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Uttarpradesh News : पूर्व IAS ने बीजेपी को दी चुनौती- क्या भगवान राम का अपमान करनेवाले संजय निषाद से नाता तोड़ेंगे ?

Janjwar Desk
9 Nov 2021 4:52 PM GMT
Uttarpradesh News : पूर्व IAS ने बीजेपी को दी चुनौती- क्या भगवान राम का अपमान करनेवाले संजय निषाद से नाता तोड़ेंगे ?
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(पूर्व आईएएस ने चुनौती देते हुए कहा कि क्या बीजेपी निषाद पार्टी से नाता तोड़ेगी ?) File Pic.

Uttarpradesh News : भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी दल निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने अयोध्या में भगवान राम को लेकर ऐसा आपत्तिजनक दावा कर दिया है, जिसके बाद बवाल मच गया है।

Uttarpradesh News : उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (Uttarpradesh Assembly Election 2022) से पहले नेताओं के बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। चर्चा में बने रहने के लिए कुछ राजनीतिक दलों के नेता आपत्तिजनक बयानबाजी से भी परहेज नहीं कर रहे हैं।

इस कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सहयोगी दल निषाद पार्टी (Nishad Party) के अध्यक्ष संजय निषाद (Sanjay Nishad) ने अयोध्या में भगवान राम को लेकर ऐसा आपत्तिजनक दावा कर दिया है, जिसके बाद बवाल मच गया है।

इसे लेकर पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह (Surya Pratap Singh) ने राज्य की सत्तारूढ़ बीजेपी और मीडिया चैनलों पर निशाना साधा है। सूर्य प्रताप सिंह ने पहले तो ट्वीट कर मीडिया चैनलों पर निशाना साधा। फिर एक वीडियो जारी कर बीजेपी पर हमला किया।

यूपी भाजपा त्रिकोण में फंसी -राम कौन? सीता कौन? हनुमान कौन? संजय निषाद ने BJP को मुंह छुपाने लायक भी नहीं छोड़ा। देखिए मेरा पूरा विडियो👇 https://t.co/fw8ToTRctr https://t.co/6FuElc8IVK

पूर्व आईएएस ने दी बीजेपी को चुनौती

उन्होंने कहा, "यूपी भाजपा त्रिकोण में फंसी -राम कौन? सीता कौन? हनुमान कौन? संजय निषाद ने BJP को मुंह छुपाने लायक भी नहीं छोड़ा।"

वहीं, सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उन्होंने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे लोग वास्तव में भगवान श्रीराम को मानते हैं तो तुरंत संजय निषाद से नाता तोड़ें।

बता दें कि संजय निषाद की निषाद पार्टी और बीजेपी का उत्तरप्रदेश में चुनावी गठबंधन है। माना जाता है कि निषाद पार्टी का पूर्वी उत्तरप्रदेश में अपना आधार है और बीजेपी उसके साथ गठबंधन कर चुनावी वैतरणी पार करने की कोशिश कर रही है।

वहीं, वीडियो में पूर्व आईएएस ने आगे कहा कि बीजेपी राम के नाम पर राजनीति करती है और उन्हीं के नाम पर सत्ता में आई है। क्या वो राम का अपमान बर्दाश्त कर लेंगे ? क्या वे तुरंत निषाद पार्टी से अपना गठबंधन तोड़ेंगे ?

उन्होंने कहा कि भगवान राम मेरे आराध्य हैं। आप सबके आराध्य हैं लेकिन संजय निषाद ने खुले तौर पर उनके लिए अपमानजनक और आपत्तिजनक बात कही है।

इससे पहले उन्होंने ट्वीट कर लिखा, "क्या मुकेश अंबानी के चैनल संजय निषाद द्वारा श्रीराम पर दिए इस अभद्र बयान पर डिबेट करेंगे? इससे ज्यादा घटिया और तुच्छ मानसिकता से प्रेरित बयान आज तक नहीं दिया गया। पर आज नॉएडा मीडिया में सन्नाटा रहेगा, क्यूँकि निषाद भाजपा के साथ हैं। इनकी रामभक्ति भी नक़ली है और ये खुद भी।"

क्या कहा था संजय निषाद ने

दरअसल, निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने विवादित बयान देते हुए कहा कि भगवान राम राजा दशरथ की संतान नहीं, बल्कि संत श्रृंगी ऋषि के पुत्र थे।

मंगलवार, 9 नवंबर 2021 को उन्होंने कहा कि जब राजा दशरथ को संतान नहीं हो रही थी तो उन्होंने संत श्रृंगी ऋषि से एक यज्ञ करवाया। उसके बाद तीनों रानियों को विशेष रूप से तैयार की गई खीर खिलाई गई और उसके बाद ही पुत्रों का जन्म हुआ। लेकिन खीर खाने से कोई महिला गर्भवती नहीं होती है।

डॉक्टर संजय निषाद के मुताबिक राजा दशरथ और उनके साथ के लोग राम को सिर्फ राजकुमार ही समझते थे। उन्हें कभी इस बात का एहसास नहीं हुआ कि राम के रूप में खुद भगवान उनके यहां मौजूद हैं।

संजय निषाद ने कहा कि राम को भगवान समझने की क्षमता सिर्फ निषाद राज में ही थी। जो भगवान को पहचान लेता है उसका दर्जा भगवान से भी बड़ा हो जाता है। निषाद राज का यही दर्जा है. संजय निषाद के मुताबिक उस वक्त के इतिहासकारों ने भी सच नहीं लिखा था।

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