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उत्तर प्रदेश

साल 2020 के टॉप 5 क्राइम, जो उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की करा गए किरकिरी

Janjwar Desk
31 Dec 2020 9:53 AM GMT
साल 2020 के टॉप 5 क्राइम, जो उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की करा गए किरकिरी
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योगी सरकार में 5 ऐसी बड़ी वारदातें घटित हुईं जिसने योगिराज की पूरी तरह से किरकिरी कराई, किरकिरी ऐसी हुई की कश्मीर से कन्याकुमारी तक हाहाकार मचा रहा....

मनीष दुबे की रिपोर्ट

जनज्वार ब्यूरो। ऐसे तो उत्तर प्रदेश में कई ऐसी घटनाएं हुईं जिससे यहां जंगलराज जैसा माहौल नजर आता रहा। मार्च में कोरोना महामारी के बाद लगे लॉकडाउन के बावजूद भी प्रदेश में अपराध, लूटमार, हत्या, बलात्कार, छेड़खानी जैसी सैंकड़ों वारदातें होती रहीं। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने इसके बाद भी खुद की सरकार को सरीखा रामराज्य बताने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।

तमाम घटनाओं के बाद भी राज्य में 5 ऐसी बड़ी वारदातें घटित हुईं जिसने योगिराज की पूरी तरह से किरकिरी कराई। किरकिरी ऐसी हुई की कश्मीर से कन्याकुमारी तक हाहाकार मचा रहा। कानपुर, हाथरस, गाजियाबाद इत्यादि जनपदों में हुई जघन्य वारदातों सहित लव जिहाद का जिन्न भी रह-रहकर इस कदर सामने आया कि सरकार को इसके लिए विशेष अध्यादेश लाना पड़ा।

पहली घटना कानपुर के बिकरु कांड के रूप में सामने आई। 2 जुलाई 2020 की रात घटी इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। इस कांड में एक सीओ समेत 8 पुलिसकर्मियों को बेरहमी से गोलियां मारकर भून दिया गया था। इस खूनी वारदात के मास्टरमाइंड कुख्यात विकास दुबे को तमाम लुकाछिपी के बाद मध्यप्रदेश के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया था। बाद में विकास का सफर कानपुर में ही आकर समाप्त किया गया था। इस घटना ने कई परिवार और जिंदगियां तबाह कर दी।

दूसरी घटना हाथरस के एक गांव में 19 वर्षीय लड़की के साथ घटी। 14 सितंबर 2020 को घटी इस घटना ने दिल्ली के निर्भया कांड की याद दिला दी थी। उस लड़की के साथ-साथ उसकी रूह तक से गैंगरेप किया गया था। 15 दिन तक जिंदगी और मौत के बीच झूलती लड़की ने 30 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था।

29 सितंबर को भारी पुलिस फ़ोर्स की निगरानी में शव गांव लाया गया था। जिसके बाद पुलिस ने जबरन लड़की के शव को रात 2:30 बजे उसका दाह संस्कार करवा दिया था। इस घटना ने देशभर में उबाल ला दिया था जिसके बाद पीएम और सीएम को खुद कमान सम्हालनी पड़ी थी। 4 आरोपी अलीगढ़ जेल में सजा काट रहे हैं। मामले में सीबीआई की जांच हो चुकी है।

तीसरी घटना लव जिहाद की हुई। अंग्रेजी का लव और अरबी का जिहाद शब्द इस कदर भड़का की बल्लभगढ़ में एक कॉलेज छात्रा को गोली मार दी गई। आरोपी तौसीन लड़की पर शादी करने और इस्लाम कबूल करने का दबाव बना रहा था। हिन्दू संगठनों ने उसे फांसी दिए जाने की मांग की। इसके बाद फरीदाबाद से लेकर बलिया, मुजफ्फरनगर और कानपुर तक लव जिहाद मामलों की बाढ़ आ गई। अकेले कानपुर में 11 से अधिक मामले निकलकर सामने आए। आईजी कानपुर मोहित अग्रवाल ने एसआईटी का गठन किया, जांच हुई। इसके बाद लव-जिहाद कानून लागू हुआ।

चौथी घटना घटी 20 जुलाई 2020 को गाजियाबाद में। इस घटना में पत्रकार विक्रम जोशी को अपनी दो बेटियों से छेड़खानी का विरोध करने पर सरेराह पिटाई के बाद सिर में गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। घटना में 10 बदमाशों को हिरासत में लिया गया था। गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल में इलाज के दौरान विक्रम जोशी की मौत हो गई थी। मौत के बाद परिवार कई महीनों तक न्याय के लिए भटकता रहा था। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने थानाध्यक्ष विजय नगर को निलंबित किया तो मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया।

पांचवी घटना कानपुर के बर्रा में हुई। यहां के बर्रा- 6 में रहने वाले लैब टेक्नीशियन संजीत यादव का उसके ही साथियों द्वारा अपहरण कर लिया गया। 22 जून 2020 को अपह्रत संजीत यादव के परिजनों से फिरौती की रकम मांगी गई। कई दिनों तक घटना का खुलासा नहीं हो सका। अपने लचर रवैये के कारण एसओ बर्रा रणजीत रॉय, एसपी साउथ अपर्णा गुप्ता सहित कई दरोगा और पुलिस वालों पर गाज गिरी, जिसके तहत उन्हें निलंबित कर दिया गया। सर्विलांस की मदद से घटना का खुलासा हुआ और 5 आरोपितों को हिरासत में भी लिया गया, लेकिन संजीत यादव की लाश आज तक पुलिस नहीं ढूंढ पाई।

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