International Labour Day 2022: मई दिवस पर याद आए शिकागो के शहीद, ध्वजारोहण जनसभा व जुलूस का आयोजन

International Labour Day 2022: मई दिवस पर याद आए शिकागो के शहीद, ध्वजारोहण जनसभा व जुलूस का आयोजन
International Labour Day 2022: अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर नगर में विभिन्न संगठनों की ओर से कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। समाजवादी लोक मंच के तत्वाधान में पैंठपड़ाव स्थित मंच कार्यालय पर मजदूर आंदोलन के शहीदों को याद करते हुए सुबह साढ़े आठ बजे झंडारोहण किया गया। साझी विरासत-साझा संघर्ष थीम पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कार्यालय परिसर को लाल पताकाओं व मजदूर आंदोलन के इतिहास के शहीदों के पोस्टरों से सजाया गया। इस मौके पर आयोजित संक्षिप्त सभा के दौरान वक्ताओं ने दुनियां में मजदूर आंदोलन की प्रासंगिकता व उसके उद्भव पर प्रकाश डालते हुए अमेरिका के शिकागो शहर में हुए आंदोलन पर विस्तार से चर्चा करते हुए आंदोलन के शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि दी।
वक्ताओं ने कहा कि जिन संघर्षों के बल पर मजदूरों ने अमानवीय अत्याचारों से छुटकारा पाते हुए अपने अधिकार हासिल किए, उन अधिकारों पर आज खतरा मंडरा रहा है। केन्द्र की मोदी सरकार नए श्रम कानूनों की आड़ में मजदूरों के सभी कानूनी अधिकार खत्म करने जा रही है। इसके लिए देश के मजदूरों को एक मंच पर आकर अपनी लड़ाई लड़नी होगी। इस मौके पर कौशल्या चुनियाल, ललिता रावत, यश अग्रवाल, सरस्वती जोशी, ललित उप्रेती, प्रभात ध्यानी, रोहित रूहेला, भुवन चन्द्र, कमल वर्मा, चन्द्रबल्लभ छीमवाल, गिरीश आर्य, हेम आर्य, शफी अहमद, ज्ञान, मुनीष कुमार, उषा पटवाल, महेश जोशी, जमनराम, किशन शर्मा सहित कई लोग रहे।
दूसरी ओर मई दिवस आयोजन समिति के बैनर तले शहर के कर्मचारी शिक्षकों, सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाल सभा की। संघ भवन, वन परिसर से मई दिवस के शहीद अमर रहें,8 घण्टे का कार्यदिवस जिंदाबाद, श्रम कानूनों में श्रमिक विरोधी तब्दीलियां बन्द करो, पुरानी पेंशन बहाल करो नारों के साथ जुलूस रानीखेत रोड़ से होता हुआ शहीद पार्क लखनपुर में आकर जनसभा में तब्दील हो गया। जनसभा में वक्ताओं ने मजदूर दिवस के इतिहास पर विस्तार से बातचीत रखी।
वक्ताओं का मत था कि वर्तमान में जब कि केंद्र सरकार संघर्षों से प्राप्त अधिकारों, सुविधाओं में कटौती करती जा रही है और श्रमिक विरोधी कानूनों को लागू कर रही है तब और भी मजबूती एकजुट होने की जरूरत है। इस मौके पर नवेन्दु मठपाल, रोहित, चन्द्रबल्लभ छिमवाल, रवि, प्रभात ध्यानी, मुनीश कुमार, गिरीश आर्या, गिरीश मैंदोला, सुमित कुमार, अंजलि रावत, सुभाष गोला, हेमचन्द्र, बालकृष्ण चंद मौजूद रहे।
सावित्रीबाई फुले स्कूल पुछड़ी में भी मई दिवस के अवसर पर बच्चों के साथ मजदूरों के जीवन पर आधारित थिएयर एक्टिविटी की गई। थिएयर एक्टिविस्ट ललित बिष्ट ने बच्चों को रंगमंच की बारीक जानकारियां दी। बच्चों द्वारा सामूहिक रूप से सफदर हाशमी लिखित गीत पढ़ना लिखना सीखो गाया गया।





