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उत्तर प्रदेश

बाइक सवार बदमाशों ने सपा नेता के भाई पूर्व प्रधान की कर दी गोली मार हत्या, पुलिस घाटी के नीचे देती रही पहरा

Janjwar Desk
20 Nov 2020 7:16 PM GMT
बाइक सवार बदमाशों ने सपा नेता के भाई पूर्व प्रधान की कर दी गोली मार हत्या, पुलिस घाटी के नीचे देती रही पहरा
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बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां दाग सपा नेता के भाई और पूर्व प्रधान को उतार दिया मौत के घाट

हमले में राजेश यादव बुरी तरह घायल हो गए और लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गए। घायल राजेश यादव को मण्डलीय अस्पताल भर्ती कराया गया, हालत गंभीर होती देख ट्रामा सेंटर वाराणसी के लिए रेफर कर दिया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी....

पवन जायसवाल की रिपोर्ट

मिर्जापुर, जनज्वार। मिर्जापुर देहात कोतवाली क्षेत्र के बेलहरा मोड़ के पास बाइक सवार बदमाशों ने शुक्रवार 20 नवंबर को पूर्व प्रधान को गोली मार दी, जिससे क्षेत्र में हड़कम्प मच गया। घटना में पूर्व प्रधान गंभीर रूप से घायल हो गया और इलाज के दौरान मौत भी हो गयी।

जानकारी के मुताबिक पूर्व प्रधान राजेश यादव पुत्र जोखू यादव उम्र 42 वर्ष, जिनका ढाबा बीएचयू साउथ कैम्पस के ठीक सामने है, शुक्रवार 20 नवंबर की रात्रि लगभग आठ बजे स्कूटी से अपने घर वापस जा रहे थे। बेलहरा मोड़ के पास किसी कारण से रुके हुए थे और इसी बीच पहले से घात लगाए अज्ञात बदमाशों ने राजेश यादव के ऊपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी। इस हमले में राजेश यादव बुरी तरह घायल हो गए और लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गए। घायल राजेश यादव को मण्डलीय अस्पताल भर्ती कराया गया। मण्डलीय अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होती देख ट्रामा सेंटर वाराणसी के लिए रेफर कर दिया और इलाज के दौरान मौत हो गयी।

राजेश यादव तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर हैं। इनके सबसे बड़े भाई सुरेश यादव सपा के नेता व पूर्व सभासद हैं तो छोटे भाई राकेश यादव पहलवानी करते हैं। राजेश यादव को दो बेटे और बेटियां है। सबसे बड़ा पुत्र शिवपाल यादव बिनानी कॉलेज का पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुका है।

कोतवाली देहात के बरकछा चौकी का बेलहरा से लेकर बीएचयू तक का क्षेत्र डेंजर जोन में तब्दील हो गया है। यहां आये दिन किसी पर भी गोलियां चलनी आम बात हो गयी है। सवाल उठते हैं कि आखिर बरकछा पहाड़ी वाले इलाके में ही क्यों दागी जाती है, जबकि घाटी के नीचे उतरने पर हमेशा पुलिस की टीम गस्त में लगाती रहती है।

पुलिस हमेशा घाटी के नीचे मौजूद रहती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब पुलिस की मौजूदगी घाटी में रहती ही है तो बदमाश आखिर आते कहां से हैं। अपराधी घटना को अंजाम देते हैं और पुलिस घटना घटित होते ही तुरन्त अग्रिम कार्यवाही के लिए पहुंच जाती है। पूर्व प्रधान और सपा नेता की हत्या मामले को लोग किसी साजिश से जोड़कर देख रहे हैं।

देहात कोतवाली क्षेत्र के बरकछा पहाड़ी पर स्थित बीएचयू साउथ कैम्पस में हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए हजारों किलोमीटर दूर से आते हैं। कैम्पस घाटी के ऊपर बसे जंगल के बीच में स्थित है, जहाँ पर आए दिन हत्या-लूट जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जाता है। वहीं दूसरी तरफ आपराधिक घटनाओं को देखते हुए पुलिस घाटी के नीचे तीन सिपाहियों की ड्यूटी लगा देती है। कैम्पस के आसपास पीआरवी वाहन कभी कभार देखने को मिल जाता है। बरकछा घाटी अपराधियों के लिए वरदान साबित हो रही है, मगर बजाय पहले से सतर्कता बरतने के कांड होते ही पुलिस वहां उपस्थित हो जाती है।

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