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मॉब लिंचिंग के डर से मध्य प्रदेश में तैनात मुस्लिम अधिकारी बदलना चाहते हैं अपना नाम

Prema Negi
8 July 2019 7:40 AM GMT
मॉब लिंचिंग के डर से मध्य प्रदेश में तैनात मुस्लिम अधिकारी बदलना चाहते हैं अपना नाम
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सरकारी अधिकारी नियाज खान पहले भी लगा चुके हैं आरोप कि मुस्लिम होने के कारण उनके काम में किया जाता है भेदभाव…

जनज्वार। मॉब लिंचिंग का की​र्तिमान स्थापित करते भारत में मुस्लिम—दलित बहुत डरे—सहमे हैं। इस डर को इस बात को भी समझा जा सकता है कि आम लोग तो छोड़िए एक सरकारी अफसर तक मुस्लिम होने के कारण हो रही मॉब लिंचिंग से बचने के लिए अपना नाम ही बदल देना चाहता है।

जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश के मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखने वाले उप सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी नियाज खान एक ऐसा नाम खोज रहे हैं, जो उनकी मुस्लिम होने की पहचान को छिपा सके और ऐसा वो मॉब लिंचिंग से बचने के लिए करना चाहते हैं।

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नियाज खान ने अपने ट्वीटर हैंडल से ट्वीट किया, 'नया नाम मुझे हिंसक भीड़ से बचाएगा। अगर मेरे पास कोई टोपी, कोई कुर्ता और कोई दाढ़ी नहीं है तो मैं भीड़ को अपना नकली नाम बताकर आसानी से निकल सकता हूं। हालांकि, अगर मेरा भाई पारंपरिक कपड़े पहन रहा है और दाढ़ी रखता है तो वह सबसे खतरनाक स्थिति में है।'



न्होंने केंद्र और राज्य सरकारों समेत तमाम सरकारी संस्थाओं पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, 'चूंकि कोई भी संस्थान हमें बचाने में सक्षम नहीं है, इसलिए नाम को स्विच करना बेहतर है।'

नियाज यहीं नहीं रुके। उन्होंने एक और ट्वीट में लिखा, 'मेरे समुदाय के बॉलीवुड अभिनेताओं को भी अपनी फिल्मों की सुरक्षा के लिए एक नया नाम ढूंढ़ना शुरू करना चाहिए। अब तो टॉप स्टार्स की फिल्में भी फ्लॉप होने लगी हैं। उन्हें इसका अर्थ समझना चाहिए।'

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गौरतलब है कि नियाज खान लगातार होते अपने तबादलों के कारण पहले भी खबरों में आ चुके हैं। टाइम्‍स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 13 सालों की नौकरी में नियाज खान का 20 बार तबादला किया गया है। नौकरशाही में भ्रष्‍टाचार पर दो किताबों के अलावा कई अन्य किताबें लिख चुके नियाज ने इसी साल जनवरी महीने में यह कहकर शासन—प्रशासन में सनसनी मचा दी थी कि नाम की वजह से उनके साथ कामकाज में भेदभाव किया जा रहा है।

नियाज खान के ट्वीट्स के बाद उनके पक्ष और विपक्ष में सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं। कुछ उन्हें सलाह दे रहे हैं कि उन्हें भारत छोड़ पाकिस्तान में शरण ले लेनी चाहिए तो कुछ कह रहे हैं कि वो इस तरह के ट्वीट कर दो समुदायों को भड़काने का काम कर रहे हैं। तो कुछ लोग कह रहे हैं नियाज खान ने जो ट्वीट किया है वा​कई हिंदुस्तान में मुस्लिमों की वही हालत हो गयी है। कब कौन मुसलमान होने के कारण गौकशी या अन्य किसी आरोप में मॉब लिंचिंग का शिकार हो जाये कहा नहीं जा सकता।

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