राष्ट्रीय

Kapoorthala Corruption News : कैदियों के हिस्से का 50 किलो नींबू "साहब गटक गए", अब सरकार ने की ये कार्रवाई

Janjwar Desk
7 May 2022 7:15 AM GMT
Punjab Corruption News :  कैदियों के हिस्से का 50 किलो नींबू साहब गटक गए, अब सरकार ने की ये कार्रवाई
x

Punjab Corruption News : कैदियों के हिस्से का 50 किलो नींबू "साहब गटक गए", अब सरकार ने की ये कार्रवाई

Kapoorthala Corruption News : गबन के इस पूरे प्रकरण का खुलासा तब हुआ, जब कैदियो की ओर से मिल रही शिकायत के चलते एक मई को डीआईजी के माडर्न जेल में जांच के लिए पहुंचे थे...

Kapoorthala Corruption News : कपूरथला में जेल के कैदियों के लिए 50 किलो नींबू खरीद में गड़बड़ी (Kapoorthala Corruption News) करने के मामले में पंजाब के जेल मंत्री हरजो बैंस ने कपूरथला माडर्न जेल के अधीक्षक गुरनाम लाल को निलंबित कर दिया है। जांच समिति की रिपोर्ट के मुताबिक जेल अधिकारी ने कैदियो के लिए मंगवाए जाने वाले राशन में 50 किलोक्राम नींबू की खरीद (Kapoorthala Corruption News) दिखायी थी। ये नींबू 15 से 30 अप्रैल के बीच खरीदे गए थे। उस समय नींबू की कीमत 200 रुपए प्रति किलोग्राम से उपर थी। अमर उजाला की एक रिपोर्ट के मुताबिक जब इस बारे में कैदियों से पूछा गया कि क्या उन्हें भोजन के दौरान नींबू मिले थे? तो उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान उन्हें कभी नींबू नहीं परोसे गए।

गबन के इस पूरे प्रकरण का खुलासा तब हुआ, जब कैदियो की ओर से मिल रही शिकायत के चलते एक मई को डीआईजी के माडर्न जेल में जांच के लिए पहुंचे थे। डीआईजी के साथ लेखा अधिकारी ने जांच में पाया कि सुपरिटेंडेंट गुरनाम लाल ने 15 से 30 अप्रैल के बीच 50 किलो नींबू खरीदे थे (Kapoorthala Corruption News), उस समय बाजार में नींबू की कीमत 200 रुपए प्रति किलो से अधिक थी।

दूसरी ओर जब कैदियों से नींबू के बारे में पूछा गया तो उन्होंने दावा किया कि रसोई में नींबू का कभी इस्तेमाल नहीं हुआ। इस खुलासे के बाद कपूरथला जेल अधीक्षक गुरनाम लाल को निलंबित कर दिया गया है। इसकी पुष्टि करते हुए एडीजीपी जेल वरिंदर कुमार ने बताया है कि जेल अधीक्षक का चार्ज शिवराज सिंह को दिया गया है। जल्द ही नए ​अधिकारी की तैनाती की ​जाएगी।

पंजाब में भ्रष्टाचार के इस मामले में मामले (Kapoorthala Corruption News) के बारे में जांच पैनल की ओर से जेल मंत्री को सौंपी गयी रिपोर्ट में दवा की अनुपलब्धता, परिसर के खराब रखरखाव और मातहत अधिकारियों पर नियंत्रण की कमी का भी उल्लेख किया गया है। इस औच जांच में पता चला है कि जेल सुपरिटेंडेंट का जेल प्रशासन पर नियमावली के अनुसार पूर्ण कंट्रोल नहीं था। अधिकारी को जेल में कुप्रबंधन और धन के उपयोग में गबन की रिपोर्ट के अलावा अपने कत्तव्यों और जेल प्रशासन के प्रति भी लापरवाह पाया गया है। इस कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

Next Story