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अंधविश्वास

मरे बच्चे की आत्मा लेने तलवार लेकर अस्पताल पहुंचे परिवार वाले, पुलिस ने किया गिरफ्तार

Janjwar Desk
22 Aug 2020 12:56 PM GMT
मरे बच्चे की आत्मा लेने तलवार लेकर अस्पताल पहुंचे परिवार वाले, पुलिस ने किया गिरफ्तार
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तांत्रिक ने परिवार को सलाह दी कि बच्चे की आत्मा की शांति के लिए उसे घर लाकर तंत्र-मंत्र करना जरूरी है, इससे परिवार का संकट भी टलेगा...

जनज्वार। राजस्थान के कुछ हिस्सों में यह अंधविश्वास प्रचलित है मृत परिजन की आत्मा को अपने साथ घर ले जाना चाहिए और उसे मुक्ति दिलानी चाहिए। इससे चीजें अनुकूल रहती हैं, नहीं हो भटकती आत्मा के कारण परिवार को और नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसी अंधविश्वास की वजह से शुक्रवार को एक मृत बच्चे के परिजन तलवार लेकर अस्पताल के अंदर उसे तलाशते हुए घुस गए। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हथियार लेकर अस्पताल में घुसने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, दो साल पहले जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में एक बच्चे की मौत हो गई थी। उसके बाद उस बच्चे के घर में तरह-तरह की तकलीफें आती थी। घर वालों ने ओझा-गुणी व तांत्रिक की मदद ली। इसी क्रम में उन्हें एक तांत्रिक ने बताया कि जिस अस्पताल में उनके बच्चे की मौत हुई है, वहीं उसकी आत्मा भटक रही है, इसलिए परिवार पर परेशानियां आ रही हैं। इसलिए परिवार में शांति के लिए उसकी आत्मा लेकर घर आओ और फिर उसकी आत्मा को मुक्ति दिलाने का कर्मकांड करना होगा।

इसके बाद उसके दो परिजन नीबू मिर्ची का टोटका व हाथ में तलवार लेकर शुक्रवार को अस्पताल के अंदर घुस गए। उनके हाथों में तलवार देख कर अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। शास्त्रीनगर के थानाधिकारी राजेंद्र सिंह राजपुरोहित ने बताया कि बच्चे के परिजन पाली जिले के जाडन निवासी भंवर लाल व भूपतराम शुक्रवार को तलवार लेकर अस्पताल के अंदर घुस गए थे। इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने कहा कि बच्चे की मौत के बाद उसके परिवार में अक्सर कोई न कोई बीमार रहता था, इसलिए तांत्रिक के कहने पर वे उसकी आत्मा की तलाश में अस्पताल आए थे, ताकि उसे घर ले जाकर मुक्ति दिलायी जा सके।

ऐसे भी दृश्य देखने को मिले हैं जब अस्पताल परिसर में ही लोग तांत्रिक व ओझा-गुनी की सलाह पर तंत्र-मंत्र करने लगे हैं ताकि मृतक की आत्मा को शांति मिले। ऐसा ही एक वाकया 2017 में भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में घटा था। एक गर्भवती महिला व उसके शिशु की मौत हो गई थी, जिसके बाद परिवार के लोग अस्पताल में ही तांत्रिक क्रियाएं करने लगे।

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