Big Breaking Mulayam Singh Yadav No More : नहीं रहे धरती पुत्र मुलायम सिंह यादव, मेदांता में ली आखिरी सांस

Big Breaking Mulayam Singh Yadav No More : धरती पुत्र के नाम से विख्यात मुलायम सिंह यादव का आज 82 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे मुलायम सिंह यादव का आगामी 22 नवंबर क़ो 83वां जन्मदिन था, लेकिन उनकी आंखें हमेशा के लिए बंद हो गईं....

Update: 2022-10-10 04:17 GMT

Big Breaking Mulayam Singh Yadav No More : नहीं रहे धरती पुत्र मुलायम सिंह यादव, मेदांता में ली आखिरी सांस

Big Breaking Mulayam Singh Yadav No More : धरती पुत्र के नाम से विख्यात मुलायम सिंह यादव का आज 10 अक्टूबर की सुबह 82 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे मुलायम सिंह यादव का आगामी 22 नवंबर क़ो 83वां जन्मदिन था, लेकिन उनकी आंखें हमेशा के लिए बंद हो गईं। पूर्व रक्षामंत्री मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) बीते कई दिनों से बीमार चल रहे थे, जिसके चलते उन्हें गुरुग्राम मेदांता (Medanta Gurugram) में एडमिट कराया गया था। बता दें कि 2 अक्टूबर शाम उनकी तबियत कुछ अधिक बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें ICU में शिफ्ट किया गया था।

इस बीच पिता की तबीयत खराब होने की खबर मिलते ही अखिलेश यादव तत्काल डिंपल यादव के साथ लखनऊ से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। वह तमाम समर्थकों नेताओं के साथ मेदांता में ही मौजूद हैं। अखिलेश के अलावा अन्य सपा नेताओं का दिल्ली जाना शुरू हो गया था। MLC रणविजय सिंह, अंबिका चौधरी, नारद राय समेत पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप भी दिल्ली पहुंच चुके हैं। परिवार के भी कई सदस्यों के वहाँ मौजूदगी का इनपुट है।

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Political Journey Mulayam Singh Yadav : मुलायम सिंह यादव का जन्म 22 नवंबर 1939 को हुआ था। 82 वर्ष के हो गए, मुलायम सिंह यादव पहली बार 1967 में विधायक चुने गए थे। आपातकाल के दौरान उन्होंने 19 महीने तक जेल भी काटी थी। 1977 में वे पहली बार राज्य मंत्री बनाये गए। 1980 में वह लोकदल (Lokdal)के अध्यक्ष बने। 1985 के बाद मुलायम ने क्रांतिकारी मोर्चा बनाया। मुलायम सिंह यादव 1989 में पहली बार यूपी के सीएम बने।

1990 में केंद्र में वीपी सिंह (VP Singh) की सरकार गिरने के बाद मुलायम सिंह यादव ने चंद्रशेखर (Chandrashekhar) के जनता दल (सोशलिस्ट) से जुड़े और मुख्यमंत्री बने रहे। इसमें कांग्रेस का समर्थन भी शामिल था। 1991 में कांग्रेस का समर्थन वापस लेने से मुलायम सरकार गिर गई। 1991 में बीच में ही चुनाव हुए, लेकिन मुलायम सिंह यादव की पार्टी की सरकार नहीं बनी।

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इसके बाद 1992 में मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी का गठन किया। और 1993 में बसपा के समर्थन से एक बार फिर मुलायम सत्ता में लौटे। इसके बाद 2003 में मुलायम सिंह यादव फिर सत्ता में लौटे और सीएम बने। मुलायम सिंह यादव 1996 से 1998 तक देश के रक्षामंत्री भी रहे। 2012 में मुलायम सिंह यादव की पार्टी फिर सत्ता में लौटी, लेकिन इस बार मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) ने अपने बेटे अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को सीएम बनाया और सक्रिय राजनीति से थोड़ी दूरी बना ली।

नेताजी के नाम से विख्यात उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) की स्थापना की थी। वो वर्तमान में लोकसभा में मैनपुरी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे। इससे पहले समाजवादी पार्टी के मुखिया की पत्नी साधना गुप्ता का इसी साल जुलाई में निधन हो गया था। साधना गुप्ता मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी थीं। उनकी पहली पत्नी मालती देवी का 2003 में निधन हो गया था। मालती देवी अखिलेश यादव की मां थीं।

नेताजी के निधन पर प्रधानमंत्री modi, योगी adityanath, राहुल गांधी प्रियंका गांधी, झारखण्ड के मुख्यमंत्री, राजनाथ सिंह, नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव समेत विभिन्न कद्दावर नेताओं ने शोक प्रकट किया है। इससे पहले उनके ICU में होने के दौरान भी तमाम नेताओं ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ कि कामना भी की थी। सैफई, मैनपुरी इत्यादि क्षेत्रों सहित प्रदेश व देशभर उनके निधन से शोकग्रस्त है।

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