रेलवे के निजीकरण के खिलाफ IREF ने देश भर में मनाया एंटी प्राइवेटाइजेशन डे, किया प्रदर्शन

रेलवे के निजीकरण के खिलाफ रेलकर्मी लगातार आंदोलन कर रहे हैं, IREF के नेतृत्व में यह प्रदर्शन रेलवे के देशभर के ज़ोन, डिविजन, स्टेशन, वर्कशॉप आदि में किया गया, ढोल-नगाड़े बजाए गए और जुलूस निकाले गए...

Update: 2020-08-19 02:30 GMT

रेलवे के निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन करते रेलकर्मी

जनज्वार। इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन के आह्वान पर एंटी प्राइवेटाइजेशन डे के तहत देश भर में रेलवे कर्मचारियों ने सभी जोन में मनाया गया। रेलवे के डिवीजन और उत्पादन इकाइयों, रेलवे स्टेशन, वर्कशॉप इत्यादि के कार्यायल पर शांतिपूर्ण तरीके से शारीरिक दूरी बनाकर जुलूस निकाल कर, ढोल- नगाड़े बजाकर रेलवे कर्मचारियों को जागरूक किया गया।

रेल इंप्लाइज यूनियन के नेताओं ने कहा '18 अक्टूबर 2019 को 100 डे एक्शन प्लान के तहत रेलवे की उत्पादन इकाई का निगमीकरण, रेलवे की कॉलोनी, स्टेशन, अस्पताल आदि जमीनों को निजी हाथों में देने की शुरुआत सरकार ने कर दिया है। कोरोना संकट के समय जब पूरा देश महामारी से जूझ रहा है, ऐसे वक़्त में रेलवे को बेचने की शुरुआत कर दी गई है।'

उन्होंने कहा कि वैसे तो यह सरकार जब रेलवे बजट को आम बजट से अलग की थी, तभी यह स्पष्ट हो गया था कि सरकार जनता की सवारी रेलवे को पूंजीपतियों के हाथ देना चाहती है, केंद्रीय श्रम संगठनों के लोगों ने हर संघर्ष में चाहे वो 22 मई हो या 3 जुलाई या फिर 9 अगस्त 2020 हो सब में पूरी ताकत के साथ भागीदारी किया। जिसके कारण कई केंद्रीय नेताओं पर एफआईआर भी दर्ज किया गया। इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन द्वारा 19 जून से 26 जून विरोध सप्ताह अभियान चलाया गया था।

NCRWU के केंद्रीय महामंत्री व इरेफ़ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज पाण्डेय व एनआरईयू महामंत्री, इरेफ़ राष्ट्रीय महासचिव सर्वजीत सिंह ने संयुक्त रूप से बयान जारी करते हुए कहा 'देश भर में कार्यक्रम हुआ, केंद्र सरकार जबसे दुबारा सत्ता में आई है रेलवे को पूरी तरह निजीकरण करना शुरू कर दिया, आधे से ज्यादा को तो इन्होंने निजीकरण कर भी दिया।

 IREF के बैनर तले सभी उत्पादन इकाई की संघर्ष समिति के साथ रेलवे के सभी मान्यता प्राप्त, ग़ैर मान्यता प्राप्त यूनियनों सहित लभगग सभी कैटोरिगकल संगठनों के साथ रेलवे आंदोलन के पचास साल के इतिहास में पहली बार मावलंकर हॉल, नई दिल्ली में 8 दिसम्बर 2019 को संयुक्त कन्वेंशन करके राष्ट्रीय स्तर पर रेलवे उत्पादन इकाईयो की संयुक्त संघर्ष समिति बनाया और संघर्ष को तेज किया जिसके दबाव के चलते सरकार को 100डे एक्शन प्लान लागू करने से पीछे हटना पड़ा।'

इरेफ़ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ कमल उसरी ने कहा 'एंटी प्राइवेटाइजेशन डे पूरे देश भर में मनाया गया है।' उधर RCF कपूरथला में इरेफ़ के राष्ट्रीय महासचिव सर्वजीत सिंह के नेतृत्व में फ्रन्ट अगेंस्ट एन पी एस आर राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरीक सिंह, डी एम डब्लू पटियाला में जुमेरदीन, रतनचंद, राय बरेली उत्पादन इकाई में हरिकेष, डी एल डब्ल्यू वाराणसी में राजेंद्र पाल, चितरंजन में क किशानु भट्टाचार्या के नतृत्व में प्रदर्शन किया गया।

उधर सेंट्रल रेलवे में इरेफ़ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज पाण्डेय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ कमल उसरी, नॉर्थ सेंट्रल वर्कर्स यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष एस पी एस यादव, केंद्रीय सहायक महामंत्री सैय्यद इरफात अली, रुकमा नंद पाण्डेय, नार्दर्न रेलवे में नई दिल्ली से मनीश हरीनन्दन, अम्बाला से नरसिंह कुमार, लखनऊ से अखिलेश यादव, जितेंद पाल, मुगलसराय से संतोष पासवान, दानापुर, मंडल, पटना से जितेंद्र कुमार, सोनपुर मंडल से बेगूसराय, रायगड़ा से महेंद्र परिदा, भुवनेश्वर से पी के महापात्रा, पूरी से लालटू ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया।

पूर्व रेलवे, कोलकाता से पार्थो बनर्जी, रवि सेन, दक्षिण पूर्व रेलवे कोलकाता से एन एन बनर्जी, शुभाशीष बागची, पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी से राकेश पाल, लखनऊ से अनिल कुमार, जयपुर से उम्मेद सिंह, प्यारे लाल, कटनी से पुष्पेंद्र त्रिपाठी, रायपुर से तरकेशर नाथ, धनबाद से एस पी एस साहू, रेनुकूट कर्मनाशा इत्यादि कई अन्य जगहों में कार्यक्रम हुआ।

Tags:    

Similar News