच की गई लेकिन तब मामले का खुलासा नहीं हुआ था। वही तब से जीवन बाबा फरार था। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 3 महीने पहले तक जीवन बाबा आश्रम की रसोई का काम देखते थे। इसी दौरान उन्होंने नाराज होकर किसी के ऊपर खौलता तेल फेंक दिया था इस पर स्वामी अड़गड़ानंद महाराज ने उसे आश्रम से निष्कासित कर दिया था। लेकिन वह आश्रम में आते-जाते रहता था।
आशीष महाराज को गोली मार दी
बुधवार शाम को जीवन बाबा पैंट शर्ट पहनकर आश्रम में आया था। जिसके चलते उन्हें किसी ने नहीं पहचाना। वह खाना खाकर आश्रम में ही सो गए। गुरुवार सुबह स्वामी अड़गड़ानंद महाराज रोज की तरह टहलने निकले थे। वापस अपने कमरे में पहुंचकर ध्यान में लीन हो गए। इसी बीच जीवन बाबा स्वामी जी के कमरे में घुसने की कोशिश करने लगे। कमरे के बाहर खड़े आशीष महाराज ने उन्हें रोकने की कोशिश की इसके बाद दोनों में हाथापाई शुरू हो गई। इस दौरान जीवन बाबा ने तमंचा निकालकर आशीष महाराज को गोली मार दी। गोली उनके पेट में लगी इसके बाद दूसरे तमंचे से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।