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NCRB Report: एनसीआरबी की रिपोर्ट में खुलासा, सड़क दुर्घटना में 3 सालों में 3.93 लाख लोगों की मौत

Janjwar Desk
20 Sep 2021 10:53 AM GMT
NCRB ने अपनी 2020 की वार्षिक क्राइम इंडिया रिपोर्ट पेश
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(NCRB ने पेश कीअपनी 2020 की वार्षिक क्राइम इंडिया रिपोर्ट, तीन साल में 3 लाख से ज्यादा सड़क हादसे) 

NCRB Report: मौतों का आंकड़ा इतना ज्यादा तब है, जब बीते साल कोरोना महामारी के कारण पूरे देश में लॉकडाउन लगा हुआ था...

NCRB Report जनज्वार। सड़क दुर्घटना ( Road Accident) पर राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट ( NCRB report on road accident) सामने आई है जिसमें NCRB ने 2020 के अपनी वार्षिक (annual ) 'क्राइम इंडिया' (Crime India) रिपोर्ट में यह खुलासा किया है।

भारत में सड़क दुर्घटना एक गंभीर मामला है। रोज लापरवाही के कारण कई सड़क हादसे के मामले सामने आते हैं। इसी कड़ी में एनसीआरबी ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया। भारत में 2020 में लापरवाही के कारण हुई सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित मौत के 1.20 लाख मामले दर्ज किए गए। सरकारी आंकड़ों (Road Accidents) के अनुसार कोविड-19 लॉकडाउन के बावजूद हर दिन औसतन 328 लोगों ने सड़क हादसों में अपनी जान गवाई। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि 3 साल में 3.92 लाख लोगों की जान गई है। 2020 में सड़क दुर्घटनाओं में 1.20 लाख जाने गई जबकि 2019 में यह आंकड़ा 1.36 लाख और 2018 में 1.35 लाख था।

एनसीआरबी की रिपोर्ट

केंद्रीय गृह मंत्रालय (ministry of home affairs) के तहत काम करने वाले NCRB ने अपनी 2020 की वार्षिक क्राइम इंडिया रिपोर्ट पेश की जिसमें बताया गया, पिछले 3 साल में 3.92 लाख लोग सड़क दुर्घटना का शिकार हुए और उन्हें अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार 2020 में मौत का आंकड़ा 1.20 लाख था जबकि 2019 में 1.36 और 2018 में 1.35 लाख था।

हैरान कर देने वाली बात यह है कि मौतों का आंकड़ा इतना ज्यादा तब है, जब बीते साल कोरोनावायरस महामारी के कारण पूरे देश में लॉकडाउन लगा हुआ था।

हिट एंड रन के 1।35 लाख मामले

रिपोर्ट से पता चलता है कि 2018 के बाद से 'हिट एंड रन' (hit and run) यानी टक्कर मारकर भागने के 1।35 लाख केस दर्ज हुए हैं। केवल 2020 में ही हिट एंड रन के 41,196 मामले सामने आए। जबकि 2019 में ऐसे 47,505 और 2018 में 47,028 मामले दर्ज किए गए थे। आंकड़ों के अनुसार पिछले 1 साल में देश भर से हर दिन हिट एंड रन के औसतन 112 मामले सामने आए हैं।

लापरवाही के कारण दुर्घटना

सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण है सावधानी ना बरतना। लापरवाही के कारण सबसे ज्यादा लोग सड़क हादसों का शिकार होते हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि सार्वजनिक मार्ग पर तेज गति से और लापरवाही से वाहन चलाने से चोट लगने व घायल होने का मामला 2020 में 1.30 लाख था। 2019 में यह आंकड़ा 1.60 लाख और 2018 में 1.66 लाख था।

रिपोर्ट में बताया गया 2020 में 85,920 लोगों को गंभीर रूप से चोट लगी। 2019 में गंभीर रूप से घायल होने वाले लोगों की संख्या 1.12 लाख और 2018 में 1.08 लाख थी।

रेल हादसों में मौत के आंकड़े

एनसीआरबी (NCRB) के रिपोर्ट के अनुसार देशभर में 2020 में रेल दुर्घटनाओं में लापरवाही से होने वाली मौतों के 52 केस दर्ज किए गए। इससे पहले वर्ष 2019 में यह आंकड़ा 55 और 2018 में रेल हादसों में हुई मौतों के 35 मामले दर्ज हुए थे।

चिकित्सा में लापरवाही के कारण मौत

एनसीआरबी ने अपनी रिपोर्ट में बताया, देश में 2020 के दौरान चिकित्सा में लापरवाही के कारण मौतों के 133 मामले सामने आए। जबकि 2019 में यह आंकड़ा 201 और 2018 में 218 था।

रिपोर्ट की माने तो 2020 में नागरिक निकायों की लापरवाही के चलते मौतों के 51 मामले दर्ज किए गए थे। 2019 में ऐसे मामलों की संख्या 147 और 2018 में 40 थी। आंकड़ों में बताया गया कि 2020 में देश भर में "अन्य लापरवाही के कारण मौत" के 6,367 मामले सामने आए। 2019 में यह संख्या 7,912 और 2018 में 8687 थी। इस रिपोर्ट से पता चलता है कि प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटना के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। जिसका सबसे बड़ा कारण लापरवाही है।

लॉकडाउन के दौरान दुर्घटना

एनसीआरबी की रिपोर्ट में कहा गया, देश में 25 मार्च 2020 से 31 मई 2020 तक पूरी तरह कोविड-19 लॉकडाउन लागू रहा। इस दौरान सार्वजनिक स्थानों पर आवाजाही बहुत सीमित थी इसके बावजूद हादसों की संख्या में कोई कमी नहीं आई। लॉकडाउन के दौरान भी 2020 में सड़क दुर्घटनाओं में हुई मौतों के 1।20 लाख केस सामने आए। रिपोर्ट में कहा गया कि महिलाओं बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराधों, चोरी, लूट, डकैती और झटपटमारी के मामलों में गिरावट आई।

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