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Allahabad High Court : नाबालिग से शादी के बाद सहमति से सेक्स भी माना जाएगा रेप

Janjwar Desk
13 Oct 2022 4:44 PM IST
Allahabad High Court : नाबालिग से शादी के बाद सहमति से सेक्स भी माना जाएगा रेप, दलील खारिज
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Allahabad High Court : नाबालिग से शादी के बाद सहमति से सेक्स भी माना जाएगा रेप, दलील खारिज

Allahabad high Court Verdict: याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी थी कि उसने नाबालिग की सहमति से पहले शादी की और फिर उससे शारीरिक संबंध बनाए, जिसे सिंगल बेंच ने खारिज कर दिया।

Allahabad high Court Verdict : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 13 अक्टूबर को एक अहम फैसला दिया है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले बताया है कि नाबालिग से शादी ( marriage with minor ) और उसके बाद सहमति से बनाया गया सेक्स ( Consensual sex ) संबंध भी रेप ( Rape ) ही माना जाएगा। ऐसा इसलिए कि नाबालिग से शादी और उसके बाद सहमति से शारीरिक संबंध का कानून की नजर में कोई महत्व नहीं है। नाबालिग से शादी ही अपने आप में जुर्म है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ( Allahabad High court ) की जस्टिस सुधारानी ठाकुर ने कहा कि नाबालिग से शादी के बाद उसकी सहमति से बनाया गया शारीरिक संबंध भी दुष्कर्म ( Rape ) की श्रेणी में ही आता है। इसी के आधार पर अदालत ने दुष्कर्म के आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया।

याची की दलील अदालत को मंजूर नहीं

दरअसल, याचिका में आरोपी की तरफ से दलील दी गई थी कि उसने नाबालिग की सहमति से शादी की और फिर उससे शारीरिक संबंध बनाए हैं। याची के इस दलील को जस्टिस सुधारानी ठाकुर की सिंगल बेंच ने स्वीकार नहीं किया और उसे दुष्कर्म मानते हुए याची की जमानत अर्जी खारिज कर दी। यह मामला वेस्ट चूपी के अलीगढ़ का है। अलीगढ़ के प्रवीण कश्यप की ओर से एक जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। याची के खिलाफ अलीगढ़ के लोढ़ा थाने में अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। याची अधिवक्ता का तर्क था कि लड़की ने पुलिस और कोर्ट के सामने दिए अपने बयान में कहा है कि वह अपनी मर्जी से आरोपी के साथ घर से गई और उसके साथ शादी की। लड़की की सहमति से दोनों ने शारीरिक संबंध बनाए हैं। दोनों पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे हैं।

नाबालिग की सहमति का कोई महत्व नहीं

Allahabad high Court Verdict : इस पर सरकारी वकील ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि स्कूल द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र से घटना के दिन लड़की की उम्र 17 वर्ष थी और वह नाबालिग है। नाबालिक द्वारा दी गई सहमति का कोई महत्व नहीं है। कोर्ट ने कहा कि भले ही लड़की ने अपनी मर्जी से घर छोड़ा और शादी की हो, लड़की की सहमति से दोनों में शारीरिक संबंध बने हों, इसके बावजूद नाबालिग द्वारा दी गई सहमति का कानून की नजर में कोई महत्व नहीं है।

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