रांची में कोरोना से मरे मुस्लिम के शव को दफनाने के लिए हुआ बवाल, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

Update: 2020-04-13 16:30 GMT

देशभर में लॉकडाउन चल रहा है, इस दौरान घरों से निकल कर लॉकडाउन का उल्लघंन करने पर कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर की गई है, लेकिन किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है...

जनज्वार। रांची में रविवार 12 अप्रैल को कब्रिस्तान में शव को दफनाने को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा विरोध करने का मामला सामने आया है। झारखंड की राजधानी रांची में कोरोना वायरस से एक मरीज की मौत हो गई थी। मृतक मरीज रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती था। मरने वाला व्यक्ति हिंदपीढ़ी में मिली दूसरी कोरोना पॉजिटिव महिला का पति था, जिसे कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद रिम्स के क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया था। हालांकि हालत बिगड़ने के बाद उस दो दिनों से वेंटिलेटर पर रखा गया था।

इसी के बाद मृतक के शव को रातू रोड स्थित कब्रिस्तान में दफनाने को लेकर बवाल हो गया। वहां के स्थानीय लोग शव को ले जाने और दफनाने को लेकर सड़क पर विरोध प्रदर्शन पर उतर आए। उनका कहना था कि कोरोना से संक्रमित शव को वे अपने इलाके में नहीं दफनाने देंगे। लोगों के सड़क पर उतरने के बाद एसडीओ, सिटी एसपी और ट्रैफिक एसपी मौके पर पहुंच गए थे।

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लोगों ने शव को दफनाने के विरोध करते हुए कहा कि शव दफनाने पर कोरोना संक्रमण फैल सकता है, जिसके बाद लोगों ने शव को शहर से बाहर कहीं और दफनाने के लिए कहा। लोग कब्रिस्तान के मुख्य गेट के बाहर बैठ गए। पुलिस- प्रशासन ने लोगों से बात की पर वो नहीं माने। इसके बाद शव वहां नहीं दफनाने का आश्वसन देकर पुलिस ने लोगों को घरों से चले जाने की अपील की।

ब्रिस्तान के सभी दरवाजे सील करने के बाद लोग वापस अपने घरों में चले गए। पुलिस के द्वारा लोगों के समझाने का प्रयास करने पर भी लोग नहीं माने और काफी उग्र होते जा रहे थे। इस दौरान लोग लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए सड़क पर उतर गए और नारेबाजी करने लगे ।

स मामले पर सुखदेव नगर थाने के पीएसआई आसिफ ने जनज्वार से हुई बातचीत में बताया कि रिम्स अस्पताल में एक मुस्लिम व्यक्ति की मौत हो गई थी, जिसके बाद जब उसको कब्रिस्तान में दफनाने के ले गए तो इलाके के स्थानीय लोग घरों से लोग निकल घर विरोध प्रदर्शन करने लग गए, जिसके बाद मृतक को दूसरी जगह दफनाया गया।

ब उनसे लॉकडाउन के नियमों को तोड़ने के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई करने के बारे में पूछा गया तो उनका कहना था मेरी जानकारी पर मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी तो नहीं की गई है। लेकिन कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

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ता दे झारखंड में कोरोना वायरस ने संक्रमण के मामले में तेजी दिखानी शुरू कर दी है। अब तक झारखंड में 19 कोरोना पॉजिटिव की पहचान और पुष्टि हो चुकी है। जबकि 2117 संदिग्धों के सैंपल की जांच की गई है। इन 19 संक्रमित लोगों में सर्वाधिक रांची-बोकारो में 8-8 कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं। जबकि हजारीबाग में कोरोना संक्रमण के दो मामले और कोडरमा में एक कोरोना संक्रमित मरीज की पहचान की गई है।

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