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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना वायरस से लड़ने के लिए 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा कर चुके हैं, ऐसे में लोगों को जरूरी सामान हासिल करने में दिक्कत आ रही है लेकिन इस बीच पंजाब पुलिस ने जोमैटो और स्विगी के साथ टाई-अप किया है….

जनज्वार ब्यूरो। पंजाब में कोरोना वायरस को लेकर चल रहे कर्फ्यू में अब लोगों को उनके घरों पर ही जरूरी सामान की डिलिवरी कराने की दिशा में कदम उठाया है। इसके लिए पंजाब पुलिस ने जोमैटो और स्विगी के साथ टाई-अप किया है। इससे आवश्यक सामानों की डोर-टू-डोर आपूर्ति करायी जा सकेगी। इसके लिए वेरका, अमूल, मंडी प्रधान, केमिस्ट एसोसिएशन को भी जोड़ा गया है।

डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि हमने कर्फ्यू के दौरान पूरी सख्ती बरत रखी है। क्योंकि तभी हम कोरोना के वायरस पर रोक लगाने में कामयाब हो सकते हैं। अब लोगों को किसी तरह की दिक्कत न आए, इसका ध्यान रखना भी हमारा काम है। इस वजह यह कदम उठाया गया है। आवश्यक सामानों की आपूर्ति के लिए अधिकृत विक्रेताओं को पास जारी किए जा रहे हैं। हम फोन और डिलिवरी बॉय के जरिए ऐसा नेटवर्क बनाना चाह रहे हैं, जो लोगों को उनके घरों तक जरूरी सामान पहुंचा सके।

डीजीपी ने बताया कि अमृतसर और लुधियाना में 650 लोगों को सामान की होम डिलीवरी के लिए लगाया गया है। पटियाला में जोमाटो और स्विगी के डिलीवरी बॉय के तालमेल से आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही थी।

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डीजीपी ने कहा कि स्थानीय स्वयंसेवकों की सेवाओं को ध्यान में रखते हुए संगरूर जिले में आवश्यक वस्तुओं से युक्त 100 ट्रॉलियों को आज भेजा गया जिससे लोगों को आवश्यक सामान मिल सके।

धर पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने कोरोना से निपटने के लिए जरूरी सामान की खरीद करने के लिए कमेटी का गठन किया है। कमेटी सरकारी अस्पतालों में सामान की उपलब्धता पर नजर रखेगी।

सीएम ने यह भी कहा कि 10 मार्च के बाद विदेश से पंजाब में जितने भी लोग आये हैं, उनकी पहचान की जा रही है। जिससे उन्हें निगरानी में रखा जा सके। पंजाब में बड़ी संख्या में प्रवासी लोग अब अपने घरों में वापस आ गये हैं।

पंजाब के ही करीब दो हजार सिख श्रद्धालु इस वक्त महाराष्ट्र के नादेड़ में फंसे हुए हैं। सीएम ने महाराष्ट्र सरकार से आग्रह किया कि नांदेड़ साहिब में फंसे 2,000 तीर्थयात्रियों को तुरंत बाहर निकालने की दिशा में काम किया जाना चाहिए। सीएम ने इसके लिए गृहमंत्री अमित शाह को भी एक पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि क्योंकि रेल यातायात बंद है। इस वजह से वहां से यात्रियों को निकालने का कोई रास्ता नहीं बन रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार एक स्पेशल ट्रेन या फ्लाइट से सिख श्रद्धालुओं को वहां से निकालने के लिए कोई योजना बनाए।

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सीएम ने बताया कि उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से इस बाबत संपर्क किया है। वहां से बताया गया कि श्रद्धालु सुरक्षित है। उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जा रही है। सीएम ने बताया कि हम कोशिश कर रहे हैं कि केंद्र, महाराष्ट्र और पंजाब सरकार मिलकर श्रद्धालुओं को निकालने की दिशा में काम कर रहे हैं। पंजाब के बार्डर आज भी पूरी तरह से सील है। किसी को भी वहां आने जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है।


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