Fatehpur Kanshiram Colony : बसपा सरकार में बनी फतेहपुर कांशीराम कॉलोनी में लोगों का जीना हुआ मुहाल
Fatehpur News : उत्तर प्रदेश की सत्ता में काबिज रही बसपा सरकार ने कांशीराम शहरी आवास योजना के तहत गरीबों को आवास आवंटित किए थे। जिसमें पानी, बिजली, जल निकासी की समुचित व्यवस्था भी की गई थी।
Fatehpur Kanshiram Colony : बसपा सरकार में बनी फतेहपुर कांशीराम कॉलोनी में लोगों का जीना हुआ मुहाल
लईक अहमद की रिपोर्ट
Fatehpur News : उत्तर प्रदेश की सत्ता में काबिज रही बसपा सरकार ने कांशीराम शहरी आवास योजना के तहत गरीबों को आवास आवंटित किए थे। जिसमें पानी, बिजली, जल निकासी की समुचित व्यवस्था भी की गई थी। लेकिन, अब यहां रहने वाले बदहाली भरी जिंदगी जीने को मजबूर हैं। क्योकि, आवासों के दरवाजे और खिड़कियां टूट चुके हैं, सीवर चोक होने से सीटों के ऊपर से पानी बहता है, आवास में पानी के लिए जो टंकियां लगीं उनकी खराबी की वजह से पानी की जबरदस्त किल्लत हो चली है। वहीं, कम वोल्टेज आने पर बिजली के उपकरण काम नहीं करते हैं।
जनज्वार ने बिंदकी-चौडगरा मार्ग के किनारे स्थित कांशीराम कॉलोनी की तस्वीर देखी और रिहायसी लोगों से बातचीत की तो लोगों की समस्याओं का दर्द साफ झलका। सड़क से घुसते ही सबसे पहले कूड़े का अंबार मिला। आगे बढ़े तो गंदगी के ढेर कॉलोनी के आगे से लेकर पीछे तक लगे मिले। देख कर ऐसा लगता है कभी सफाई होती ही नहीं। नालियां भी सिल्ट से जाम और बजबजाती मिली। जिससे यहां के हालात लगातार बदतर बने हुए हैं।
यहां के बुजुर्ग रमजानों ने बताया सीवर चोक होने से शौचालय सीट के ऊपर से पानी बह रहा। उसके पति और बेटे की बीमारी से मौत हो गई। दूसरा बेटा बाहर रहता है जो कभी मां की खैरियत तक नहीं लेता। उनने बताया की उसकी 30 वर्षीय बेटी हाशमी दिव्यांग है, जो पैरों से चल फिर नहीं सकती। सीवर चोक होने से बूढ़ापे में जवान बेटी को बाहर शौचक्रिया के लिए ले जाना संभव नहीं रहा। सबसे बड़ी समस्या शौचालय की है। इनके आवास में रखी पानी की टंकी जो खराब हो चुकी, जिसके चलते इन्हें बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करना पडता है।
यहीं की निवासी सुनीता अवस्थी ने बताया की बाथरूम का पानी पूरी तरह से बाहर नहीं निकलता, पानी सप्लाई का पाइप टूटा हुआ है। सुनीता ने हमें बताया की नगर पालिका की ओर से कभी कभार सफाई कराई जाती है। उन्होंने कहा कि हम पहले चंदा एकत्र करते हैं और फिर बाहरी व्यक्ति को बुलाकर सफाई कराते हैं।
हरिशंकर ने बताया उन्हें आज तक आवाज नहीं मिला। वह करीब 15 सालों से रिक्शा चलाकर गुजर बसर करते और रात में वहीं रिक्शा उनके सोने का ठिकाना है। उन्होंने कहाकि प्रशासन से आवास की मांग की गई निराशा हाथ लगी। दीपक ने बताया कि अधिकांश कालोनी के खिड़कियों के शीशे टूट और दरवाजे टूट चुके। इस बदहाली को दूर कराने के लिए अभी तक जिम्मेदारों ने शुध नहीं ली है। बुजुर्ग गंगाजली बताती है कि उनके आवास की पानी टंकी टूट गई जिससे पानी की जबरदस्त किल्लत है।
जेसीबी ने तोड़ दी नाली
कांशीराम कालोनी पुरानी बिंदकी के लोगों ने बताया 12 जुलाई मंगलवार नगर पालिका और राजस्व टीम के साथ नायब तहसीलदार पहुंचे थे। अधिकारी के आने से पहले जेसीबी लगाकर कूडा साफ करने की कवायद शुरू हुई, वह भी महज खानापूर्ति भर के लिए। जेसीबी ने सफाई करते समय जल निकासी के लिए बनवायी गई नाली ही तोड दी। कालोनी में रहने वाले लोग जल निकासी और सफाई की समस्या से जूझते नजर आये। इनका मानना है कि बारिश के आने वाले दिनों में और भी अधिक परेशानी का सामना करना पडेगा।
चंदे से होती है सफाई
गरीब भी बेहतर जिन्दगी गुजार सके जिसके लिए सरकार द्वारा समान सुविधा दिये जाने की व्यवस्था की गई। मगर, इनकी परवाह जिम्मेदारों को नहीं रही। पुरानी बिंदकी सिथि्त कांशीराम कालोनी में रहने वाले लोगों ने बताया कि नगर पालिका की ओर से कभी कभार सफाई करायी जाती है। जबकि रोजाना झाडू लगना चाहिए। लोगों ने बताया 20 से 50 रुपये सामर्थ अनुसार पहले चंदा एकत्र किया जाता। फिर बाहर से सफाई करने वाले व्यक्ति को बुलाकर गंदगी साफ करायी जाती है।
नाली के बाहर लगा कचरे का ढे़र
पालिका का सफाई कर्मी करीब आठ दिनों पहले नाली की सिल्ट सफाई करने आया था, लेकिन वह भी खाना पूर्ति कर चला गया। आलम यह है कि इलाके का कचरा अभी तक नहीं उठाया जा सका। जिससे नाली के बाहर कूड़े का अंबार लगा है। देखकर ऐसा लगता यहां सफाई होती ही नहीं। समूचे कालोनी के यही हालात है। कालोनी में आगे से लेकर पीछे तक कूडे का अंबार लगा है। जल निकासी के लिए बनवाई गई नालियां चोक है। कूडा एकत्र करने के लिए जो डस्टबिन रखवाये गये थे वह टूट चुके है। इन पर किसी भी अधिकारी की जांच दौरान नजर नहीं पडी।
आवंटियों की जगह किरायेदार पाए गए
प्रशासन को जांच दौरान 13 से अधिक आवासों पर ताले मिले। इन आवासों को जांच टीम ने सील कर दिया। इस बावत लोगों से बात की गई उनका अपना तर्क था। मेहनत मजदूरी करने वाले लोग यहां पर रहते जो दो जून का पेट भरने के लिए मजदूरी की तलाश में निकल जाते।
भाकियू ने की जांच की मांग
भाकियू अराजनैतिक संगठन की ओर से कांशीराम कालोनी के स्वामियों का सत्यापन कराने की मांग की गई थी। नायब तहसीलदार अमरेश कुमार, और पालिका टीम जांच करने पहुंची। वहां आवासों में रह रहे लोगों के दस्तावेज देखे। तीन आवासों में किरायेदार मिले। नगर पालिका प्रशासन ने किराये में आवस देने वालों के खिलाफ कार्यवाही शुरू कर दी। इन किरायेदारों को हटाकर आवासों पर अपना ताला लगाकर उन्हें सील कर दिया। राजस्व टीम की ओर से रिपोर्ट बना कर उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। किराये पर आवास देने वाले आवंटियों को नोटिस देने की तैयारी शुरू कर दी।
बसपा सरकार ने मान्यवर कांशीराम शहरी आवास योजना लागू की थी। योजना के तहत फतेहपुर शहर में अस्ती, गड़रियनपुरवा और महर्षि विद्या मंदिर के पास 15 सौ आवास बनने थे। महर्षि विद्या मंदिर के समीप चिंहित जमीन के एक हिस्से पर स्टे लाए जाने के बाद कांशीराम कालोनी के फ्लैट्स की संख्या घटकर 13 सौ के आसपास रह गई। आवंटन के दौरान तमाम ऐसे लोग कांशीराम कालोनी के फ्लैट्स झटकने में कामयाब हो गए। जिनके पास रहने को पहले से ही बेहतर मकान हैं। ऐसे में यही आवंटी किराएदारी की प्रथा को बढ़ावा दे रहे हैं। प्रशासन किराये में आवास देने वाले आवंटित को चिन्हित कर रहा है। बाहरी लोगों के रहने पर माहौल खराब होता है।
ईओ ने कही ये बात
अधिशासी अधिकारी निरूपमा प्रताप सिंह बिन्दकी ने बताया कि कांशीराम कालोनी अभी तक नगर पालिका को हैंडओवर नहीं हुई। कहाकि नगर क्षेत्र में होने से मेरा नैतिक दायित्व बनता है कि साफ-सफाई रहे। पालिका के पास सफाई कर्मियों की कमी होने से वार्डों में अल्टरनेट सफाई कर्मियों को लगाकर सफाई करायी जाती लगातार निरीक्षण भी किया जा रहा। उन्होंने बताया कि फंड का भी आभाव है। बारिश को लेकर नालों की सफाई करा दी। जल्द डस्टबिन आने है लोग कूडा रास्ते में न फेंके रखवाये जायेंगे। उन्होंने कहाकि कांशीराम कालोनी में पानी की कोई समस्या नहीं है। उन्होंने सफाई अधिकारी को भेज निरीक्षण कराने की बात कही।