Chitrakoot News : चित्रकूट में तीन पत्रकारों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा, पढ़िए जनज्वार की कड़ी दर कड़ी जोड़ती रिपोर्ट का सच?

Chitrakoot News : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में पुलिस की चवन्नी भी एक रूपया बनकर चल रही है। चित्रकूट के इस मामले में तो कुछ ऐसा ही लग रहा है। दरअसल चित्रकूट में थाने के मुंशी का ब्लैक एण्ड व्हाइट चिट्ठा खोलने वाले तीन पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

Update: 2022-09-22 17:24 GMT

Chitrakoot News : चित्रकूट में तीन पत्रकारों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा, पढ़िए जनज्वार की कड़ी दर कड़ी जोड़ती रिपोर्ट का सच?

मनीष दुबे की रिपोर्ट

Chitrakoot News : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में पुलिस की चवन्नी भी एक रूपया बनकर चल रही है। चित्रकूट के इस मामले में तो कुछ ऐसा ही लग रहा है। दरअसल चित्रकूट में थाने के मुंशी का ब्लैक एण्ड व्हाइट चिट्ठा खोलने वाले तीन पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मुंशी जिले के थाना कर्वी में तैनात है, जिसने पत्रकारोें पर जबरन रौब गाठने और धन उगाही को लेकर एफआईआर दर्ज कराई है।

थाना कर्वी में तैनात मुंशी पवन कुमार ने जिले के तीन पत्रकारों जिनमें धीरेंद्र शुक्ला, सुरेंद्र सिंह कछवाह व मुबीन सिद्दिकी शामिल हैं, पर खुद के खिलाफ ट्वीटर में लिखने को लेकर FIR संख्या 404/2022 के तहत धारा 341/384/66/ समेत एससी-एसटी का मामला दर्ज करवाया है। थाना कर्वी पुलिस ने तीनों पत्रकारों के पिता का नाम अज्ञात बताते हुए किराए के मकान में रहने की बात एफआईआर में लिखी है।

जनज्वार ने चित्रकूट के इन तीनों पत्रकारों से लंबी जद्दोजहद के बाद संपर्क किया। दैनिक जागरण चित्रकूट के ब्यूरो चीफ रहे शिवा अवस्थी ने जनज्वार को धीरेंद्र शुक्ला का नंबर उपलब्ध कराया। धीरेंद्र शुक्ला ने हमें बताया कि उनके द्वारा किए गये दो ट्वीट्स के बाद पवन की तरफ से यह मुकदमा दर्ज करवाया गया है। जो कि पूरे तौर पर गलत और मनगढ़ंत है। इसके बाद धीरेंद्र शुक्ला ने हमें एफआईआर की कॉपी और बाकी के दोनो पत्रकार जिनपर यह मुकदमा है, उनके नंबर दिये।




इससे पहले हमने मुकदमा करवाने वाले थाने के मुंशी पवन कुमार से फोन पर संपर्क किया। पवन कुमार ने हमें बताया कि, 'वह कल से पहले इन तीनों को नहीं जानता था। इन लोगों ने मेरे सोशल मीडिया एकाउंट से मेरी तस्वीर निकालकर ट्वीट किया था। इसके बाद यह तीनों ट्वीटर हैंडल से उसका ट्वीट हटाने की एवज में उसपर 25000/- रूपये देने का दबाव बना रहे थे। जिस फोटो में सिपाही पवन बिना वर्दी एके-47 लेकर खड़ा है, उस बारे में पूछने पर सिपाही हमें बताता है कि यह थाने की रायफल है और उसने यूं ही खिंचा ली थी।'

बकौल थाना मुंशी पवन कुमार वर्मा, 'एके-47 रायफल के साथ बिना वर्दी में खींची गई तस्वीर उसने अपने सोशल मीडिया खाते में डाली थी। यही तस्वीर तीनों ट्वीटर धारकों ने वायरल की थी।' हमसे बात करने के दौरान सिपाही ने हमें बताया कि उसकी नौकरी को चार साल हो चुके हैं, इससे पहले वह इसी जिले के थाना पहाड़ी में तैनात। कुल मिलाकर चार साल से चित्रकूट में ही है। यहां वो इसी सितंबर माह से थाने के मुंशी का कार्यभार संभाल रहा है। यहां पवन द्वारा एके-47 के साथ फोटो खिंचाकर अपने सोशल मीडिया खाते में डालना सवाल खड़े करता है। और सवाल यही है कि जब जिम्मेदार पुलिस ऐसा करेगी तो युवाओं के ये नए रोल मॉडल कुछ तो असर दुगना कराएंगे ही। खैर..।

पवन कुमार वर्मा से बात करने के बाद हमने सुरेंद्र और मुबीन से बात की। सुरेंद्र ने पवन की उनसे पूरी खुन्नस में किसी नाई का जिक्र किया। कर्वी थानाक्षेत्र में एक नाई की दुकान है जिसे महेश सेन नाम का युवक चलाता है। बताया जाता है कि थाना कर्वी के मुंशी पवन कुमार वर्मा एक दिन नाई की दुकान पर जाते हैं और उससे अपना हेयर कट इत्यादी कराया। बताया जा रहा कि, पैसा मांगने पर सिपाही ने उसे गाली-गलौज कर पट्टे से मारने की धमकी दी। इसके बाद कटिंग के पैसे देने की बजाय, सैलून दुकान के महेश से 5 हजार रूपया वसूल लिया।

सैलून दुकानदार महेश से भी हमने बात की तो उसने हमें बताया कि उसने यह बात जब लिखित तौर पर थाने में देनी चाही, जिसे स्वीकार नहीं किया गया। इसके बाद उसने पत्रकार सुरेंद्र सिंह कछवाह का सहारा लिया। सुरेंद्र ने सैलून वाले महेश का वीडियो और अप्लीकेशन इत्यादी ट्वीट कर दिया। मामला 14-15 सितंबर का है। पत्रकार सुरेंद्र हमें बताते हैं कि ट्वीट करने के बाद सिपाही पवन अपने एक साथी प्रदीप मिश्रा उर्फ जादूगर को साथ लेकर उसके ऑफिस पहुँचे। पूछा धीरेंद्र कौन है? ट्वीट को हटा लेने के लिए कहा गया। बहरहाल, इन तीनों पत्रकारों ने ट्वीट हटाने से मना कर दिये।

ट्वीट संज्ञान में आने के बाद होने के बाद सिपाही पवन को लाइन हाजिर कर दिया गया। पत्रकार मुबीन सिद्दीकी ने जनज्वार संवाददाता को बताया कि, 'उलझन में हूँ। उस दिन शायद 20 तारीख थी। हम लोग सुरेंद्र की बहन की तबियत खराब थी, तो उसे दिखाने लखनऊ जा रहे थे। पवन का हमारे पास तकरीबन 15 कॉल आईं। एक दो बार बात भी हुई। मुबीन ने हमें एक ऑडियो क्लिप उपलब्ध करवाया। इस ऑडियो क्लिप में पत्रकार सुरेंद्र कछवाह और थाना मुंशी पवन कुमार की बातचीत हो चल रही है'...

सुरेंद्र : (पत्रकार) वह गाड़ी चला रहा है।

पुलिसकर्मी : भैया एक बार आपसे बात करनी है..जरा गाड़ी किनारे कर लीजिए। खड़ी कर लीजिये दो मिनट।

सुरेंद्र : अरे जरूरी है जा रहे सबलोग बैठे हुए हैं। लौट के बात करते हैं।

पुलिसकर्मी : भैया उसी के संबंध में बात करनी थी, ट्वीटर को लेकर। माफी मांग रहे भैया..उसे हटा दो।

सुरेंद्र : चलिए ठीक है पवन भाई.. लौट के आके बात करते हैं। फोन कट जाता है।

थाना कोतवाली कर्वी में तैनात सिपाही पवन कुमार पुलिस को दी अपने कंप्लेन में कहा है कि, 'उन्होने 6 सितंबर 2022 को जनपद चित्रकूट में का. मुंशी पर पर नियुक्त हुए थे। तब धीरेंद्र शुक्ला नामक ट्वीटर धारक ने उनकी फेसबुक आईडी से फोटो निकालकर ट्वीट की गई है। लिखा कि, बीती 6 सितंबर को धीरेंद्र शुक्ला ने उन्हें बदनाम करने के लिए आपत्ति जनक पोस्ट किया। इसके बाद धीरेंद्र शुक्ला द्वारा फिर पोस्ट किया गया जिसमें लिखा गया, चित्रकूट पुलिस की लापरवाही के चलते कार्रवाई के नाम पर ठेंगा दिखाया जा रहा है। फिर इनके साथी ट्वीटर धारक सुरेंद्र सिंह कछवाह व मुबीन सिद्दीकी ने 8 सितंबर को ट्वीटर किया। यह तीनों लक्ष्मणपुरी में किराए पर रहते हैं।'

जब मैने धीरेंद्र शुक्ला को फोन लगाया, तो उसने कहा कि बस स्टैंड के आगे शंकर ढ़ाबा के बगल वाली गली में आओ वहीं बैठकर बात करते हैं। पवन लिखते हैं, मैं गया तो मैनें धीरेंद्र शुक्ला को पहली बार देखा था, और कहा कि आप लोग क्यों ट्वीट कर रहे हो। मैनें आपका क्या बिगाड़ा है। इसके बाद मुबीन सिद्दीकी की तरफ से कहा कि, हम ट्वीट हटा लेंगे। बस आप हमें 25 हजार रूपये दे दो। सिपाही ने कहा मैं पैसे नहीं दे पाउंगा। सिपाही पवन ने अपने पास एक ऑडियो होने की बात कही है। पर हमने उसे लेने के लिए जब फोन किया तो फोन नहीं उठाया गया।

इसके बाद सिपाही ने आरोप लगाया है कि, धीरेंद्र, मुबीन और सुरेंद्र ने उन्हें रास्ते में रोका और 2 हजार रूपये मांगे। कहा कि दो नहीं तो तुम्हें सस्पेंड करवा देंगे। जाने कितने विभाग के कर्मचारियों को हमने सस्पेंड करवा दिया है। इसके बाद पवन के लिए जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। ब्लैकमेलिंग और पैसे मांगने का भी आरोप है। जिसके तहत कल 21 सितंबर को पवन की तरफ से थाना कोतवाली कर्वी में मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

इस मामले को लेकर हमने सबसे पहले थाना कर्वी के इंस्पेक्टर को फोन किया था। दो बार बातचीत हुई। हमने उनसे कहा, यदि संभव हो तो एफआईआर की कॉपी उपलब्ध करवा दीजिए। दोनो ही बार उन्होने ने बेरूखी से फोन काट दिया। बात ही नहीं की। आगे इस विषय में किसी पुलिस अधिकारी का कोई बयान आता है तो उसे यहां ज्यों का त्यों लिखा जाएगा। आगे किसी से बात करने कि जिज्ञासा सिपाही पवन कुमार के उन शब्दों ने मार दी थी, जिसमें उनने कहा था कि, 'तो किसकी तरफ से बोल रहो आप?'   

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