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दिल्ली

देश की 'अतिसुरक्षित' तिहाड़ जेल से चल रहा अवैध कारोबार, मोबाइल और इंटरनेट से मांगी जा रही रंगदारी

Janjwar Desk
28 July 2020 10:57 AM GMT
देश की

मौजूदा वक्त में दिल्ली की तिहाड़ जेल गैंगस्टर मंजीत महाल, नीरज बवानिया, जितेंद्र मान, संदीप, छेनू पहलवान व सत्यप्रकाश उर्फ सत्ते समेत कई नामी गिरामी बदमाश बन्द हैं, ये सभी व्हट्सएप्प काल के जरिये मर्डर की सुपारी, रंगदारी, अवैध वसूली, जमीनों पर कब्जा इत्यादि वारदातों को अंजाम दे रहे हैं....

नई दिल्ली। एशिया की अतिसुरक्षित जेल तिहाड़ जिसके बारे में कहा जाता है कि यहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता। बावजूद इसके इस जेल में हर आम ओ खास कैदी बन्दी तक नशा से लेकर मोबाइल फोन तक सब कुछ आसानी से पहुंच रहा है। दिल्ली को क्राइम फ्री बनाने के लिए पुलिस ने अधिकतर बड़े अपराधियों को मकोका के तहत जेल भेज रखा है लेकिन ये बदमाश जेल से ही कारोबारियों को धमकाकर रंगदारी मांग रहे हैं।

ताजा मामला दिल्ली के रोहिणी निवासी दुबई के एक कारोबारी से 5 करोङ रुपये की रंगदारी मांगने का है। इस मांगी गई रंगदारी के तार तिहाड़ जेल से जुड़ रहे हैं। रोहिणी की नार्थ ईस्ट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज हुआ है। पुलिस की तफ्तीश में खुलासा हुआ है कि तिहाड़ में बन्द कुख्यात बदमाश जितेंद्र मान उर्फ गोगी ने जेल से यह रंगदारी मांगी है।

जितेंद्र गोगी और उसके सहयोगी दिनेश कराला को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस ने तिहाड़ जेल में छापा मारकर कई फ़ोन बरामद किए हैं। पता चला है कि आरोपियों ने एप के जरिये वीओआईपी काल के माध्यम से रंगदारी मांगी थी।

मौजूदा वक्त में दिल्ली की तिहाड़ जेल गैंगस्टर मंजीत महाल, नीरज बवानिया, जितेंद्र मान उर्फ गोगी, संदीप उर्फ टिल्लू, नार्थ ईस्ट का इरफान उर्फ छेनू पहलवान व सत्यप्रकाश उर्फ सत्ते समेत कई नामी गिरामी बदमाश बन्द हैं। ये सभी व्हाट्सएप्प काल के जरिये मर्डर की सुपारी, रंगदारी, अवैध वसूली, जमीनों पर कब्जा सहित मांडवाली इत्यादि वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। वहीं कुछ गैंग लूट, डकैती और कार जैकिंग भी जेल से ही करवाते हैं। जिनके गैंग में नए जुड़े लड़के जो मुख्यता नाबालिग होते हैं, इनसे ही वारदातों को अंजाम दिलवाया जाता है।

मंजीत महाल ने मांगे थे 1 करोङ

दिल्ली के विकासपुरी निवासी एक व्यापारी से 8 और 9 जून को एक करोङ की रंगदारी मांगी गई थी। यह साजिश तिहाड़ में बन्द कुख्यात मंजीत महाल ने रची थी जिसमे उसने जेल से बाहर अपने 7 साथियों को कॉन्ट्रैक्ट दिया था। मंजीत के साथी सतेंद्र उर्फ भिंडा ने एक वॉयस मैसेज बनाकर अपने एक साथी को भेजा था। व्यापारी से 7 दिनों के भीतर एक करोङ की रकम देने को कहा गया था। रकम न देने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी।

करोल बाग में मांगे गए 2.5 करोङ

तिहाड़ में बंद 5 लाख रुपये के इनामी वांटेड नीरज बवानिया ने राजेन्द्र नगर के एक व्यवसायी के घर फायरिंग कराई थी। इस फायरिंग में कारोबारी और उसका भतीजा जख्मी हुए थे। छानबीन में पता चला था कि इस हमले के तार तिहाड़ से जुड़े थे। कुख्यात बवानिया ने व्यवसाई से ढाई करोङ की रंगदारी मांगी थी। न देने पर यह हमला कराया गया था। इस हमले में बवानिया गैंग के शार्पशूटर नवीन डबास उर्फ बाली व पत्रकार सौम्या विश्वनाथन मर्डर के दोषी अमित शुक्ला उर्फ गोल्डी ने पूरा जाल बुना था। इसके अलावा इस कांड के 6 आरोपी और थे जिसमे कारोबारी का एक पार्टनर भी शामिल था।

यमुना पार के व्यवसाई से रंगदारी

तिहाड़ में ही बंद बदमाश फैजल शाह उर्फ अनस ने इसी वर्ष जून माह में यमुनापार के वेलकम निवासी एक व्यवसायी से फ़ोन पर रंगदारी मांगी थी। गैंगस्टर ने रकम न मिलने पर कारोबारी के घर पर फायरिंग करवा दी थी। बाद कि जांच में पता चला था कि इस हमले के तार तिहाड़ में बन्द बदमाश अनस से जुड़े थे।

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