Aryan Khan Drugs Case : अडानी पोर्ट से ज्यादा की खेप में पकड़े गये आर्यन को जेल तो लखीमपुर वाले टेनी का सरकार-पुलिस को ठेंगा

Aryan Khan Drugs Case : मेडिकल जांच के बाद आर्यन खान को ऑर्थर रोल जेल ले जाया गया। वहीं यूपी के चर्चित मामले लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के आरोपी ने पुलिस को हाजिर ना होने का कारण बताया है...

Update: 2021-10-08 09:53 GMT

(शाहरूख खान का पुत्र आर्यन खान इनसेट में लखीमपुर का मर्डरी आशीष टेनी)

Aryan Khan Drugs Case (जनज्वार) : समुद्र के बीचोंबीच ड्रग्स पार्टी करने के मामले में फंसे आर्यन खान (Aryan Khan) को शुक्रवार दोपहर नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) दफ्तर से मेडिकल जांच के लिए जेजे अस्‍पताल ले जाया गया। मेडिकल जांच के बाद उन्हें ऑर्थर रोल जेल ले जाया गया। वहीं यूपी के चर्चित मामले लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के आरोपी ने पुलिस को हाजिर ना होने का कारण बताया है।

आज शुक्रवार 8 अक्टूबर आर्यन खान ड्रग्स केस की किला कोर्ट में आर्यन की जमानत याचिका पर भी सुनवाई हो रही है। यह सब इस तरह हुआ जैसे सबकुछ आनन फानन में हो रहा है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि सुनवाई के बीच ही आर्यन को जेल क्यों भेजा जा रहा है? इससे पहले भी आर्यन की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठे थे जिसमें कुछ भाजपा नेता ही शाहरूख खान के पुत्र को गिरफ्तार करने पहुँचे थे। 

गोतम अडानी के पोर्ट से अधिक की खेप लिए बड़े अपराधी बने आर्यन खान सहित सभी 8 आरोपियों को गुरुवार शाम को ही कोर्ट ने न्‍यायिक हिरासत में भेज दिया है। ऐसे में आर्यन और बाकी आरोपियों को गुरुवार को ही जेल जाना था लेकिन ऑर्डर आते-आते शाम के 7 बज चुके थे। जेल प्रशासन ने उन्‍हें अंदर लेने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि उनके पास आरोपियों की कोविड निगेटिव रिपोर्ट नहीं है।

वहीं दूसरी तरफ, लखीमपुर हिंसा में आरोपी और केंद्रीय राज्यमंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को पुलिस के समन बाद मंत्रीपुत्र ने उल्टा पुलिस को लेटर भेजा है। जिसमें उसने लिखा है कि उसका स्वास्थ्य ठीक नहीं है। इसलिए वह आज पुलिस के सामने पेश नहीं हो सकता। उसने शनिवार 11 बजे पुलिस के सामने पेश होने की बात कही है। इसके बाद मंत्री के घर के बाहर पुलिस ने दूसरा नोटिस लगाया है।

इसमें आशीष को 9 अक्टूबर को सुबह 11 बजे पूछताछ के लिए बुलाया है। इससे पहले गुरुवार को पुलिस ने मंत्री के घर के बाहर नोटिस चस्पा किया था, जिसमें शुक्रवार सुबह 10 बजे आशीष को क्राइम ब्रांच में बुलाया था। उधर, सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर हिंसा को लेकर पहली बार सार्वजनिक तौर पर कुछ बोला है।

सीएम योगी ने एक टीवी के कार्यक्रम में कहा कि मैं प्रियंका, राहुल और अखिलेश से पूछना चाहता हूं, कोरोना काल में ये सभी लोग कहां थे? प्रियंका ने गेस्ट हाउस में झाड़ू लगाया, शायद जनता की मंशा भी यही है। लखीमपुर की घटना को लेकर बोले कि अजय मिश्र टेनी के पुत्र का अभी तक हाथ होने का कोई भी साक्ष्य सामने नहीं आया है। योगी एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में ये बातें कहीं हैं।

एक्शन से संतुष्ट नहीं अदालत

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को जमकर फटकार लगाई और पूछा कि मामला जब 302 का है तो गिरफ्तारी अब तक क्यों नहीं हुई? यूपी सरकार के वकील हरीश साल्वे ने कहा कि आशीष कल 11 बजे तक पेश हो जाएगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की जांच में यूपी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से संतुष्ट नहीं है। यूपी सरकार को अपने से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि जब तक कोई अन्य एजेंसी इसे संभालती है, तब तक मामले के सबूत सुरक्षित रहें।

CJI एनवी रमना ने सरकारी वकील से पूछा आखिर आप क्या संदेश देना चाहते हैं? 302 के मामले में पुलिस सामान्य तौर पर क्या करती है? सीधा गिरफ्तार ही करते हैं ना! अभियुक्त जो भी हो कानून को अपना काम करना चाहिए।

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