बड़ा खुलासा : कन्हैया के हत्यारों को मिले थे ये ऑर्डर, गोली मत मारना, ISIS की तरह गला काटना और वीडियो बनाना

Udaipur Murder Case Big Disclosure : अब तक की जांच में यह भी पता चला है कि कन्हैया लाल ही नहीं, नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट करने वाले कई लोग जेहादियों के निशाने पर थे।

Update: 2022-07-01 11:13 GMT

बड़ा खुलासा : कन्हैया के हत्यारों को मिले थे ये ऑर्डर, गोली मत मारना, ISIS की तरह गला काटना और वीडियो बनाना

Udaipur Murder Case Big Disclosure : राजस्थान के उदयपुर में 28 जून को नुपुर शर्मा के समर्थक कन्हैया लाल की हत्या ( Kanhaiya lal Murder ) को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। कन्हैया की हत्या के पीछे मकसद लोगों में दहशत कायम करना था। यही वजह है कि आरोपियों को कन्हैया लाल को गोली नहीं मारने के आदेश मिले थे। हत्यारोपियों से कहा गया था कि आतंकी संगठन ISIS की तरह गला काटना है और उसका वीडियो भी बनाना है, ताकि देखने वालों की रूह कांप जाए।

अहम सवाल - हत्यारों को आदेश देने वाला कौन?

राजस्थान सरकार द्वारा इस मामले की जांच के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के अधिकारियों के अनुसार हत्यारों को यह आदेश कौन दे रहा था, यह अभी साफ नहीं हो पाया है, लेकिन अब तक की जांच में सामने आया है कि हत्याकांड में कई और लोग शामिल थे और किसी के इशारे पर ही यह मर्डर प्लान किया गया था।

आदेश देने वालों ने दी थी गौस और रियाज को ट्रेनिंग

अभी तक की जांच में यह भी पता चला है कि कन्हैयालाल ही नहीं, नूपुर शर्मा ( Nupur Sharma ) के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट करने वाले कई लोग जेहादियों के निशाने पर थे। उनका हश्र भी कन्हैया जैसा करने का आदेश था। आदेश वालों ने ही आरोपी गौस मोहम्मद ( Ghaus Mohammad ) और रियाज जब्बार ( Riyaz Jabbar ) को ट्रेनिंग दी थी।

जिस फैक्ट्री में बने हथियार, उसी में तैयार हुआ वीडियो

भास्कर टीम की रिपोर्ट की मानें तो दोनों हत्यारोपियों ने कई ऐसे हथियार बनाए, जिनसे सर को आसानी से धड़ से अलग किया जा सकता था। एक हत्यारा गौस मोहम्मद वेल्डर का काम करता है, उसी ने हथियार तैयार किए। हत्याकांड से पहले और बाद में वीडियो बनाने का काम भी उसी फैक्ट्री में हुआ था। पुलिस ने उस फैक्ट्री से कई हथियार बरामद किए हैं।

तीसरा वीडियो अजमेर में बनाने की थी योजना

रियाज और गौस अजमेर पहुंचकर इस हत्याकांड से जुड़ा तीसरा वीडियो बनाने वाले थे। दोनों की मंशा यही थी कि हत्या के बाद दहशत फैलाने के लिए तीसरा वीडियो भी वायरल किया जाए। NIA जांच कर रही है कि दोनों अजमेर में कहां और किसके पास रुकने वाले थे।

ये है पकड़े जाने की वजह

हत्यारे गौस और रियाज कन्हैया लाल की हत्या करने के बाद बाइक लेकर देवगढ़ की ओर एक गैराज में गए। दोनों का वहीं रुकने का प्लान था, लेकिन गैराज वाले ने मना कर दिया। इसके बाद दोनों बाइक लेकर गांवों के रास्ते से राजसमंद के भीम की ओर भागे। उनका अजमेर भागने का प्लान था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। बाइक भी पुलिस की कस्टडी में है।

Udaipur Murder Case Big Disclosure : बता दें कि राजस्थान के उदयपुर में 28 जून को कन्हैया लाल की हत्या करने के बाद दोनों आरोपी राजसमंद की तरफ भागे थे। महज 4 घंटे में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था और पकड़े जाने के बाद उनकी जमकर पिटाई भी हुई थी।

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