हाथरस केस: 510 लॉ छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखा पत्र, दोषी पदाधिकारियों के विरुद्ध हो कार्रवाई

इस पत्र में दोषी पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की भी मांग की गई है, साथ ही अस्पतालों और पुलिस द्वारा प्रोटोकॉल का पालन करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है...

Update: 2020-10-07 19:35 GMT

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जनज्वार। हाथरस कांड में सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की गुहार लगाते हुए विधि के 510 छात्रों ने उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एस ए बोबडे को पत्र लिखा है। इस पत्र में दोषी पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की भी मांग की गई है। साथ ही अस्पतालों और पुलिस द्वारा प्रोटोकॉल का पालन करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

पत्र में मुख्य न्यायाधीश से गुहार लगाई गई है कि उत्तरप्रदेश पुलिस, हाथरस पुलिस और हाथरस जिला प्रशासन को यह निर्देश दिया जाय कि मामले की जांच विशेष जांच दल से कराई जाए और उसके चीफ सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस हों।

विधि छात्रों ने मुख्य न्यायाधीश से यह गुहार भी लगाई है कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह निर्देश भी जारी किया जाय कि साल 2013 में बनाए गए निर्भया फंड की शेष राशि का महिलाओं की सुरक्षा के कार्यों में उपयोग सुनिश्चित किया जाय।

हाथरस केस को लेकर पहले भी कई याचिका लगाई जा चुकी है। सुप्रीम कोर्ट में सुषमा मौर्या की ओर से दाखिल याचिका में दोषी पुलिस वालों और मेडिकल ऑफिसर्स के खिलाफ तत्काल सस्पेंड कर करवाई की भी मांग की गई है। याचिका में दिशा-निर्देश बनाने की भी मांग की गई है ताकि किसी भी पीड़ित परिवार का कानून से भरोसा न उठे।

हाथरस केस में ही साकेत गोखले ने भी इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। यह याचिका पीड़िता के परिजनों का नारको टेस्ट कराने के खिलाफ याचिका लगाई गई है।

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