Shamli News: प्रधानमंत्री पर टिप्पणी के मामले में सपा नेता इमरान मसूद दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई ये सजा

Shamli News: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) के बारे में अशोभनीय टिप्पणी करने के मामले में अदालत ने सपा नेता इमरान मसूद (Imran Masood) को दोषी करार देते हुए पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

Update: 2022-09-30 15:58 GMT

Shamli News: प्रधानमंत्री पर टिप्पणी के मामले में सपा नेता इमरान मसूद दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई ये सजा

Shamli News: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) के बारे में अशोभनीय टिप्पणी करने के मामले में अदालत ने सपा नेता इमरान मसूद (Imran Masood) को दोषी करार देते हुए पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना ना भरने की स्थिति में इमरान मसूद को छह महीने तक जेल में रहना पड़ेगा। मामला 2019 के लोकसभा चुनाव का है। जब इमरान कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार थे। इमरान मसूद सहारनपुर के कद्दावर नेता माने जाते हैं। 2014 के चुनाव से पहले भी इमरान ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ विवादित टिप्पणी की थी, जिसके बाद भारी विवाद खड़ा हो गया था।

क्या है पूरा मामला

पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने बताया कि मामला 2019 के लोकसभा चुनाव का है। इमरान मसूद उस समय चुनाव में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार थे। उसी समय झिंझाना क्षेत्र में एक चुनावी कार्यक्रम में इमरान ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी की थी। इसी को लेकर झिंझाना थाने में इमरान मसूद के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। मुकदमें में जांच के बाद विवेचक द्वारा न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल कर दिया था। गुरुवार को इसी मामले में एमपी/एमएलए कोर्ट ने आरोपी इमरान मसूद को दोषी करार देते हुए पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना ना भर पाने की स्थिति में इमरान को छह महीने जेल में रखने के आदेश भी न्यायालय ने दिए हैं।

बता दें कि इमरान मसूद सहारनपुर (Saharanpur) के प्रमुख राजनीतिक परिवार काजी परिवार के सदस्य हैं। इनके चाचा काजी रसीद मसूद देश के प्रमुख नेता रहे हैं। इमरान ने अपनी राजनीति की शुरुआत समाजवादी पार्टी से की। 2006 में ये सहारनपुर नगर पालिका के चेयरमैन बने। 2007 में इन्होंने समाजवादी पार्टी से बगावत करते हुए विधानसभा चुनाव में निर्दलीय जीत हासिल की। बाद में ये कांग्रेस में शामिल हो गये और कोई भी चुनाव नहीं जीत सके। लेकिन इलाके में इनकी धाक बरकरार रही। पिछ्ले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी में शामिल हो गये थे, लेकिन इन्हें टिकट नहीं मिला।

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