Sweden Riots 2022 : कुरान को लेकर स्वीडन में चौथे दिन भी हिंसक दंगे, सऊदी अरब ने जताई भारी नाराजगी, जानिए पूरी कहानी?

Sweden Riots 2022 : हार्डलाइन आंदोलन के प्रमुख और डैनिश स्वीडिश चरमपंथी रसमुस पालूदान ने कहा है कि उन्होंने इस्लाम के सबसे पवित्र मूलपाठ को जलाया है और वो अपने इस काम को दोहराएंगे....

Update: 2022-04-18 12:31 GMT

Sweden Riots 2022 : कुरान को लेकर स्वीडन में चौथे दिन भी हिंसक दंगे, सऊदी अरब ने जताई भारी नाराजगी, जानिए पूरी कहानी?

Sweden Riots 2022 : स्वीडन में धुर दक्षिणपंथी और आप्रवासी विरोधी समूहों द्वारा मुसलमानों के धर्मग्रंथ कुरान (Quran) को जलाने की घटना के बाद कई शहरों में चौथे दिन भी झड़पें हुईं हैं। स्थानीय मीडिया के मुताबिक पूर्वी शहर नोरकॉपिंग (Norrkoping) में रविवार को भी लगातार हिंसक झड़पें और दंगे हुए। पुलिस ने चेतावनी देते हुए उनपर गोलियां चलाईं जिनमें तीन लोग घायल हुए। कई वाहनों में आग लगा दी गईं जबकि कम से कम 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं शनिवार को दक्षिणी शहर मालमो (Malmo) में धुर दक्षिणपंथी रैली के दौरान हिंसा में कई वाहनों समेत एक बस को आग के हवाले कर दिया गया। इस बीच इराक और इरान ने भी अपने यहां मौजूद राजनयिकों को कुरान जलाने के बाद हुए प्रदर्शनों को लेकर तलब किया था।

हार्डलाइन आंदोलन के प्रमुख और डैनिश स्वीडिश चरमपंथी रसमुस पालूदान (Rasmus Paludan) ने कहा है कि उन्होंने इस्लाम के सबसे पवित्र मूलपाठ को जलाया है और वो अपने इस काम को दोहराएंगे।

धुर दक्षिण पंथी समूहों ने जहां-जहां कार्यक्रम आयोजित किए हैं वहां गुरुवार और शुक्रवार, शनिवार को झड़पें हुई हैं जिसमें 16 पुलिस कर्मी घायल हुए हैं। कई पुलिस वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया है। स्टॉकहोम के उपनगरों और नोरकॉपिंग जैसे शहरों में यह हिंसक घटनाएं हुई हैं।

डॉयचे वेले ने रिपोर्ट किया है कि रविवार को पालूदान ने नॉरकोपिंग में एक आंदोलन के दौरान चेतावनी दी थी जिसके बाद इसके विरोध में प्रदर्शन करने के लिए लोग जमा हो गए थे।

स्थानीय पुलिस ने अपने बयान में कहा है कि हमले की जद में आने के बाद उन्होंने चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं और तीन लोग इस दौरान घायल हुए।

स्वीडन के राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख एंडश टूनबेरी ने एक बयान में शनिवार को कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की जान की अनदेखी की। हमने पहले भी हिंसक दंगे देखे हैं, यह कुछ और ही था।

स्वीडन में हार्डलाइन आंदोलन के द्वारा कुरान जलाने की घटनाओं के दौरान पहले भी हिंसक प्रदर्शन हुए हैं। साल 2020 में मालमो में प्रदर्शनकारियों ने कारों में आग लगा दी थी और कई दुकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया था। डेनमार्क में नस्लवाद समेत कई मामलों में पालूदान को 2020 में एक महीने के लिए जेल हुई थी। उन्होंने फ्रांस और बेल्जियम जैसे देशों में भी इसी तरह कुरान जलाने की कोशिशें की थीं।

स्वीडन में जानबूझकर कुरान जलाने की घटनाओं पर सऊदी अरब ने भारी नाराजगी जताई है। सोमवार की सुबह सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इस पर बयान जारी किया है। सऊदी अरब ने अपने बयान में कहा कि विदेश मंत्रालय पवित्र कुरान और मुसलमानों के साथ जानबूझकर की गई बेअदबी और इसके उकसावे के लिए सऊदी अरब की निंदा दर्ज करा रहा है। सऊदी अरब संवाद, सहिष्णुता, सह अस्तित्व फैलाने के पुख्ता प्रयासों के महत्व पर जोर देता है। साथ ही नफरत, चरमपंथ और सभी धर्मों और पवित्र स्थलों के दुर्व्यवहार को त्यागने का समर्थन करता है। 


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