CBI को 50 बच्चों का यौन शोषण करने वाले जूनियर इंजीनियर की नहीं मिल सकी रिमांड, 24 को फिर होगी सुनवाई

बच्चों के यौन शोषण और पोर्नोग्राफी मामले में सीबीआई को गुरुवार को भी नहीं जूनियर इंजीनियर रामभवन की रिमांड नहीं मिल सकी। 30 नवंबर तक के लिए आरोपी जेई रामभवन को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और इस बीच 24 नवंबर को मामले की सुनवाई होगी...

Update: 2020-11-19 17:26 GMT

00 बच्चों के रेप का आरोपी जूनियर इंजीनियर

संतोष देव गिरि

जनज्वार। बाल यौन शोषण के आरोप में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए जूनियर इंजीनियर रामभवन को गुरुवार को पुनः बांदा कोर्ट में पेश किया जाना था, लेकिन किसी वजह से मामले को अगली तारीख तक टाल दिया गया। पूरे मामले में सीबीआई के द्वारा आरोपी जूनियर इंजीनियर को रिमांड पर लेने लेने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में 24 नवंबर की तारीख देते हुए कोर्ट ने 30 नवंबर तक आरोपी को न्यायिक हिरासत में रखने के आदेश दिया है।

मालूम हो कि 10 सालों में 50 से ज्यादा बच्चों का यौन शोषण करने के आरोपी जूनियर इंजीनियर को सीबीआई ने बांदा कोर्ट में पेश किया था। सीबीआई ने आरोपी से और पूछताछ करने के लिए अदालत में पांच दिन के रिमांड के लिए अर्जी लगाई थी, लेकिन आरोपी के वकील ने पत्रावली पढने के लिए समय मांगा। इसके चलते कोर्ट ने रिमांड पर सुनवाई के लिए 19 नवंबर की तारीख दी थी।

बताते चलें कि सीबीआई ने मंगलवार को चित्रकूट में सिंचाई विभाग में कार्यरत जूनियर इंजीनियर रामभवन को बीते दस वर्ष में 50 से ज्यादा बच्चों के यौन शोषण तथा उनके वीडियो को इंटरनेट में डालने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसको मंगलवार को ही चित्रकूट से जनपद बांदा स्थित मंडल कारागार में भेजा गया था। बुधवार की सुबह आरोपी रामभवन को सीबीआई ने बांदा कोर्ट में पेश किया। सीबीआई ने आरोपी से और पूछताछ करने के लिए अदालत से 5 दिन की रिमांड की अर्जी लगाई थी, लेकिन आरोपी के वकील ने पत्रावली पढने के लिए समय मांगा। जिसके बाद कोर्ट ने रिमांड पर सुनवाई के लिए 19 नवंबर की तारीख दी। सरकारी वकील मनोज दीक्षित ने बताया कि आरोपी के वकील ने पत्रावली पढने के लिए अदालत से समय मांगा था। जिस पर अदालत ने रिमांड के लिए अगली तारीख 19 नवंबर तय की थी। इसमें 5 दिन की रिमांड मांगी गयी थी, रिमांड पर गुरुवार को फैसला होना था।

बांदा के नरैनी का रहने वाला है आरोपी इंजीनियर

बच्चों के साथ दरिंदगी का आरोपी रामभवन मूलरूप से जनपद बांदा के नरैनी तहसील के ग्राम खरौंच का रहने वाला है। इस पूरे मामले को सीबीआई के डीएसपी अमित कुमार लीड कर रहे हैं। 5 सदस्यीय सीबीआई टीम उत्तर प्रदेश पर्यटक आवास चित्रकूट में रूकी हुई है। बांदा में पेशी के दौरान सीबीआई का पक्ष रखने के लिए विशेष अभियोजक को बुलाया गया है।

चित्रकूट और बांदा के बच्चों को बनाया शिकार

आरोपी इंजीनियर ने जिन 50 से अधिक बच्चों को अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया है, उनमें तीस से ज्यादा बच्चें चित्रकूट जनपद से तथा 25 बच्चे बांदा जनपद से हैं। आरोपी ज्यादातर रिश्तेदार तथा परिवार के बच्चों का यौन शोषण करता था। जूनियर इंजीनियर की शादी वर्ष 2007 में हुई थी। लेकिन अभी तक उसको कोई संतान नहीं हुई है। वह वर्ष 2013 में अपने भाई के लड़के को अपने साथ लेकर चित्रकूट गया था और वहीं पर एसडीएम कालोनी पर किराये के मकान में रहता था।

आरोपी जूनियर इंजीनियर।

इलेक्ट्रानिक गैजेट्स का देता था लालच

सीबीआई की पूछताछ में आरोपी रामभवन ने बताया कि वह 5 से 16 साल के बच्चों को शिकार बनाता था। उन्हें जाल में फंसाने के लिए इलेक्ट्रानिक गैजेट्स का लालच देता था। आरोपी के ई-मेल की जांच से पता चला है कि वह अश्लील फोटो व वीडियो शेयर करने के लिए देश-विदेश के कई गिरोहों के संपर्क में था। आरोपी सोशल मीडिया पर भी यह सामग्री शेयर करता था। पीड़ित परिवारों को तस्वीरें दिखाकर ब्लैकमेल कर पैसों की मांग भी आरोपी करता था।

युवती ने लगाये थे प्रताड़ित करने का आरोप

दिल्ली से आयी सीबीआई टीम 3 नवंबर मंगलवार को जूनियर इंजीनियर रामभवन और उसके ड्राइवर अभय कुमार को एसडीएम कालोनी स्थित घर से ले गयी थी। वह सिंचाई विभाग चित्रकूट में वर्ष 2010 से तैनात है। वर्ष 2012 में कपसेठी गांव की एक युवती ने खुदकुशी की थी, जिसके बाद मृतका के परिजनों ने जेई तथा उसके चालक पर युवती को प्रताड़ित करने के आरोप लगाया था।

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