कोरोनिल : रामदेव ने फिर किया कोरोना खत्म करने का दावा, पब्लिक बोली - पतंजलि के डायरेक्टरों में वायरस डाल कर करो प्रयोग

रामदेव ने आज फिर कोरोनिल दवा को लेकर नया दावा किया है और इसके बाद कोरोनिल विजय व पतंजलि विजय हैशटैग ट्रेंड भी कर गया। अब फिर आयुष मंत्रालय की प्रतिक्रिया का इंतजार है...

Update: 2020-07-01 09:13 GMT

जनज्वार, नई दिल्ली। योग गुरु बाबा रामदेव ने आज अपनी कंपनी पतंजलि द्वारा पेश की गई कोरोना की दवा कोरोनिल को लेकर नए दावे किए। रामदेव व उनकी संस्था ने कहा कि पतंजलि के दवा के संबंध में दावे और आयुष मंत्रालय में अब इस मामले पर सहमति है। रामदेव ने कहा कि कोरोनिल दवा से कोविड19 के 67 प्रतिशत मरीज तीन दिन में और 100 प्रतिशत मरीज सात दिन में ठीक हो जाते हैं। इसके लिए 45 लोगों पर किए गए प्रयोग का भी उल्लेख किया।

इस संबंध में पतंजलि आयुर्वेद ने डेढ पन्ने का एक प्रेस बयान जारी किया है, जिसमें विस्तार से 23 जून को लांच की गई दवा कोरोनिल को लेकर विस्तार से नए दावे किए गए हैं। इस दवा के प्रचार प्रसार पर आयुष मंत्रालय ने इसके लांच किए जाने के बाद ही रोक लगा दी थी और पतंजलि से जवाब मांगा था। वहीं, उत्तराखंड के आयुर्वेद विभाग ने कहा था कि रामदेव को इम्नुनिटी बढाने की दवा का लाइसेंस दिया गया था न कि कोरोना की दवा का। इस दवा को तीन राज्यों राजस्थान, महाराष्ट्र्र व झारखंड ने बैन भी कर दिया था।

पतंजलि और रामदेव के इस दावे के बाद आज ट्विटर पर पतंजलि विजय व कोरोनिल विजय ट्रेंड कर गया और और टाॅप ट्रेंड में शामिल हो गया। इन दोनों हैशटैग पर पतंजलि, रामदेव व उनके समर्थकों ने दवा को लेकर दावे किए। वहीं, दूसरी ओर उनके आलोचकों ने उसी हैशटैग पर उनके खिलाफ भी ट्वीट किया। विजय शर्मा नामक एक ट्विटर एकाउंट पर लिखा गया कि पतंजलि के जितने डायरेक्टर हैं, सबके अंदर पहले कोरोना वायरस डाला जाए और फिर कोरोनिल से उनका इलाज किया जाए। अगर इलाज किया जाता है तो पाॅजिटिव रिजल्ट आएगा या फिर उन्हें सजा मिलेगी।


सौमित्र राय नामक एक शख्स ने फेसबुक पर लिखा कि रामनरेश यादव उर्फ रामदेव झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कोरोनिल को दवा बताकर बेचना शुरू कर दिया है, जबकि कल ही आयुष मंत्रालय ने उसे इम्युनिटी बूस्टर माना है। रामदेव ने आयुष मंत्रालय की अनुमति को अपने झूठ को सच बनाने के लिए इस्तेमाल किया है। 

 



पतंजलि ने इसके साथ ही अपने ट्विटर हैंडल से इम्युनिटी बढाने वाले अपने कई दूसरे उत्पादों का भी प्रचार किया और लोगों से इन्हें अपनाने का आग्रह किया। पतंजलि ने कहा कि उसके आयुर्वेदिक उत्पाद प्राकृतिक जड़ी बूटियों से बने हैं जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं। यह बिना किसी दुष्प्रभाव के विभिन्न वायरस व इन्फ्लुएंजा से लड़ने व रोकने की शक्ति प्रदान करते हैं। वहीं, रामदेव ने कहा है कि कोरोनिल दवा पर अब कहीं कोई रोक नहीं है और यह पूरे देश में मिलेगी।

पतंजलि अनुसंधान संस्थान ने अपने बयान में कहा है कि आयुष मंत्रालय को हमने अपने क्लिनिकल कंट्रोल्ड ट्रायल के सभी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं। इसमें कहा गया है कि पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन ने सभी कोविड19 मैनेजमेंट के लिए सभी आवश्यक कार्यवाही सुचारू रूप से संचालित की। बयान में कहा गया है कि पतंजलि व निम्स यूनिवर्सिटी जयपुर के संयुक्त परीक्षण में 95 रोगियों ने स्वेेच्छा से भाग लिया, जिनमें 15 से 65 साल की उम्र के बीच के 45 रोगियों पर पतंजलि की दवा का प्रयोग किया गया। पतंजलि की दवा का प्रयोग वाले 67 प्रतिशत कोविड19 रोगी तीन दिन में और 100 प्रतिशत सात दिन में ठीक हो गए। पतंललि ने बयान में कहा है कि यह दवा को लेकर पहला क्लीनिकल कंट्रोल ट्रायल था, अब हम इनके मल्टीसेंट्रिक क्लीनिकल ट्रायल की ओर अग्रसर हैं।

आप पतंजलि के दावों वाले बयान को नीचे ट्विटर लिंक में विस्तार से पढ सकते हैं।

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