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उत्तर प्रदेश

श्मशान घाट हादसा: मुख्य आरोपी ठेकेदार अजय त्यागी ने कबूला-अधिकारियों को देता था 30 प्रतिशत कमीशन

Janjwar Desk
5 Jan 2021 6:31 PM GMT
श्मशान घाट हादसा: मुख्य आरोपी ठेकेदार अजय त्यागी ने कबूला-अधिकारियों को देता था 30 प्रतिशत कमीशन
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घटना के बाद से फरार चल रहे त्यागी पर 25 हजार रुपये का इनाम रखा गया था, लंबी पूछताछ के बाद पुलिस ने मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश किया, वहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया...

जनज्वार। उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद स्थित मुरादनगर में हुए श्मशान घाट हादसे के लिए जिम्मेदार ठेकेदार अजय त्यागी को मंगलवार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उसने पुलिस की पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। उसने बताया है कि ठीकेदारी में अधिकारियों को वह 30 पर्सेंट का कमीशन दिया करता था।

इससे पहले पुलिस ने सोमवार देर रात ठेकेदार अजय त्यागी को गिरफ्तार कर लिया था। घटना के बाद से फरार चल रहे त्यागी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी रखा गया था। लंबी पूछताछ के बाद पुलिस ने मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

उधर घटना के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्माण कार्य में हुए सरकारी धन के नुकसान और मृतकों के परिवार को दी जा रही सहायता राशि की भरपाई जिम्मेदार ठेकेदार और अधिकारियों से करने के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद स्थित मुरादनगर में श्मशान घाट के गलियारे की छत गिरने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी व ठीकेदार के ऊपर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था।

वहीं श्मशान घाट मौत मामले में स्थानीय पालिका की अधिशासी अधिकारी (ईओ) निहारिका सिंह, अवर अभियंता चंद्रपाल और सुपरवाइजर आशीष को सोमवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया था। इन सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया था।

मुरादनगर श्मशान घाट परिसर में रविवार दोपहर गैलरी की छत गिरने से जहां 25 लोगों की मौत हो गई थी, वहीं हादसे में 40 से अधिक लोग मलबे में दब गए थे। हादसे का शिकार हुए सभी लोग मुरादनगर के डिफेंस कॉलोनी निवासी फल विक्रेता जयराम की अंत्येष्टि में शामिल होने पहुंचे थे।

अंत्येष्टि के बाद सभी गेट से सटी गैलरी में मौन धारण करने के लिए जमा हुए थे। तभी यह हादसा हो गया था। इस मामले में जयराम के बेटे दीपक की तहरीर पर पुलिस ने नगर पालिका ईओ, जेई, सुपरवाइजर, ठेकेदार व अन्य अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, सरकारी पैसे का गबन व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था।

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