शिक्षा

हरियाणा में बंद होंगे 1026 प्राइमरी स्कूल, लेकिन 1 हजार में मिलेगा घर में शराब बेचने का लाइसेंस

Prema Negi
23 Feb 2020 6:51 AM GMT
हरियाणा में बंद होंगे 1026 प्राइमरी स्कूल, लेकिन 1 हजार में मिलेगा घर में शराब बेचने का लाइसेंस
x

हरियाणा सरकार बंद करेगी 1026 प्राइमरी स्कूल, लेकिन रातभर खुली रहेगी शराब की बिक्री, मात्र 1 हजार रुपये में घर में शराब बेचने का लाइसेंस...

जनज्वार, चंडीगढ़। एक वक्त था हरियाणा में शराब बंदी की मांग उठती थी। आज भाजपा सरकार में नौबत यह है कि सरकार ने सुविधा दी कि कोई भी व्यक्ति एक हजार रुपए का लाइसेंस लेकर शराब की एक पेटी घर पर रख सकता है। शराब बिक्री के प्रति सरकार रूझान इतना अधिक है कि इस बार कुछ जिलों में बार रात भर खुले रहने की सुविधा भी जा रही है। उसी हरियाणा का दूसरा सच यह है कि सरकार की शिक्षा को लेकर कोई नीति नहीं है। तभी तो प्रदेश में 1026 प्राइमरी स्कूलों को इस बार ताला लगाने की सरकार की योजना है। दावा किया जा रहा है कि यहां बच्चे पढ़ने के लिए ही नहीं आते। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि ऐसा लगता सरकार बच्चों को अनपढ़ और लोगों को शराबी बनाने पर तुली हुई है।

प्रदेश की जो नई आबकारी नीति बनायी, इसका यदि गहनता से अध्ययन करें तो पाएंगे कि सरकार शराब से राजस्व जुटाने पर कितना जोर दे रही है। इस बार 7,500 करोड़ रुपए की आय का लक्ष्य शराब बेचने के लाइसेंस से रखा गया है। यह पिछले साल के 6300 करोड़ से 19 प्रतिशत ज्यादा है। इसके साथ ही सरकार अब होटल व बार को रात एक बजे तक खुला रखने की इजाजत भी देने जा रही है।

सांसद व सीडब्ल्यूसी के सदस्य दीपेन्द्र हुड्डा कहा कि हरियाणा में नशे का कारोबार पहले ही तेजी से फल-फूल रहा है। हाल ही में आई एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा का युवा तेजी से नशे की चपेट में आ रहा है, लेकिन सरकार को इस बात की कोई चिंता नहीं है। उसे तो बस पैसा चाहिए। हर घर में ठेका खोलने की नीति ला रही है। इस नयी आबकारी नीति के परिणाम पूरे समाज के लिये घातक होंगे। जब सरकार हर घर में ठेका खोल रही है।

संबंधित खबर : हरियाणा में करोड़ों का छात्रवृत्ति घोटाला, कागजों में चल रहे संस्थानों पर पढ़ रहे फर्जी छात्र

स्कूल बंद करने के पीछे सरकार का तर्क बच्चे नहीं आ रहे हैं

जो प्राइमरी स्कूल बंद किए जा रहे है, इसके पीछे सरकार का तर्क है कि क्योंकि वहां बच्चे ही नहीं आ रहे हैं, इसलिए स्कूल बंद करना पड़ रहा है। शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने कहा कि बच्चे निजी स्कूलों में जा रहे हैं। इस वजह से यह निर्णय लिया गया है। लेकिन उनके तर्क को पूर्व शिक्षा मंत्री कांग्रेसी नेता गीता भुक्कल गलत ठहराती है। उनका कहना है कि यदि बच्चे स्कूल नहीं आ रहे तो सरकार को देखना चाहिए कि बच्चे क्यों स्कूल नहीं आ रहे हैं। यह स्वीकार करने लायक बात नहीं है कि बच्चे प्राइवेट स्कूलों में जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्या सरकार ने इसके लिए कोई डाटा जुटाया है। यदि है तो वह डाटा सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

बच्चे प्राथमिक शिक्षा ही नहीं लेंगे तो कैसे प्रदेश साक्षर होगा?

शिक्षाविद हरपाल सिंह ने कहा कि यदि बच्चे प्राइमरी शिक्षा ही नहीं लेंगे तो कैसे हरियाणा साक्षर होगा। इस सरकार में आखिर यह हो क्या रहा है। क्या सरकार का यहीं काम है कि शराब की बिक्री को तो बढ़ावा दिया जाए, लेकिन शिक्षा को कम किया जाए। भाजपा के राज में कम से कम यह नहीं होना चाहिए था। सरकारों का कामहै कि

स्कूल बंद करना समस्या का समाधान नहीं है

पूर्व शिक्षा मंत्री कहती है कि स्कूल बंद कर देना तो समस्या का समाधान नहीं है। स्कूल बंद करने की नौबत क्यो आयी, यह देखा जाना चाहिए। बच्चे स्कूल आए, इसके लिए काम करना होगा। जब सरकारी स्कूल में शिक्षकों से आप दूसरे काम कराएंगे तो बच्चे कैसे स्कूल आएंगे। इस सरकार की शिक्षा को लेकर कोई नीति ही नहीं है। आबकारी नीति बनाने में तो पूरा अमला जुट गया, शिक्षा के लिए ढंग से एक बैठक तक नहीं हो रही है।

शिक्षा मंत्री रामबिलास के गृह जिले में सबसे ज्यादा स्कूल बंद

शिक्षा विभाग ने प्राइमरी स्कूल बंद करने के लिए जो रिपोर्ट तैयार की है, इसमें सबसे ज्यादा स्कूल तो पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास के गृह जिले महेंद्रगढ़ में 122 स्कूल बंद हो रहे हैं। दूसरा नंबर इसी जिले के साथ लगते जिले रेवाड़ी का है, यहां भी 110 स्कूल बंद हो रहे हैं। इस बार के शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर के गृह जिले यमुनानगर में भी 104 स्कूल बंद होने जा रहे हैं।

संबंधित खबर : हरियाणा में मूंगफली बेचते हैं पाकिस्तान के पूर्व हिंदू सांसद डिवायाराम

शिक्षा ही नहीं लेंगे तो रोजगार नहीं देना पड़ेगा: शैलजा

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी शैलजा ने कहा कि यह सरकार युवा को रोजगार देने में फेल है। क्योंकि नए रोजगार के अवसर तो पैदा हो नहीं रहे। अब सरकार ने तय किया कि बच्चों को शिक्षित ही न होने दें। जब वह पढ़ेंगे नहीं तो रोजगार नहीं देना पड़ेगा। इस सरकार का यहीं तो काम करने का तरीका है। शैलजा ने कहा कि सरकारी स्कूलों का बुरा हाल है। यहां सुविधा नहीं है। बच्चों को पीने का पानी तक नहीं मिलता। ऐसे में कौन बच्चा वहां पढ़ने जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आज प्राइमरी स्कूल बंद हो रहे हैं, कल मीडिल और फिर सरकार कालेज भी बंद करेगी।

Next Story

विविध

Share it