मायावती के बदले राजनीतिक स्टैंड के बाद चंद्रशेखर आजाद ने खुद के लिए मांगा समर्थन

चंद्रशेखर आजाद ने मायावती का रुख भाजपा के प्रति नरम होने के बाद बजुजन मूवमेंट के समर्थकों का समर्थन खुद के लिए मांगा है। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर मायावती व बसपा की आलोचना नहीं की है...

Update: 2020-10-30 03:08 GMT

जनज्वार। उत्तरप्रदेश विधानसभा में मात्र डेढ साल बचें हैं और राजनैतिक पार्टियों ने इसको लेकर कमर कसनी शुरू कर दी है। बसपा अध्यक्ष मायावती के बदले राजनैतिक स्टैंड के बाद आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने आंबेडकर व कांशी राम के सपनों को सच करने के लिए खुद का समर्थन करने की अपील की है।

चंद्रशेखर आजाद ने एक ट्वीट कर कहा है कि उत्तरप्रदेश के राजनैतिक घटनाक्रम से आप वाकिफ है मुझे किसी की आलोचना नहीं करनी है, लेकिन जो भी बाबा साहब व कांशीराम साहब के सपनों को सच करना चाहते हैं उनके लिए यह फैसले की घडद्यी है। आजाद ने अपील की कि बहुजन मूवमेंट को मजबूत करने के लिए आजाद समाज पार्टी से जुड़ें।

मालूम हो कि मायावती ने गुरुवार को एक प्रेस कान्फ्रेंस कर कहा कि समाजवादी पार्टी को चुनाव में हराने के लिए जरूरत पड़ी तो वे भाजपा को भी समर्थन देंगी। उन्होंने आगामी राज्यसभा चुनाव व विधानस परिषद चुनाव में समाजवादी पार्टी के खिलाफ खड़े होने वाले किसी भी मजबूत उम्मीदवार को समर्थन का ऐलान किया है।

इतना ही नहीं मायावती ने 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा से गठबंधन के बाद 1995 के गेस्ट हाउस केस को वापस लेने को अपनी बड़ी भूल बताया। मायावती के इस बदले राजनैतिक स्टैंड के बाद यह कहा जा रहा है कि वे भाजपा के करीब जा सकती हैं।

चंद्रशेखर आजाद ऐसे में मायावती व बसपा के वैसे समर्थकों को अपने पाले में करना चाहते हैं जो किसी हाल में भाजपा के समर्थन को तैयार नहीं हो सकते हैं। चंद्रशेखर आजाद को बसपा यूं भी अपने लिए राजनैतिक खतरा मानती है।

आजाद खुले तौर पर मायावती को बुआ बताते हैं, जबकि मायावती व उनकी पार्टी उनसे किसी तरह के संबंध से इनकार करती है।

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