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पत्रकारिता के लिए दिए जाने वाले क्रांतिकारी कामरेड शिव वर्मा पुरस्कार के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित

Janjwar Desk
4 Aug 2021 5:30 AM GMT
पत्रकारिता के लिए दिए जाने वाले क्रांतिकारी कामरेड शिव वर्मा पुरस्कार के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित
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कॉमरेड शिव वर्मा शहीदे–आजम भगत सिंह के सहयोगी थे, जिन्हें ब्रिटिश हुक्मरानी ने लाहौर कंसपिरेसी केस–2 में 'काला पानी 'की सजा देकर हिन्द महासागर में अंडमान निकोबार द्वीप समूह के कुख्यात 'सेलूलर जेल' में बंद कर दिया था....

जनज्वार। पीपुल्स मिशन द्वारा स्थापित'क्रांतिकारी कामरेड शिव वर्मा पुरस्कार'के लिए प्रविष्टियाँ एक अगस्त 2021 से शुरू हो गईं हैं।

इन पुरस्कारों की सात केटेगरी के लिए भारत का कोई भी नागरिक अधिकतम एक प्रविष्टि में भारत के किसी भी नागरिक को एक या एक से अधिक केटेगरी में 14 अगस्त को अपराह्न चार बजे तक निम्नलिखित किसी भी तरीके से नामांकित कर सकता है:

1. साधारण डाक या कूरियर से पीपुल्स मिशन के मुख्यालय को पत्र भेजकर: मुख्यालय का पता: शॉप नंबर 1, श्री यमुना अपार्टमेंट्स, अनंतपुर ओवरब्रिज, रांची ( झारखंड ) पिन कोड 834003

2. व्हाट्सअप नंबर 8987506515 पर लिखित सन्देश भेजकर।

3. पीपुल्स मिशन को मेल भेज कर

4. पीपुल्स मिशन के फेसबुक पेज पर

5. ज्यूरी के किन्ही भी सदस्य को लिखित संदेश या पत्र भेज कर।

कॉमरेड शिव वर्मा

कॉमरेड शिव वर्मा (9 फरवरी 1907: 10जनवरी 1997) शहीदे–आजम भगत सिंह के सहयोगी थे, जिन्हें ब्रिटिश हुक्मरानी ने लाहौर कंसपिरेसी केस–2 में 'काला पानी 'की सजा देकर हिन्द महासागर में अंडमान निकोबार द्वीप समूह के कुख्यात 'सेलूलर जेल' में बंद कर दिया था। वह क्रांतिकारी संगठन 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी ' की सेंट्रल कमेटी के सदस्य और उसके उत्तर प्रदेश के मुख्य संगठनकर्ता थे।

क्रांतिकारी कामरेड शिव वर्मा ने उसी जेल में बंद विनायक दामोदर सावरकर (1883-1966) की तरह ब्रिटिश हुक्मरानी को माफीनामा देने से साफ इनकार कर दिया। वह उस कारावास से जीवित बच छूटने वाले अंतिम स्वतंत्रता संग्रामी थे।

शिव वर्मा, स्वतंत्र भारत में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानि सीपीएम (माकपा) के केन्द्रीय हिन्दी मुखपत्र ' लोकलहर ' के संपादक भी रहे। उन्होंने उसी दौरान अनेक दुर्लभ ऐतिहासिक दस्तावेजों के आधार पर 'शहीद भगत सिंह की चुनी हुई कृतियाँ ' पुस्तक संपादित की, जिसका प्रकाशन कानपुर के 'समाजवादी साहित्य सदन' ने सितंबर 1987 में किया था। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी ( सीपीआई ) में विभाजन के बाद 1964 में सीपीएम की स्थापना करने वालों में शामिल प्रखर मजदूर नेता, भालचंद्र त्र्यंबक रणदिवे (1904:1990) यानि बीटीआरने इस पुस्तक की भूमिका लिखी थी।

पीपुल्स मिशन

पीपुल्स मिशन, कम्पनीज एक्ट ऑफ इंडिया (1956 ) में 2016 में भारतीय संसद द्वारा किये संशोधन के अनुरूप प्रस्तावित अलाभकारी विशेष कंपनी है। इसके निदेशक बोर्ड में डाक्टर , साहित्यकार, लेखक, पत्रकार, अर्थशास्त्री, कृषि एवं पर्यावरण विशेषज्ञ, ट्रेड यूनियन वर्कर, पुस्तक प्रकाशक एवं विक्रेता शामिल हैं।

बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष रांची के लोकप्रिय चिकित्सक डॉ राज चंद्र झा हैं। बोर्ड में प्रख्यात पत्रकार रुचिरा गुप्ता , जेएनयू से शिक्षित अर्थशास्त्री एवं द इकोनॉमिक टाइम्सके पूर्व असोसिएट एडिटर जीवी रमन्ना ( आंध्र प्रदेश), यूएनआई एम्पलोईज फेडरेशन के कई बार महासचिव रहे मजदूर नेता एमवी शशीधरण ( केरल ), कृषि विषय के विशेषज्ञ पत्रकार जसपाल सिंह सिद्धू (पंजाब ), फ्रेंच भाषा एवं साहित्यविद रेणु गुप्ता ( वैजाग ) और पत्रकार, पुस्तक लेखक , ट्रेड यूनियन वर्कर, चंद्र प्रकाश झा (सीपी) शामिल हैं.

यूएनआई में करीब 40 बरस पत्रकार के रूप में दिल्ली , लखनऊ , पंजाब , हरियाणा , मुंबई आदि जगह तैनात रहे सीपी को पीपुल्स मिशन का अवैतनिक मैनेजिंग डिरेक्टर और महासचिव बनाया गया हैं। वह मुंबई में स्थापित ट्रस्ट, इंडियन बिजनेस जर्नलिस्ट असोसिएशन ( इबजा ) के संस्थापक महासचिव भी हैं।

ज्यूरी

इन पुरस्कारों के निर्णय के लिए अग्रणी पत्रकार एवं माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय, मध्य प्रदेश के प्रो वायसचांसलर रहे रामशरण जोशी की अध्यक्षता में अनेक संपादकों की ज्यूरी गठित की गई थी। इसके सदस्य संपादकों में शीतल पी सिंह (सत्य हिंदी), अनिल चमड़िया (जनमीडिया), पीयूष पंत (जनज्वार), डाक्टर पंकज श्रीवास्तव ( मीडिया विजिल) महेंद्र मिश्र (जनचौक), सैय्यद हुसैन अफसर (शहरनामा डॉट कॉम, लखनऊ ) और सोशल मीडिया विशेषज्ञ के रूप में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), नई दिल्ली छात्र संघ के अध्यक्ष रहे एवं कोलकाता विश्वविद्यालय के रिटायर प्रोफेसर जगदीश्वर चतुर्वेदी शामिल हैं। इस बार ज्यूरी का विस्तार कर उसमें एक्सप्रेस पोस्ट (मुंबई) के संपादक रोमेल रोड्रिग्स, लोक जतन के संपादक बादल सरोज, दिल्ली की प्रोफेसर शशि शर्मा और स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत टंडन को भी शामिल किया गया है।

पुरस्कार वितरण

  • पिछले वर्ष घोषित सभी पुरस्कार 14 अगस्त 2021 को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में अपराहन 4 बजे से आयोजित किये जा रहे समारोह में प्रदान किये जाएंगे।
  • इसी समारोह में पीपुल्स मिशन द्वारा नवस्थापित क्रांतिकारी पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान के विजेता की घोषणा भी की जाएगी।
  • समारोह में सभी सेक्युलर लोकतांत्रिक नागरिक सादर आमंत्रित हैं। समारोह में कोरोना कोविड पर पीपुल्स मिशन की एक अंग्रेजी और दो हिन्दी पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा।
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