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उत्तर प्रदेश

फेसबुक की डीपी में पाकिस्तान का झंडा लगाने के आरोप में बरेली के प्रोफेसर के खिलाफ केस दर्ज

Janjwar Desk
11 July 2020 1:30 AM GMT
फेसबुक की डीपी में पाकिस्तान का झंडा लगाने के आरोप में बरेली के प्रोफेसर के खिलाफ केस दर्ज
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इस मामले पर महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के आरोपी प्रोफेसर का कहना है कि उन्होंने यह सब जानबूझकर नहीं किया....

बरेली। उत्तर के बरेली में एक प्रोफेसर को अपनी फेसबुक थीम पर कोविड-19 से सुरक्षा के मैसेज के साथ पाकिस्तान का नक्शा और झंडा लगाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। विश्व हिंदू परिषद के नेता नीरू भारद्वाज की शिकायत पर बारादरी थाने में यह मामला दर्ज किया गया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक विश्व हिंदू परिषद के नेता आरोप लगाया है कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय में भौतिक विज्ञान के एक प्रोफेसर ने मंगलवार को अपने फेसबुक डीस्प्ले पिक्चर में जो तस्वीर लगाई थी, उसमें पाकिस्तान का नक्शा और झंडा था, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।

वहीं इस मामले पर महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के आरोपी प्रोफेसर का कहना है कि उन्होंने यह सब जानबूझकर नहीं किया। उन्होंने कहा, 'मैंने दरअसल फेसबुक पर कोविड-19 थीम से जुड़ी प्रोफाइल तस्वीर लगाई थी, जिसमें हरे रंग का नक्शा और झंडा भी था। मैंने जल्दबाजी में तस्वीर पोस्ट की और उस ध्यान नहीं दिया कि वह पाकिस्तान का नक्शा और झंडा है। मेरे एक दोस्त ने मुझसे इस बारे में पूछा तो मैंने उसे तुरंत डिलीट करके गलती मान ली। मैंने यह जानबूझकर नहीं किया था।'

वह कहते हैं कि लेकिन मेरे डिलीट करने से पहले ही मेरे प्रोफाइल के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के छात्र संगठन एबीवीपी ने प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हुए यूनिवर्सिटी के वीसी को ज्ञापन सौंपा है।

एबीवीपी की बरेली इकाई के सचिव राहुल चौहान का कहना है कि हम प्रोफेसर को सस्पेंड कराना चाहते थे। बारादरी के एसएचओ शितांशु शर्मा कहते हैं, 'प्रोफेसर के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह धारा आपत्तिजनक कंटेट को प्रसारित और प्रकाशित करने से जुड़ी है।'

पुलिस का कहना है कि प्रोफेसर ने विश्वविद्यालय के कुलपति अनिल कुमार शुक्ला से माफी मांगी है। यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर अनिल शुक्ला का कहना है, 'इस मामले पर उन्होंने (प्रोफेसर) ने अपना जवाब दे दिया है। हम इस मामले को कार्यकारी परिषद की बैठक में इसे रखेंगे। परिषद इस पर फैसला लेगी कि क्या किया जाना चाहिए।'

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