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तब्लीगियों के बारे में ZEE न्यूज़ ने फिर प्रसारित की Fake न्यूज, अबकी छत्तीसगढ़ सरकार ने चेताया

Raghib Asim
8 April 2020 9:28 AM GMT
तब्लीगियों के बारे में ZEE न्यूज़ ने फिर प्रसारित की Fake न्यूज, अबकी छत्तीसगढ़ सरकार ने चेताया
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छत्तीसगढ़ स्टेट फेक न्यूज़ कंट्रोल स्पेशल मॉनिटरिंग सेल ने इस खबर को फेक न्यूज घोषित किया है। छत्तीसगढ़ जनसम्पर्क के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट में इसे शेयर कर फेक न्यूज बताया गया है...

तामेश्वर सिन्हा की रिपोर्ट

जनज्वार। दिल्ली का निज़ामुद्दीन कोरोना वायरस के बड़े केंद्र के रूप में सामने आया है. मार्च के बीच में यहां तबलीगी जमात में हिस्सा लेने के लिए आये कई लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. जब से ये ख़बर सामने आई है, सोशल मीडिया और मीडिया का एक बहुत बड़ा तबका कोरोना वायरस के पूरे मसले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश में लगा हुआ है. जिसका हिस्सा मीडिया का एक बड़ा वर्ग भी है ।

त्तीसगढ़ राज्य की सामाजिक समरसता भंग करने के ईरादे से और एक धार्मिक पहचान विशेष को बदनाम करने के लिये अपुष्ट खबर जी" न्यूज मध्यप्रदेश/छत्तीसगढ़ चैनल ने प्रसारित करने की खबर है। छत्तीसगढ़ स्टेट फेक न्यूज़ कंट्रोल स्पेशल मॉनिटरिंग सेल ने इस खबर को फेक न्यूज घोषित किया है। छत्तीसगढ़ जनसम्पर्क के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट में इसे शेयर कर फेक न्यूज बताया गया है।

ता दे कि "जी" न्यूज छत्तीसगढ़ ने कल एक खबर प्रसारित किया था जिसमें कोरोना पाजीटिव के एम्स में भर्ती एक मरीज को जमाती बताते हुए आरोप लगाया था कि उसने चिकित्सा करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों पर थूकने का प्रयास किया था । इस खबर में सांसद सुनील सोनी और छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने भी अपनी प्रतिक्रिया रखी थी।

म्स प्रबंधन ने इस खबर का खंडन किया है और स्पष्ट किया है कि उक्त मरीज का प्रबंधन को ईलाज करने में पूरा सहयोग मिल रहा है।

त्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एड. राजकुमार गुप्त ने राज्य सरकार से मांग की है कि एम्स प्रबंधन के खंडन करने के बाद एक धार्मिक पहचान को बदनाम करने और राज्य के सामाजिक समरसता को भंग करने के ईरादे से अपुष्ट समाचार प्रसारित करने वाले "जी" न्यूज चैनल के राज्य में प्रसारण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाये और चैनल प्रबंधन के खिलाफ प्रकरण दर्ज करके कार्यवाही करे।

के अध्यक्ष नें बिना पुष्टि किये इस फर्जी खबर को प्रसारित प्रचारित करने वाले सभी जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ भी आईटी एक्ट औए भ्रामक प्रचार अंतर्गत मामला पंजीबद्ध करके कार्यवाही करने की मांग किया है।

ही जानकारी के अनुसार मरीज 16 साल का है, वह उदास था और रो रहा था क्योंकि वह अपनी मां और परिवार से बात करना चाहता था, वह महाराष्ट्र में अपने परिवार के साथ रहना चाहता था जिसे अब शांत कर दिया गया है। और सब कुछ सामान्य है

ही सांसद सुनील सोनी ने एम्स से जुड़ी इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया दे डाली थि जिसे फेक न्यूज छत्तीसगढ़ सरकार ने बताया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तबलीगी जमात को लेकर कहा कि अब तक इस जमात में शामिल हुए कुल 9 हजार लोगों की पहचान कर ली गई है. इनमें से 1306 लोग विदेशी हैं. उन्होंने बताया कि, इस जमात में शामिल होने के बाद लोग कई राज्यों में गए.

राज्यों में करीब ऐसे 400 लोगों के टेस्ट पॉजिटिव आए हैं. तमिलनाडु में 173, दिल्ली में 47, कश्मीर में 22, असम में 16, पुडुचेरी में 2, तेलंगाना में 33, आंध्र प्रदेश में 67, राजस्थान में 11 और अंडमान निकोबार में 9 पॉजिटिव केस मिले हैं. ये आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है.

मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि अब तक कोरोना वायरस से कुल 50 मौतें हुईं और कल से आज तक में 12 नई मौतें हुई हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार लोगों को सही सूचना देने के लिए एक ई-मेल आईडी बनाई गई है. जिस पर लोग अपने सवालों का जवाब ले सकते हैं. उन्होंने बताया कि अब तक 900 लोगों के मेल मिल चुके हैं.

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