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Uttar Pradesh News : शिक्षकों की प्रताड़ना से आहत 7वीं कक्षा के छात्र ने की आत्महत्या, नकल करने पर पिटाई के साथ की थी बेइज्जती

Janjwar Desk
23 Sep 2022 7:30 AM GMT
Uttar Pradesh News : शिक्षकों की प्रताड़ना से आहत 7वीं कक्षा के छात्र ने की आत्महत्या, नकल करने पर पिटाई के साथ की थी बेइज्जती
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Uttar Pradesh News : शिक्षकों की प्रताड़ना से आहत होकर एक 12 साल के सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र ने खुदकुशी कर ली है, ने सुसाइड नोट में आत्महत्या के कारणों का खुलासा भी किया है...

Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश के रायबरेली से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां शिक्षकों की प्रताड़ना से आहत होकर एक 12 साल के सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र ने खुदकुशी कर ली है। इसके साथ ही छात्र ने सुसाइड नोट में आत्महत्या के कारणों का खुलासा भी किया है। छात्र ने अपने सुसाइड नोट में अहम सवाल उठाए हैं।

शिक्षकों की प्रेरणा से आहत छात्र ने की आत्महत्या

उत्तर प्रदेश के रायबरेली में मिल एरिया थाना क्षेत्र के सेंट पीटर्स स्कूल के छात्र यश सिंह मौर्य (12 वर्ष) ने शिक्षिका व प्रधानाचार्य की प्रताड़ना से आहत होकर बीते गुरूवार को पंखे के हुक से दुपट्टे से लटककर जान दे दी। गुरुवार को बायोलॉजी की परीक्षा में नकल करते पकड़ने पर शिक्षिका ने उसकी न सिर्फ पिटाई की बल्कि सबके सामने अपमानित भी किया। फिर प्रधानाचार्य के पास ले गईं। उन्होंने भी उसी तरह अपमानित किया। इससे आहत यश घर पहुंचा और बिना कुछ कहे घर के सबसे ऊपर वाले कमरे में चला गया और सुसाइड नोट लिखकर पंखे से लटक गया।

छात्र का भावुक सुसाइट नोट

बता दें कि छात्र ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि मैंने पेपर में चीटिंग की। बॉयोलॉजी के पेपर में। मैं मरने जा रहा हूं। इसके लिए मेरे अंकल-आंटी, मम्मी-पापा को दोष मत देना। गलती करने के बाद किसी को एक मौका जरूर देना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं किया गया। मैं अपनी गलती पर खूब रोया। मैं शर्मिंदा था। मेरे साथियों ने भी शेम-शेम बोला। अब मेरा दिमाग मेरे वश में नहीं है। मुझे बुरे ख्याल आ रहे हैं। मैं माता-पिता, साथियों व टीचर्स से सॉरी बोलता हूं।'

नकल करना क्या इतनी बड़ी गलती?

छात्र ने अपने सुसाइट नोट में लिखा कि नकल करना एक गलती हो सकती है, मगर क्या यह इतनी बड़ी गलती है कि इसके लिए उसे प्रताड़ित किया जाए। पिटाई और बेइज्जत किया जाए। अगर ऐसी गलती हो गई है तो क्या उसे दूसरा मौका नहीं दिया जाना चाहिए। ऐसे कई सवालों को समझाने और हम सबको सबक देने के लिए रायबरेली के सातवीं कक्षा के एक छात्र को खुदकुशी करनी पड़ी। उसने सुसाइड नोट में यही सारे सवाल उठाए हैं।

स्कूल की शिक्षिका और प्रिंसिपल पर केस दर्ज

मृतक छात्र के पिता राजीव मौर्या समेत अन्य घरवालों ने आरोप लगाया कि यश यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सका। वहीं इस मामले में सीओ सदर वंदना सिंह का कहना है कि उनकी शिकायत पर प्रधानाचार्य रजनाई डिसूजा और शिक्षिका मोनिका मागो पर केस दर्ज कर लिया गया है।

मृतक के परिजनों में गम का माहौल

यश की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। यश के पिता राजीव मौर्या का कहना है कि अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए बच्चे को रायबरेली में अपने से दूर चाचा के पास रखा था। मुझे क्या पता था कि मेरा बच्चा अध्यापकों की वजह से हमेशा के लिए दूर हो जाएगा।

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