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यूपी में भ्रष्टाचार के खिलाफ DM दफ्तर में धरने पर पत्नी सहित बैठा SDM, किया गया सस्पेंड

Janjwar Desk
25 Sep 2020 3:48 PM GMT
यूपी में भ्रष्टाचार के खिलाफ DM दफ्तर में धरने पर पत्नी सहित बैठा SDM, किया गया सस्पेंड
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एसडीएम विनीत तिवारी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए ये तरीका किया है अख्तियार

धरने पर बैठे एसडीएम विनीत उपाध्याय का आरोप है कि उनसे एक स्कूल की गलत रिपोर्ट लगाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था....

जनज्वार, प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में उस वक्त हलचल मच गई जब एक एसडीएम अपने ही जिले के तमाम उच्च अधिकारियों के खिलाफ धरने पर बैठ गया। गनीमत तब तक रहती जब एसडीएम सिंगल होते वो अपने साथ पत्नी को लेकर धरना देने पहुंच गए। एसडीएम का आरोप है कि उनके ऊपर के अधिकारी उनसे गलत काम करने का दबाव बनाते हैं।

यूपी जैसे रामराज्य में अपने आप मे हुआ ये अनोखा मामला है। इससे पहले की एकता के चर्चे मचते थे। जिले में तैनात एसडीएम विनीत उपाध्याय ने जिले के तमाम बड़े अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। यही नहीं पीसीएस अधिकारी विनीत उपाध्याय डीएम आवास में धरने पर बैठ गए हैं। बड़ी बात ये है कि धरने में एसडीएम का साथ उनकी पत्नी भी दे रही हैं।

प्रतापगढ़ में पत्नी के साथ डीएम आवास में एक एसडीएम के धरने पर बैठने से पूरी यूपी की ब्यूरोक्रेसी में हड़कंप मच गया है। धरने पर बैठे एसडीएम विनीत उपाध्याय का आरोप है कि उनसे एक स्कूल की गलत रिपोर्ट लगाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि जिले के लालगंज इलाके में संचालित स्कूल की एक रिपोर्ट को लेकर अफसरों ने उन पर दबाव बनाया था। ऐसा पीसीएस अधिकारी का आरोप है।

तमाम अटकलों को हवा दे चुकने की शुरुआत कर धरने पर बैठे एसडीएम ने प्रतापगढ़ के डीएम रूपेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा यह भी जा रहा है कि पीसीएस अधिकारी विनीत उपाध्याय ईमानदार छवि के अधिकारी माने जाते हैं। इस घटना के बाद जिलाधिकारी आवास की सुरक्षा टाइट कर दी गई है। मौके से जो तस्वीर सामने आई है, उसमें पीसीएस अधिकारी विनीत उपाध्याय जमीन पर बैठे नजर आ रहे हैं। एसडीएम की तस्वीर में मौजू ये है कि सामने योगी आदित्यनाथ भी हैं, तस्वीर में।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश लगातार भ्रष्टाचार को लेकर नई उपलब्धियां हासिल करता जा रहा है। प्रदेश में इससे पहले कोरोना किट खरीदने में भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ था, जिसके बाद घोटाले में दो अफसर सस्पेंड किए गए थे तथा योगी सरकार ने पूरे मामले की जांच करने के लिए एसआईटी गठित कर दी थी। इसकी जांच का इंतजार समय समाप्ति से कुछ बढ़ ही चुका है।

फिलहाल जिलाधिकारी प्रतापगढ़ रूपेश कुमार ने जनज्वार को अपनी सफाई में बताया की एसडीएम महोदय पूर्व में भी विवादों में रह चुके हैं। एक बार एसोसिएशन में इनका कुछ विवाद भी होना बताया जिसकी जांच भी बिठाई जा चुकी है। डीएम ने कहा कि एसडीएम साब बेकार में बखेड़ा खड़ा कर रहे हैं।

अपने ही डीएम के खिलाफ धरने पर एसडीएम के बैठने के बाद उत्तर प्रदेश की पूरी ब्यूरोक्रेसी पर सवालिया निशान लगने शुरू हो गए थे, जिसके मद्देनजर एसडीएम विनीत उपाध्याय को देर शाम सस्पेंड कर दिया गया।

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