पश्चिम बंगाल: अमित शाह का CAA पर बड़ा बयान-कोरोना टीकाकरण पूरा होते ही शुरू होगा नागरिकता देने का काम

पश्चिम बंगाल के ठाकुरनगर में एक रैली में अमित शाह ने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण के बाद सरकार नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) के तहत शरणार्थियों को नागरिकता देना शुरू करेगी...

Update: 2021-02-12 02:44 GMT

जनज्वार। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों के पहले बीजेपी और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक चुनावी रैली में नागरिकता और CAA कानूनों की चर्चा कर माहौल गरमा दिया है। गुरुवार को पश्चिम बंगाल के ठाकुरनगर में एक रैली में अमित शाह ने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण के बाद सरकार नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) के तहत शरणार्थियों को नागरिकता देना शुरू करेगी।

उन्होंने कहा, 'ममता दीदी ने कहा कि हम झूठे वादे करते हैं। उन्होंने सीएए का विरोध शुरू कर दिया और कहा कि वो इस क़ानून को अनुमति नहीं देंगी। बीजेपी जो वादे करती है वो पूरा करती है।'

गृहमंत्री शाह ने आगे कहा 'हम इस क़ानून को लेकर आए और शरणार्थियों को नागरिकता मिलेगी। जैसे ही टीकाकरण अभियान खत्म होगा और हम कोरोना से मुक्त हो जाएंगे, नागरिकता देने का काम शुरू कर दिया जाएगा। CAA संसद का बनाया कानून है। आप इसे कैसे रोक सकते हैं। आप रोकने की स्थिति में भी नहीं रहेंगे।'

उन्होंने कहा कि इस क़ानून से मतुआ समुदाय को लाभ होगा. मतुआ मूलतः वे लोग हैं जो विभाजन के बाद पूर्वी पाकिस्तान और फिर बांग्लादेश के गठन के समय भारत आ गए थे।

उन्होंने लोगों को आश्वस्त करते हुए यह भी कहा कि गृह मंत्री के नाते कहना चाहता हूं कि एक भी मुस्लिम भाई-बहन की नागरिकता चली जाये, ऐसा कोई प्रावधान सीएए में नहीं है। जितना अधिकार हम सबका इस देश पर है, उतना ही अधिकार शरणार्थियों का भी है। विपक्षी दलों के लोग झूठ और भ्रम फैला रहे हैं।

कांग्रेस पर हमला करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने वादा किया था कि हम सबको नागरिकता देंगे और सम्मान भी देंगे। सभी को गले लगायेंगे। गले लगाना तो दूर रहा, नागरिकता नहीं दी। वर्ष 2018 में हमने वादा किया था कि 2019 में नरेंद्र मोदी की सरकार बनाइए, हम नागरिकता कानून में संशोधन लायेंगे, जो मतुआ समाज के लोगों को भारत की नागरिकता देगा।

उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर वार करते हुए कहा कि कुछ विशेष परिस्थितियों के कारण मेरा कार्यक्रम रद्द हुआ तो ममता दीदी बहुत खुश हो गईं। उन्होंने कहा कि अप्रैल तक अभी काफी समय है। मैं यहां बार बार आता रहूंगा और तबतक आऊंगा, जबतक आप चुनाव हार नहीं जातीं।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की अभी घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सियासी पारा काफी गर्म है। एक तरफ जहां सीएम ममता बनर्जी विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए लोगों को अपने कार्यों के बारे में बता कर पक्ष में करने में जुटी हैं, वहीं भाजपा उन्हें हर संभव टक्कर देने में जुटी हुई है।

भाजपा के केंद्रीय नेताओं के लगातार कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं और इनके माध्यम से बंगाल की जनता को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि यहां किसे फायदा होगा और किसे नुकसान, यह तो चुनाव परिणाम ही बताएंगे।

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