ट्रांसलेटर की गलती से हिंदू व्यक्ति का मुस्लिम रीति से कर दिया अंतिम संस्कार, पति का शव पाने के लिए कोर्ट पहुंची बीवी

अंजू ने याचिका में आरोप लगाया है कि भारत के कॉन्सुलेट जनरल ने फारसी में लिखे पत्र को गलत ढंग से अनुवाद कर दिया, जिसकी वजह से उनके पति को सउदी अरब में मुस्लिम रीति-रिवाज से दफना दिया गया, याचिका में अंजू शर्मा ने कहा कि वह अपने पति के शव को वापस लाना चाहती हैं, ताकि उनका हिंदू रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया जा सके...

Update: 2021-03-16 13:37 GMT

photo : Hindustan

जनज्वार, दिल्ली। किसी की छोटी सी गलती क्या कुछ बदल देती है, ऐसे उदाहरण अक्सर समाज में दिखने को मिलते रहते हैं। अब ऐसा ही एक मामला सउदी अरब में सामने आया है, जहां एक हिंदू व्यक्ति का अंतिम संस्कार इस्लामिक तरीके से कर दिया गया। ऐसा किसी ने जान-बूझकर नहीं किया गया, बल्कि एक अनुवादक की एक शब्द की गलती की वजह से हुआ।

दैनिक हिंदुस्तान में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक अनुवादक की गलती के कारण सउदी अरब में संजीव नाम के एक भारतीय हिंदू की मौत के बाद उन्हें मुस्लिम रीति-रिवाज से दफना दिया गया था। अब मृतक की पत्नी ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने पति की मिट्टी भारत वापस लाने की गुजारिश की है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विदेश मंत्रालय के उप सचिव को तलब कर दिया है। भारतीय कॉन्सुलेट में अनुवादक संजीव के शव को अनुवादक की गलती की वजह से मुस्लिम समझकर दफना दिया गया था।

दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह ने इस मामले की सुनवाई करते हुए अपने आदेश में कहा कि यह न सिर्फ गंभीर मसला है, बल्कि बेहद दुखद भी है। जस्टिस ने इस मामले में सरकार के किसी वरिष्ठ अधिकारी को पेश होकर स्थिति स्पष्ट करने और मामले में उठाए जा रहे कदमों की उचित और सही जानकारी देने का निर्देश दिया है।

इसके अलावा दिल्ली हाईकोर्ट ने मृतक संजीव कुमार की पत्नी अंजू शर्मा की ओर से दाखिल याचिका पर विचार करते हुए यह आदेश दिया है कि विदेश मंत्रालय के उप सचिव अगली सुनवाई यानी 18 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश हों और स्टेटस रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है।

मृतक संजीव कुमार की पत्नी अंजू शर्मा ने याचिका में हाईकोर्ट से केंद्र सरकार को उनके पति की मिट्टी को वापस लाने का आदेश देने की मांग की है। अंजू ने याचिका में आरोप लगाया है कि भारत के कॉन्सुलेट जनरल ने फारसी में लिखे पत्र को गलत ढंग से अनुवाद कर दिया, जिसकी वजह से उनके पति को सउदी अरब में मुस्लिम रीति-रिवाज से दफना दिया गया। याचिका में अंजू शर्मा ने कहा कि वह अपने पति के शव को वापस लाना चाहती हैं, ताकि उनका हिंदू रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया जा सके।

हाईकोर्ट में दायर मृतक संजीव कुमार की पत्नी अंजू शर्मा की याचिका के मुताबिक, संजीव की मौत 24 जनवरी, 2021 को हार्ट अटैक की वजह से हुई थी। डायबिटीज और हाइपरटेंशन से पीड़ित संजीव की मौत हार्ट अटैक से होने के बाद उनके शव को जिजान के एक अस्पताल में रखा गया। अंजू शर्मा ने अपने पति के शव को भारत लाने की जब सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं तब उन्हें पता चला कि शव मुस्लिम रीति-रिवाज से कब्र में दफना दिया गया है।

अंजू शर्मा ने हाईकोर्ट को बताया कि भारतीय कॉन्सुलेट ने उन्हें जानकारी दी कि आधिकारिक अनुवादक ने संजीव कुमार के मृत्यु प्रमाणपत्र में गलती से मुस्लिम लिख दिया, जिसके कारण उनके पति की लाश को कब्र में दफन कर दिया गया।

अंजू शर्मा ने हाईकोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में कहा है कि उन्होंने जेद्दाह स्थित भारतीय कॉन्सुलेट के अधिकारियों से उनके पति संजीव कुमार की अस्थियों को कब्र से बाहर निकालने की गुजारिश की थी, मगर 7 हफ्ते बीत जाने के बाद भी अभी तक कोई इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई। 

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