Bank Fraud : कपिल-धीरज वधावन कौन हैं जिसने देश के सबसे बड़े फ्रॉड को दिया अंजाम, यस बैंक, PMC घोटाले से क्या है इनका संबंध?

Bank Fraud : कपिल वधावन और धीरज वधावन का नाम डीएचएफएल के साथ यस बैंक घोटाला, पीएमसी बैंक घोटाला और यूपी पीएफ स्कैम जैसे मामलों से भी जुड़ा है।

Update: 2022-06-23 03:36 GMT

Bank Fraud : कपिल-धीरज वधावन कौन हैं जिसने देश के सबसे बैंक फ्रॉड को दिया अंजाम, यस बैंक, PMC घोटाले से क्या है इनका संबंध?

Bank Fraud : एबीजी और पीएनबी बैंक घोटाले के बाद डीएचएलएफ ( DHFL ) के बैंक फ्रॉड ( Bank Fraud ) सामने आने के बाद से बैंंकिंग और कारोबारी क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति है। डीएचएलएफ घोटाला ( DHFL Scam )सामने आने के बाद अब मोदी सरकार भी आरोपों के घेरे में आ गई है। ऐसा इसलिए कि इस बैंक घोटाले ( Bank Scam ) की शुरुआत भले ही यूपीए टू के समय हुआ लेकिन इसके आरोपी मोदी राज के दौरान भी अपनी मुहिम में लगे रहे। अब जाकर इस बात का खुलासा हुआ है। फिलहाल, देश के अब तक के सबसे बड़े बैंक घोटाले के तथाकथित प्रमुख आरोपी कपिल वधावन ( Kapil Wadhawan ) और धीरज वधावन ( Dheeraj Wadhawan ) को लेकर चर्चा चरम पर है कि ये वधावन बंधु हैं कौन हैं, वधावन बंधु बैंक फ्रॉड को कैसे अंजाम देते रहे, किसने इन्हें बचाया और अब कैसे फंसे।

वधावन ब्रदर्स ( Wadhawan Brothers ) सबसे पहले 2020 में क्वारनटाइन का प्रोटोकॉल तोड़ने के आरोप में चर्चा में आये। उनका नाम देश के बड़े-बड़े घोटालों से जुड़ा है। डीएचएफएल मामला, यस बैंक घोटाला, पीएमसी बैंक घोटाला, यूपी पीएफ स्कैम जैसे मामलों में इनके नाम जुड़े हैं।

कौन हैं कपिल वधावन ब्रदर्स

वधावन ब्रदर्स दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ( DHFL ) के शीर्ष प्रबंधक में शमिल रहे हैं। बैंक फ्रॉड ( Bank fraud ) सामने आने से पहले कपिल वधावन ( Kapil Wadhawan ) चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक थे। जबकि धीरज वधावन ( Dheeraj Wadhawan ) तत्कालीन डायरेक्टर थे। वधावन बंधुओं के कुप्रबंधन की वजह से यह कंपनी अब डूबने के कगार पर है। अब वधावन बंधु इसको बेचने में जुटे हैं। डीएचएफएल पर बैंकों का करीब 40,000 करोड़ रुपए का बकाया है। वधावन ब्रदर्स यानि कपिल वधावन ( Kapil Wadhawan ) और धीरज वधावन ( Dheeraj Wadhawan ) ने कारोबारी सुधाकर शेट्टी और अन्य ने मिलकर बैंक धोखाधड़ी की साजिश रची थी। सीबीआई की एफआईआर में कहा गया है कि आरोपी कपिल वधावन और अन्य ने कंसोर्टियम बैंकों को 42,871 करोड़ रुपए का कर्ज देने के लिए प्रेरित किया था। यस बैंक, पीएमसी व अन्य मामलों में दोनों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच ईडी कर रही है। दोनों को पहले भी कई बार ईडी के सामने पेश हो चुके हैं। फिलहाल, दोनों जेल में हैं।

यूपी पीएफ घोटाले से जुड़ा है इनका नाम

उत्तर प्रदेश पीएफ घोटाले ( UP PF Scam ) से भी वधावन ब्रदर्स का नाम जुड़ा है। यूपी पावर कार्पोरेशन लिमिटेड के कर्मचारियों के 2268 करोड़ का पीएफ DHFL कंपनी में फंस गया। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के 45,000 कर्मचारियों का भविष्य निधि का पैसा इस कंपनी के पास फंस गया। जांच के दौरान पता चला कि कर्मचारियों के पीएफ का 65 फीसदी हिस्सा सिर्फ तीन कंपनियों में लगाया गया। इस पैसे का भी 99 फीसदी हिस्सा सिर्फ डीएचएफएल में निवेश किया गया। डूबती कंपनी ने लोगों के पीएफ का पैसा निवेश से उनका पीएफ पैसा फंसने का डर है, जिसे लेकर खूब विरोध प्रदर्शन हुए थे। वहीं धीरज वधावन का नाम इकबाल मिर्ची के साथ भी जुड़ा। धीरज वाधवान ने इकबाल मिर्ची की जमीन बिकवाने में मदद की थी।

सीबीआई ने इस मामले में DHFL के कपिल वधावन, धीरज वधावन, कारोबारी सुधाकर शेट्टी और अन्य लोगों के अलावा छह कंपनियों को भी आरोपी बनाया है. इनमें स्काईलार्क बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड, दर्शन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, सिगटिया कंस्ट्रक्शन बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड, टाउनशिप डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, शिशिर रियलिटी प्राइवेट लिमिटेड और सनब्लिंक रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ चीटिंग, फ्रॉड और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

कैसे फंसे

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने डीएचएफएल की वित्तीय ट्रांजेक्शन में अनियमिता की सबूत मिलने पर 11 फरवरी 2022 को केंद्रीय जांच ब्यूरों से इस बात की शिकायत की थी। सीबीआई ने यूबीआई की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की है। मामले में कपिल वधावन और धीरज वधावन पहले से ही जेल में हैं।

क्या है यस बैंक से रिश्ता

दरअसल, वधावन बंधुओं का यस बैंक के साथ फ्रॉड के मामले में भी सीबीआई और ईडी के केस के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। दोनों के ऊपर आरोप है कि उन्होंने यस बैंक के को-फाउंडर राणा कपूर के साथ मिलकर बैंक के साथ फ्रॉड किया। यस बैंक के राणा कपूर भी मुंबई के तलोजा जेल में बंद हैं। वधावन बंधुओं पर राणा कपूर को 600 करोड़ रुपए घूस देने का भी आरोप है।

बता दें कि सीबीआई (CBI) ने अब तक के सबसे बड़े बैंकिंग फ्रॉड (Banking Fraud) के मामले में दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (DHFL) के कपिल वधावन और धीरज वधावन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। वधावन बंधुओं ने बैंकों के एक समूह को 34,615 करोड़ रुपए का चूना लगाया है। बैंकों के इस समूह की अगुवाई यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank Of India) कर रहा था। बैंकों के समूह ने वधावन ब्रदर्स को 2010 से लोन देना शुरू किया था।

ये भी हैं बैंक धोखाधड़ी के आरोपी

सीबीआई ने इस मामले में DHFL के कपिल वधावन, धीरज वधावन, कारोबारी सुधाकर शेट्टी और अन्य लोगों के अलावा छह कंपनियों को भी आरोपी बनाया है। इनमें स्काईलार्क बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड, दर्शन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, सिगटिया कंस्ट्रक्शन बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड, टाउनशिप डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, शिशिर रियलिटी प्राइवेट लिमिटेड और सनब्लिंक रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ चीटिंग, फ्रॉड और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक बैंकों ने 2010 से आरोपी फर्मों को कर्ज देना शुरू कर दिया था। 9 साल बाद 2019 में 34,615 करोड़ रुपए से अधिक के कर्ज को नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) घोषित किया गया था।

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