Prayagraj News: मिड-डे-मील के रसोइयों ने दिया धरना, न्यूनतम वेतन समेत कई मांगों को लेकर जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
Prayagraj News: रसोइयों ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश अनुसार, सभी मिड डे मील रसोइयों का न्यूनतम वेतन और साल 2005 से अब तक का एरियर भुगतान गारंटी किए जाने की मांग रखी...
यूपी में मिड-डे-मील के रसोइयों ने दिया धरना
Prayagraj News: उत्तर प्रदेश मिड डे मील वर्कर्स यूनियन सम्बद्ध ऐक्टू के राज्यव्यापी आह्वान पर प्रयागराज (Prayagraj) स्थित सिविल लाइंस में गुरुवार 6 जनवरी को रसोइयों (Mid Day Meal Cooks) ने कड़कड़ाती ठंड और बरसात में शांतिपूर्ण तरीके धरना प्रदर्शन किया। धरने का समर्थन करते हुए ऐक्टू राष्ट्रीय सचिव डॉ कमल उसरी ने कहा कि कोरोना संकट के समय इन रसोइयों ने अपने जीवन की परवाह किए वगैर सेंटर पर दिन रात भोजन बनाया। सरकार को इन्हें कोरोना वैरियर्स का सम्मान देते हुए सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना चाहिए।
यूनियन की जिला संयोजिका प्रयागराज श्रीमती नीलम निषाद ने कहा कि सरकार द्वारा मिड डे मील रसोइया (Mid Day Meal Rasoiya) को कुछ भी नहीं दिया जाता है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा 15 दिसम्बर 2020 का दिए निर्देश के अनुपालन करने के बजाय इनके वेतन में मात्र 500 रू की बढ़ोत्तरी की घोषणा की गईं है। इस वेतन में किसी भी रसोइया को परिवार चलाने के लिए बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। धरना दे रहे रसोइयों ने कहा कि, "हमारा 1500 रू मासिक भुगतान भी हमें समय से नहीं मिलता है।" रसोइयों का आरोप है कि इनसे भोजन बनाने के साथ साथ स्कूलो में झाडू-पोछा और शौचालय तक साफ करवाया जाता है।
धरने में शामिल नीलम निषाद, मंजू देवी ,गोदावरी, रेणु मीरा, रोजी, प्रदीप ओबामा, डॉ कमल उसरी समेत अन्य लोगों ने राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
धरना दे रहे रसोइयों ने मांग रखी कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) के आदेश के अनुसार, सभी मिड डे मील रसोइयों का न्यूनतम वेतन और साल 2005 से अब तक का एरियर भुगतान गारंटी किया जाय। इसके अलावा महिला रसोइयों को मातृत्व और वार्षिक अवकाश के साथ साथ 12 माह का वेतन गारंटी दिया जाय। रसोइयों ने राज्य सरकार के सामने मांग रखी कि बिना पेंशन और समाजिक सुरक्षा की गारंटी के किसी भी रसोईया कर्मी को सेवा निवृत्त न किया जाय। इसके अलावा, उत्तराखण्ड में दलित रसोईया सुनीता (Uttarakhand Dalit Rasoiya) के साथ किए दुर्व्यवहार की पुनरावृत्ति न हो इसकी गारंटी के साथ उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के शिक्षा संस्थानों में रसोइयों के साथ जातिय भेदभाव पर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की।