History of Twitter : कैसे शुरू हुई दुनिया की सबसे बड़ी माइक्रो ब्लॉगिंग साइट Twitter? जानिए ट्विटर के बारे में सबकुछ

History of Twitter : गूगल के पूर्व कर्मचारी इवान विलियम्स और बिज़ स्टोन ने एक स्टार्टअप शुरू किया था जो कि एक पॉडकास्टिंग प्लेटफॉर्म था। इस पॉडकास्टिंग प्लेटफॉर्म का नाम Odeo था जिसमें जैक डोर्सी और नोआन ग्लास भी साथ में काम करते थे...

Update: 2022-04-26 11:00 GMT

History of Twitter : कैसे शुरू हुई दुनिया की सबसे बड़ी माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर?

History of Twitter : दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क (Tesla CEO Elon Musk) अब माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर (Micro Blogging Platform Twitter) के नए मालिक बन गए हैं। मस्क और ट्विटर कंपनी के बीच मालिकाना हक को लेकर यह सौदा तकरीबन करीब 44 बिलियन डॉलर (44 Billion Dollers) में किया गया है। भारतीय रुपयों (Indian Rupees) में यह राशि करीब 3 अरब 36 करोड़ 84 लाख 11 हजार 200 रुपए जितनी होगी। इस डील के बाद 16 साल पुरानी सोशल मीडिया कंपनी एक प्राइवेट कंपनी में बदल जाएगी।

कैसे हुई ट्विटर की शुरुआत?

क्या आपको पता है कि ट्विटर का सफर एक पॉडकास्टिंग प्लेटफॉर्म से शुरू हुआ। आइए जानते हैं कि एक पॉडकास्टिंग प्लेटफॉर्म से ट्विटर बनने का सफर आखिरकार कंपनी ने कैसे तय किया है। आखिर कैसे Odeo से Twttr और फिर Twitter तक का सफर अपने मुकाम तक पहुचा है। गूगल के पूर्व कर्मचारी इवान विलियम्स और बिज़ स्टोन ने एक स्टार्टअप शुरू किया था जो कि एक पॉडकास्टिंग प्लेटफॉर्म था। इस पॉडकास्टिंग प्लेटफॉर्म का नाम Odeo था जिसमें जैक डोर्सी और नोआन ग्लास भी साथ में काम करते थे। इस Odeo पॉडकास्टिंग प्लेटफॉर्म की शुरुआत 2005 की गयी थी। ये पॉडकास्टिंग प्लेटफॉर्म किसी भी मैसेज को एमपी3 में बदलकर मोबाइल नंबर के जरिए प्रसारित करता था।

ओडियो के जवाब में एप्पल ने iTunes पॉडकास्टिंग लॉन्च किया

Odeo को टक्कर देने के लिए एप्पल ने अपना पॉडकास्टिंग प्लेटफॉर्म iTunes साल 2005 में ही लॉन्च कर दिया। इसी समय नोआन ग्लास और इवान विलियम्स को महसूस हुआ कि, उनका Odeo पॉडकास्ट उतना नहीं सुना जा रहा जितना की उन्होंने सोचा था। आईट्यून्स इस मामले में उनके आगे निकल रहा है।

अब चर्चा करते हैं के Twttr के शुरुआत की

इवान विलियम्स का समझ में आ गया था कि, Odeo का भविष्य पॉडकास्टिंग में नहीं है। उन्होंने अपने साथी कर्मचारियों से नए सजेशन की डिमांड की। उस दौरान नोआन ग्लास ने कंपनी के सबसे बेहतरीन कर्मचारी और को-फाउंडर जैक डोर्सी से बातचीत की तो उन्होंने Twttr के बारे में बताया जो कि, कुछ आकर्षक था। फरवरी 2006 में नोआन ग्लास, जैक डोर्सी और एक जर्मन डेवलपर फ्लोरियन वेबर ने कंपनी के सभी सदस्यों के सामने Twttr का प्लान पेश किया। इस प्लान में इवान विलियम्स को संदेह था लेकिन उन्होंने नोआन ग्लास को इस परियोजना का प्रभारी बना दिया।

नाम कैसे चुना गया

ट्विटर का आइडिया फाउंडर टीम को Flickr शब्द सुनकर आया जिसके बाद उन्होंने इस नीली चिड़िया वाली ड्रीम कंपनी को twttr कह कर पुकारा। जैक डोर्सी ने 21 मार्च 2006 को पहला ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने लिखा- 'just set up my twttr'आपको बता दें जुलाई 2006 में इसे लॉन्च किया गया। 15 जुलाई 2006 तक ट्विटर की माइक्रोब्लॉगिंग सेवा आधिकारिक रूप से आम जनता के लिए शुरू की गयी। आगे चलकर अक्टूबर 2006 में विलियम्स, स्टोन और डोर्सी ने ओडियो के निवेशकों और शेयरधारकों से इसकी अधिकांश संपत्ति का अधिग्रहण कर लिया अब ये कंपनी twttr से Twitter बन गयी थी

वर्तमान में भारतवंशी पराग अग्रवार ट्विटर के सीईओ हैं। मस्क के साथ कंपनी का डील फाइनल होने पर उनकी ओर से जो प्रतिक्रिया दी गयी है इसमें उन्होंने कहा है कि कंपनी का भविष्य अंधेरे में है।

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