कानपुर बालिका गृह की रिपोर्टिंग करने गए पत्रकार की थाने में पिटाई, दरोगा समेत 2 लाइन हाजिर

हिंदी खबर के प्रधान संपादक ने कहा 'हमारा अपराध क्या है? क्या ईमानदारी से पत्रकारिता करना जुर्म है? मुख्यमंत्री ने हमसे पिछली मुलाकात में कहा था कि हमारी सरकार की खामियां हमसे बताया करिए...

Update: 2020-06-23 11:27 GMT

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक पत्रकार का फिर उत्पीड़न किया गया है। मामले में हिंदी खबर चैनल के कानपुर रिपोर्टर अंकित सिंह रात 11 बजे बालिका संवासिनी ग्रह की रिपोर्टिंग करने गए हुए थे। इसी सिलसिले में वह थाना स्वरूप नगर में रिपोर्ट से संबंधित जानकारी लेने पहुंचे। थाने के मुख्य द्वार पर उनके साथ मारपीट की गई।

'हिंदी खबर' के रिपोर्टर अंकित सिंह का कहना है कि वह जब स्वरूप नगर थाने पहुंचे तो बाहर मौजूद पहरा ने उनसे गाली गलौच करनी शुरू कर दी। इसके बाद दो से तीन सिपाही और आ गए। उनने भी अंकित से अभद्रता करनी शुरू कर दी। अंकित ने इस बात का विरोध किया तो उन्हें ले जाकर लॉकअप में बन्द कर दिया गया तथा वहां उनसे मारपीट की गई। रात लगभग 2 बजे उनसे माफीनामा मंगवाकर सख्त हिदायत देते हुए छोड़ा गया। साथ ही कहा गया कि बालिका ग्रह की खबर यदि कवर करोगे तो दोबारा छोड़े नहीं जाओगे।

इस मामले में हिंदी खबर के प्रधान संपादक अतुल अग्रवाल ने सूबे के गृहसचिव अवनीश अवस्थी को पत्र लिखकर उन्हें दोषी पुलिसवालों जिनमे सिपाही दिनेश कुमार, पहरा जितेंद्र कुमार, सिपाही विपिन, चौकी इंचार्ज राम चौहान व यशवंत सिंह समेत थाने के मुंशी का नाम लिखते हुए कहा की इन पर कार्यवाही करने का आग्रह किया है।

अतुल अग्रवाल ने अपने लिखे पत्र में कहा है कि 'हमारा अपराध क्या है? क्या ईमानदारी से पत्रकारिता करना जुर्म है? माननीय मुख्यमंत्री ने हमसे पिछली मुलाकात में कहा था कि हमारेई सरकार की खामियां हमसे बताया करिए। क्या माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों की अनुपालना करने पर हमारे साथ मारपीट की जाएगी?

कानपुर के स्वरूप नगर थाने में हिंदी खबर के पत्रकार के साथ हुई अभद्रता व मारपीट की घटना सभी पत्रकार संगठनों ने कड़ी निंदा की है। कानपुर जर्नलिस्ट क्लब, कानपुर प्रेस क्लब समेत कई वरिष्ठ पत्रकारों ने दोषी पुलिसवालों पर कार्यवाही की मांग की थी। जिसके बाद एसएसपी दिनेश कुमार पी ने एसपी डॉक्टर अनिल कुमार को मामले की जांच सौंपी थी।


एसपी अनिल कुमार द्वारा दी गई जांच के आधार पर एसएसपी ने एक सब इंस्पेक्टर और तीन कॉन्स्टेबल को लाइन हाजिर कर दिया है। विभागीय कार्यवाही के साथ मामले की जांच कर कड़ी कार्यवाही करने का भी आश्वाशन दिया गया है। 

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