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Justice Pardiwala: नूपुर शर्मा मामले में ट्रोल हुए जस्टिस पारदीवाला तो कहा सोशल मीडिया पर लगाम लगाना बहुत जरूरी

Janjwar Desk
4 July 2022 12:51 AM IST
Justice Pardiwala: नूपुर शर्मा मामले में ट्रोल हुए जस्टिस पारदीवाला तो कहा सोशल मीडिया पर लगाम लगाना बहुत जरूरी
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Justice Pardiwala: नूपुर शर्मा मामले में ट्रोल हुए जस्टिस पारदीवाला तो कहा सोशल मीडिया पर लगाम लगाना बहुत जरूरी

justice pardiwala : नूपुर शर्मा को उदयपुर हत्याकांड का जिम्मेदार बताकर ट्रोल हुए जस्टिस पारदीवाला ने कहा सोशल मीडिया पर लगाम लगाना बहुत जरूरी

justice pardiwala : उदयपुर हत्याकांड के लिए भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा को जिम्मेदार ठहराकर कड़ी फटकार लगाने वाले जस्टिस पारदीवाला ने कहा है कि सोशल मीडिया पर लगाम लगायी जानी जरूरी है। गौरतलब है कि नूपुर शर्मा मामले में सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट के जजों को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा था।

पैगंबर मोहम्मद पर नूपुर शर्मा की टिप्पणी को उदयपुर हिंसा का जिम्मेदार बताने वाले सुप्रीम कोर्ट के जजों में से एक जस्टिस जेबी पारदीवाला ने कहा कि संवेदनशील मसलों पर सोशल मीडिया ट्रायल के जरिए न्यायिक प्रक्रिया में अनुचित हस्तक्षेप किया जाना बिल्कुल ठीक नहीं है। नूपुर शर्मा मामले में जजों पर उनके फैसलों को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग कर व्यक्तिगत हमले करना देश को एक खतरनाक दिशा में ले जाता है।

गौरतलब है कि सोशल मीडिया खासकर ट्वीटर पर सुप्रीम कोर्ट के जजों जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस सूर्यकांत को नूपुर शर्मा की याचिका पर सुनवाई के दौरान उनकी कड़ी टिप्पणियों के बाद निशाना बनाया जा रहा है। उन्हें कांग्रेसी ठहराकर यह जताया जा रहा है कि नूपूर शर्मा पर टिप्पणी अनुचित है। गौरतलब है कि नूपुर शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी कि देशभर में उनके खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया जाये, साथ ही नूपुर ने अपनी याचिका में जान को खतरा भी बताया था।


गौरतलब है कि नूपुर शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जजों जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस सूर्यकांत ने लताड़ लगाते हुए तल्ख टिप्पणियां की थीं। जजों ने सुनवाई के दौरान कहा था नूपुर की पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी के बाद देश में हिंसा का माहौल बना और उदयपुर के जघन्य हत्याकांड के लिए वह अकेले जिम्मेदार हैं, क्योंकि उन्हीं के कमेंट के बाद देश भर में लोगों की भावनाएं भड़की थीं। जजों ने सुनवायी के दौरान यह भी कहा था कि पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की टिप्पणी सस्ते प्रचार, राजनीतिक एजेंडे या कुछ नापाक गतिविधियों के लिए की गई थी।

नूपुर शर्मा की याचिका पर कड़ी टिप्पणी करने के बाद जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस सूर्यकांत को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा था। इसी के बाद रविवार 3 जुलाई को CAN फाउंडेशन द्वारा पूर्व जस्टिस एचआर खन्ना की याद में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में बोलते हुए जस्टिस जेबी पारदीवाला ने कहा कि संविधान के तहत कानून के शासन को बनाए रखने के लिए पूरे देश में डिजिटल और सोशल मीडिया को रेगुलेट करने की सख्त जरूरत है। भारत में जिसे पूरी तरह से परिपक्व लोकतंत्र के रूप में परिभाषित नहीं किया जा सकता है, सोशल मीडिया का इस्तेमाल अक्सर विशुद्ध कानूनी और संवैधानिक मुद्दों का राजनीतिकरण करने के लिए किया जा रहा है। संसद को इस पर लगाम लगाने के बारे में सोचना चाहिए।

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