2 दिसंबर को विधान सभा घेराव के आह्वान के साथ रोजगार अधिकार यात्रा के प्रथम चरण का वाराणसी में समापन
पूर्वांचल के जिलों से बेरोजगार छात्र-युवाओं को एकजुट करने के अभियान को लेकर गोरखपुर से निकली रोजगार अधिकार यात्रा का प्रथम चरण 28 नवंबर को वाराणसी में समाप्त हो गया। इस दौरान युवाओं से 2 दिसंबर को विधानसभा मार्च में अधिक से अधिक संख्या में हिस्सा लेने का आह्वान किया गया।
जनज्वार। पूर्वांचल के जिलों से बेरोजगार छात्र-युवाओं को एकजुट करने के अभियान को लेकर गोरखपुर से निकली रोजगार अधिकार यात्रा का प्रथम चरण 28 नवंबर को वाराणसी में समाप्त हो गया। इस दौरान युवाओं से 2 दिसंबर को विधानसभा मार्च में अधिक से अधिक संख्या में हिस्सा लेने का आह्वान किया गया।
यात्रा का वाराणसी स्थित बीएचयू लंका गेट पर लोगों ने जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश छात्र-युवा रोजगार अधिकार मोर्चा के पूर्वांचल प्रभारी व आरवाईए के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि आजादी पहले भी यूपी के नौजवानों को दूसरे प्रदेशों में गिरमिटिया मजदूरों के रूप ले जाया जाता था और आज़ादी के 70 साल बाद भी हमें पान बेचने, पकोड़ा तलने, भीख मांगने को कहकर रोजगार के नाम पर बेरोजगार युवाओं का मजाक उड़ाया जा रहा है। योगी सरकार में अठाईस परीक्षाएं हुईं जिसमें चौबीस के पेपरलीक हुए, भ्रष्टाचार और सॉल्वर गैंग के अपराधी, पकड़े गए, बाकी के चार भर्तियां कोर्ट कचहरी के चक्कर मे फंसा दी गयी। जिलों में कारखाने नहीं हैं, चीन मिलें बन्द कर दी गईं, बिजली निजी हाथों में बेचकर वाराणसी व भदोही के हथकरघा उद्योग पर हमला कर दिया गया है। खेती-किसानी, रेलवे, यूपीपीसीएल, हेल, गेल , भेल समेत सरकारी परिसम्पत्तियों से लेकर छोटे उधोग धंधे को भी पूंजीपतियों के हाथों में बेच रही है। रोजगार के अवसरों का निजीकरण करने के खिलाफ यह ""रोजगार अधिकार यात्रा" यूपी माँगे रोजगार अभियान के तहत 2 दिसम्बर को लखनऊ में विधानसभा का घेराव करेगा।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) यूपी के प्रदेश अध्यक्ष शैलेश पासवान ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार आठ करोड़ लोगों को कर्जदार बनाकर, प्रदेश की योगी सरकार साढ़े चार लाख युवाओं को लोन देकर सरकारी नौकरी देने के झूठी उपलब्धि के रूप में गिना रही है। हक़ीक़त ये है कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर रेलवे, यूनिवर्सिटीज, हॉस्पिटल, सरकारी कम्पनियों, एयरलाइन्स, खेती-किसानी समेत सरकारी संस्थानों को पूंजीपतियों के हाथों में बेच रही है। प्रथम व दूसरे कोरोना लॉकडाउन में चौबीस करोड़ लोगों का रोजगार छीना गया लेकिन महज चार करोड़ लोगों को भी रोजगार दुबारा नहीं दिया जा सका । योगी सरकार में सरकारी कर्मचारियों को संविदा पर किया गया। यह रोजगार अधिकार यात्रा "रोजगार को मौलिक अधिकार बनाने" निजीकरण पर रोक लगाने, यूपी में खाली पड़े 25 लाख पदों पर भर्ती विज्ञप्ति निकालने, "रोजगार नहीं देने तक दस हजार रुपये बेरोजगारी भत्ते का कानून बनाने" की मांग के साथ दो दिसम्बर को लखनऊ में विधानसभा का घेराव करेगा।
जामिया मिलिया की छात्र नेत्री चंदा यादव ने कहा कि जबसे केंद्र में मोदी और प्रदेश में मोदी-योगी की सरकार आयी है रोजगार देने के बजाय साम्प्रदायिक-उन्माद और बेरोजगारी के दलदल में धकेल दिया है। महिला सुरक्षा की दृष्टि से यूपी भारत का सबसे खतरनाक प्रदेश बन गया है।
बीएचयू गेट पर रोजगार अधिकार यात्रा के नेताओं राकेश सिंह, चंदा यादव विकास कुमार को शॉल ओढ़ाकर ऐपवा की राज्य सचिव कुसुम वर्मा, वीके सिंह व निहार दादा ने स्वागत व सम्मानित किया।
सभा का संचालन करते हुए आइसा बीएचयू के प्रभारी राजेश सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बीएचयू का छात्र-युवा योगी के सम्म्प्रदायिक-उन्माद की राजनीति को खारिज करता है। सम्मानजनक, सुरक्षित व नियमत रोजगार के लिए एकजुट हो रहा है। रेवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (आरवाईए) के प्रदेश उपाध्यक्ष कमलेश यादव ने रोजगार अधिकार यात्रा को सफलता से बनारस पहुंचने पर धन्यवाद ज्ञापित किया। सभा में नेहा ओझा, सोनाली, राजेश, विश्वजीत, कुलदीप झा, नवीन, अभिषेक, अविनाश, जगत जग्गू, आदित्य , समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।