UP : सपा से गठबंधन तोड़ते ही एक्शन में अखिलेश यादव, केशव देव से वापस ले ली गिफ्ट की गई फार्च्यूनर

UP : ​यूपी विधानसभा चुनाव के बाद जब राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव में सपा ने महान दल से कोई चर्चा नहीं की। इससे नाराज महान दल के केशव देव मौर्य समाजवादी पार्टी से गठबंधन समाप्त कर लिया।

Update: 2022-06-12 01:48 GMT

Lucknow : यूपी में विधानसभा चुनाव के बाद तेजी से सियासी समीकरण बदलने लगे हैं। हाल ही में समाजवादी पार्टी ( Samajwadi Party ) के साथ गठबंधन तोड़ने वाले महान दल ( Mahan Dal ) ने समर्थन वापस लेने का फैसला किया तो अखिलेश यादव ( Akhilesh yadav ) भी नाराज हो गए और एक्शन में आ गए। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने महान दल के केशव देव मौर्य ( Keshav Dev maurya )  के एक्शन के जवाब में तोहफे में दी गई फार्च्यूनर ( Fortuner ) कार वापस मंगा ली।

सपा गठबंधन में उपेक्षा से नाराज थे केशव देव

दरअसल, समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के बाद भी विधानसभा चुनाव में महान दल को एक भी सीट नहीं मिली। इसका असर सियासी समीकरणों पर भी दिखा। विधानसभा चुनाव के बाद जब विधान परिषद, राज्यसभा तथा विधान परिषद चुनाव तो सपा ने महान दल से कोई चर्चा नहीं की। इससे नाराज महान दल के केशव देव मौर्य ( Keshv Dev ) सपा से जुदा हो गए। यानि केशव देव मौर्य ने समाजवादी पार्टी से गठबंधन समाप्त कर लिया।

महान दल के पास 7 महीने रही फार्च्यूनर

यूपी में पिछड़ा वर्ग के बड़े नेता माने जाने वाले केशव देव मौर्य ( Keshav Dev maurya  ) का यह फैसला सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ( Akhilesh Yadav ) को काफी नागवार लगा। अखिलेश यादव भी तैश में आ गए और महान दल गिफ्ट की गई फार्च्यूनर कार मंगा ली। कुल मिलाकर केशव देव मौर्य के पास फार्च्यूनर लगभग सात महीने रही। अखिलेश यादव ने चुनाव से पहले महान दल के अध्यक्ष केशव देव मौर्य को फार्च्यूनर गिफ्ट की थी। ऑटोमेटिक फार्च्यूनर मिलने के बाद केशव देव मौर्य की पत्नी और उनके बेटे व बहू ने कार की पूजा भी की थी।

केशव देव ने वापस की फार्च्यूनर

समाजवादी पार्टी ने यह गाड़ी केशव देव मौर्य ( Keshav Dev ) को विधानसभा चुनाव में प्रचार के काम के लिए दी थी। कुछ समय पहले अखिलेश ( Akhilesh Yadav ) के एक सलाहकार ने केशव देव मौर्य को फोन करके गाड़ी वापस करने की बात कही, जिसके बाद उन्होंने तत्काल गाड़ी वापस कर दी। केशव देव मौर्य ने कहा कि हम ऐसी सैकड़ों गाडिय़ां खरीद सकते हैं। अगर कार्यकर्ताओं के चंदे का पैसों का इस्तेमाल गाडिय़ों में करने लगे तो हम एक ही दिन में सैकड़ों गाड़ी खरीद लेंगे, लेकिन हम कार्यकर्ताओं की मेहनत का पैसा सुविधाओं के लिए नहीं उड़ाते।

बता दें कि यूपी विधानसभा चुनाव में सपा गठबंधन में महान दल को केवल दो सीटें मिली थीं। केशव की पत्नी और बेटे को सपा के चुनाव चिह्न साइकिल पर चुनाव लड़ाया गया था, लेकिन दोनों को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।


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