दुनिया

चीन में कमजोर नहीं पड़े शी जिनपिंग, हू जिंताओं को जबरन दिखाया सेंट्रल से बाहर का रास्ता

Janjwar Desk
22 Oct 2022 8:58 AM GMT
शी के विरोधियों के लिए बुरी खबर, चीन में कमजोर नहीं पड़े जिनपिंग, हू जिंताओं को जबरन दिखाया सेंट्रल से बाहर का रास्ता
x

शी के विरोधियों के लिए बुरी खबर, चीन में कमजोर नहीं पड़े जिनपिंग, हू जिंताओं को जबरन दिखाया सेंट्रल से बाहर का रास्ता

चीन ( China ) में दूसरे नंबर सबसे ज्यादा ताकतवर नेता ली केकियांग ( Li keqiang ) को भी सीसीपी ( CCP ) की सेंट्रल कमिटी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। ली को जिनपिंग ( XI Jinping ) का प्रतिद्वंद्वी माना जाता है।

नई दिल्ली। दुनिया भर में फैले चीनी ( China ) राष्ट्रपति शी जिनपिंग ( Xi Jinping ) के विरोधियों के बुरी खबर सामने आई है। पिछले कुछ दिनों से शी के विरोधी इस बात को लेकर खुश हो रहे थे कि वो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ( CCP News ) में कमजोर पड़ गए हैं, लेनिक आज जो खबर सामने आई वो इसके ठीक उलट है। खबर ये है कि सीसीपी कांग्रेस ( CCP Congress ) के दौरान शी ने अपने अधिकांश टॉप विरोधियों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

आज चीन के सेंट्रल हॉल ( Central hall ) में जारी सीसीपी कांग्रेस से जो खबर छनकर आई वो चौंकाने वाली है। जानकारी के मुताबिक चीन के पूर्व राष्ट्रपति हू जिंताओं ( Hu Jintao ) को पार्टी कांग्रेस से जबरन निकाल दिया गया है। दो सुरक्षा अधिकारी उन्हें जिनपिंग की कुर्सी के बिलकुल पास से बाहर निकालते दिखाई दे रहे हैं। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।



इस बीच वायरल वीडियो में दिख रहा है कि 79 वर्षीय हू जिंताओ शी जिनपिंग ( Xi Jinping ) के बाईं ओर बैठे थे और बीजिंग में ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल के मुख्य सभागार के मंच से दो लोगों द्वारा उनको बाहर निकाला जा रहा है। 'जबरन' उठाने से पहले दोनों शख्स जिन्ताओ से कुछ देर बात भी करते हैं और फिर उन्हें पकड़कर बाहर कर लिया जाता है। लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि माजरा क्या है लेकिन, वीडियो सामने आने के बाद यह तो साफ हो गया है कि चीन में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।

इतना ही नहीं चीन में दूसरे नंबर सबसे ज्यादा ताकतवर नेता ली केकियांग ( Li keqiang ) को भी सीसीपी की सेंट्रल कमिटी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। ली को जिनपिंग का प्रतिद्वंद्वी माना जाता है। इस तरह शी ने अपनी राह में एक और रोड़ा हटा दिया है। इससे साफ है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अंदर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। फिलहाल तो शी जिनपिंग पहले से ज्यादा ताकतवर बनते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन आगे चलकर उनके यही तेवर मुसीबत भी साबित हो सकते हैं।

दरअसल, सीसीपी ( CCP ) की कांग्रेस के दौरान इस बार हू जिन्ताओ ( Hu Jintao )परेशान दिखाई दिए। पांच साल में एक बार आयोजित कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक पार्टी के संविधान में किए गए संशोधनों के साथ संपन्न हुई। परिवर्तन में व्यापक तौर पर परिवर्तन शी जिनपिंग की मजबूत स्थिति को दर्शाता है। माना जा रहा है अब शी की चीनी हुकूमत में पकड़ और मजबूत होगी और चीन में उनका सिक्का पहले की तरह चलता रहेगा।

Next Story

विविध