UKSSSC भर्ती घोटाले में जमानत पर छूटते आरोपियों के बीच कितना कारगर होगा अंकिता के हत्यारों पर गैंगस्टर एक्ट !

Ankita Murder Case में चौंकाने वाला खुलासा, वेश्यावृति और ड्रग्स का अड्डा था पुलकित का रिसॉर्ट वनन्तरा
UKSSSC Bharti SCAM and Ankita Murder case : अंकिता हत्याकांड को लेकर पौड़ी जिले में आई नवनियुक्त एसएसपी श्वेता चौबे की काम संभालते ही हत्यारोपियों पर की गई गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही क्या अंकिता हत्याकांड में मील का पत्थर बन सकेगी ? यह सवाल इसलिए भी मौजू है कि उत्तराखंड में भर्ती घोटाले के सामने आने के बाद सड़कों पर उतरे युवाओं के गुस्से को देखते हुए इस घोटाले के गिरफ्तार आरोपियों पर भी बड़ी कार्यवाही का दावा किया गया था।
जिस समय अंकिता हत्याकांड के आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही की जा रही थी, उसी समय तक भर्ती घोटाले में हुई कथित "कड़ी कार्यवाही" के बाद भी आरोपियों का जमानत पर छूटने का सिलसिला जारी था। इसके साथ ही अंकिता हत्याकांड के मुख्य आरोपी पुल्कित आर्य के रिजॉर्ट से सटी फैक्ट्री में पिछले ही दिन बिना बिजली कनेक्शन के हुए शॉर्ट सर्किट से लगी कथित आग और विधानसभा सचिवालय में हुई भर्तियों की बर्खास्तगी के बाद उनकी वाया हाईकोर्ट से हो रही वापसी भी सरकार के इक़बाल की कहानी खुद बता रही है।
मालूम हो कि सरकार की ओर से सामान्य प्रशासनिक तबादलों के बीच दो दिन पहले चर्चाओं में रहे पौड़ी जिले के डीएम और एसएसपी को हटा दिया गया था। जिले की नई एसएसपी के काम संभालने से ठीक पहले ही अंकिता हत्याकांड के मुख्य आरोपी पुल्कित आर्य की फैक्ट्री में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई थी। शॉर्ट सर्किट से बताई जा रही इस आग का यह सच भी आग लगने के कुछ ही देर बाद सामने आ गया था कि इस फैक्ट्री का बिजली कनेक्शन ही बीते चालीस दिन से कटा हुआ था।
इसी बीच जिले की नई एसएसपी श्वेता चौबे ने काम संभालते ही अंकिता हत्याकांड के तीनों आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही कर दी। एसएसपी श्वेता चौबे ने लक्ष्मणझूला थाने की पुलिस को तीनों मुख्य आरोपियों पुलकित आर्य सहित अंकित और सौरभ के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश देने के बाद यह भी कहा कि अंकिता हत्याकांड के दोषियों पर गैंग्स्टर एक्ट लगने के साथ ही उनकी परिसंपत्तियों की जांच भी की जाएगी व तीनो आरोपियों की सम्पति जब्त की जाएगी। लेकिन एसएसपी के कड़ी कार्यवाही कर अपराधियों की कमर तोड़ने के इन दावों के बीच उत्तराखंड भर्ती घोटाले के आरोपियों का एक एक करके जमानत पर छूटने का सिलसिला शक पैदा कर रहा है कि पुलिस की ताजा कार्यवाही के बाद भी हत्यारोपियों को लंबे समय तक जेल रखा जा सकेगा।
बता दें कि पौड़ी जिले के नांदलस्यू पट्टी के श्रीकोट की रहने वाली अंकिता भंडारी (19) ऋषिकेश के बैराज चीला मार्ग पर गंगा भोगपुर में स्थित वनन्तरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी करती थी। मृतक अंकिता भण्डारी इस रिजॉर्ट में 28 अगस्त से नौकरी कर रही थी। बीती 18 सितंबर को अंकिता भण्डारी रहस्यमय तरीके से लापता हो गई। जिसके बाद रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य ने राजस्व पुलिस चौकी में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। 22 सितंबर तक अंकिता का कुछ पता नहीं चला जिसके बाद मामला लक्ष्मणझूला थाना पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया।
मामला सामने आने के बाद रिजॉर्ट मालिक ने ही राजस्व क्षेत्र में अंकिता भंडारी की गुमशुदगी दर्ज करवाई गई थी। उसके बाद 19 साल की अंकिता का शव बीते 24 सितंबर को ऋषिकेश के नजदीक चिल्ला नहर से बरामद किया गया था। वनंतरा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके अन्य दो साथियों ने रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या 18 सितंबर की रात को ही कर दी थी और लाश नहर में फेंक दी थी। इस मामले में पुल्कित के रिजॉर्ट पर चले बुलडोजर और अज्ञात लोगों द्वारा की गई आगजनी को सबूत नष्ट करने की कार्यवाही माना गया था।
हत्यारे क्योंकि पुलिस की पकड़ में आ चुके थे तो बड़ा सवाल यह था कि आखिर वह वीवीआईपी कौन था, जिसको स्पेशल सर्विस दिए जाने का दबाव अंकिता की जिंदगी में उस पर डाला जा रहा था और इसी स्पेशल सर्विस को न करने के कारण अंकिता को अपनी जान गंवानी पड़ी। करीब डेढ़ महीने की जांच के बाद भी इस खास मेहमान का नाम सामने नहीं आ सका है, जिससे उसके प्रभावशाली होने का अंदाजा लगाया जा सकता है। ऐसे में इस खास मेहमान के नाम के खुलासे की जगह जेल में बंद आरोपियों पर ही गैंगस्टर एक्ट की धारा बढ़ाए जाने से क्या इस केस का अनसुलझा रहस्य सामने आ पाएगा, इस पर सवाल उठ रहे हैं।
अंकिता हत्याकांड से ठीक पहले की बात करें तो उत्तराखंड की सरकारी नौकरियों के लिए हुई परीक्षाओं में हुए भर्ती घोटाले और विधानसभा सचिवालय में चहेतों को रेवड़ियों की तरह बांटी गई नौकरियों के खिलाफ पूरे प्रदेश के युवा सड़कों पर थे। युवाओं का आक्रोश देखते हुए उस समय भर्ती घोटाले के आरोपियों को जिस तेजी से एक के बाद लगातार गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा था, उस समय भी इन पर बेहद कड़ी कार्यवाही की बात की जा रही थी। इतना ही नहीं, विधानसभा सचिवालय में हुई भर्तियों को भी एक झटके में निरस्त करते हुए नौकरी कर रहे लोगों को बाहर का रास्ता दिखाकर वाहवाही लूटी गई थी। लेकिन नौकरी से हटाए गए लोगों की वाया हाई कोर्ट हो रही वापसी और भर्ती घोटाले में जेल भेजे गए आरोपियों की एक के बाद एक करके होती जमानतो से पिछली कड़ी कार्यवाही का सच सामने आने लगा है। इसलिए गैंगस्टर एक्ट की इस कार्यवाही को भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
आम आदमी पार्टी ने नौकरियों में हुए भर्ती की धांधलियों में सरकार तक के शामिल होने का इल्जाम लगाया है। आम आदमी पार्टी के नेता जोत सिंह बिष्ट ने भर्ती धांधलियों को लेकर सरकार पर आरोपियों के साथ मिलीभगत का यह इल्जाम लगाते हुए कहा है कि पहले विधानसभा में बैकडोर नियुक्ति वालों को सुरक्षित कानूनी रास्ता दिया गया। और अब यूकेएसएसएससी मामले के आरोपियों को आसानी से जमानत मिलने से सरकार की पोल खुल गई है।
बिष्ट ने कहा कि विधानसभा भर्ती घोटाले में सरकार और विधानसभा अध्यक्ष ने त्वरित कार्यवाही के नाम पर खूब उस समय जमकर वाहवाही बटोरी लेकिन जानबूझकर छोड़े गए लूप होल्स की वजह से सरकार ने इन्हें फिर बैकडोर से नियुक्ति दे डाली। इन नियुक्ति देने वाले लोगों के खिलाफ भी कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसी तरह यूकेएसएसएससी मामले में गिरफ्तार 42 आरोपियों में से 19 अब तक जमानत पर बाहर आ चुके हैं। अंकिता हत्याकांड पर भी आप नेता बिष्ट की यही राय है कि गंगाभोगपुर स्थित रिजॉर्ट में पहले बुल्डोजर चला कर सुबूत नष्ट किए गए। उसके बाद बचे खुचे सबूत मिटाने के लिए रिजॉर्ट से सटी फैक्ट्री को ही फूंक दिया गया।
बिष्ट ने इस सारी कवायद को उसी वीवीआईपी को बचाने के लिए की गई कार्यवाही बताया है जिसके लिए रिजॉर्ट में अनैतिक काम का दबाव बनाया जा रहा था। यहां तक जांच पर भी शंका करते हुए उन्होंने अंकिता हत्याकांड की तटस्थ जांच और वीवीआईपी को गिरफ्तार करने की मांग भी उठाई है।





