Champawat Accident News : मायके जाने के लिए ली लिफ्ट तो मिली मौत, प्रतिबंधित सड़क पर हुआ चम्पावत हादसा

Champawat Accident News : जिलाधिकारी का कहना है कि प्रशासन को हादसे की सूचना तड़के 3 बजे मिली, कुछ लोग इसे दस बजे के आस-पास तथा कुछ लोग रात 12 बजे के आस-पास हुआ हादसा बता रहे हैं....

Update: 2022-02-22 13:42 GMT

प्रतिबंधित सड़क पर हुआ है चम्पावत हादसा, खुद डीएम ने बताया

Champawat Accident News : मंगलवार की तड़के सूखीढांग के समीप डांडा मिनार रोड (Danda Minar Road) पर बुड़म में हुए जिस दुखद सड़क हादसे की खबर प्रशासन को मिली थी, वह प्रतिबंधित सड़क पर हुआ था। निर्माणाधीन इस सड़क को अभी सुरक्षित यातायात के लिए सरकारी अनुमति नहीं मिली थी। चम्पावत के डीएम विनीत तोमर (Champawat DM Vineet Tomar) ने यह बात स्वीकार करते हुए बताया कि सड़क पर यातायात की अनुमति नहीं थी। सड़क सुरक्षा मानकों को पूरा करती है या नहीं, अभी इसका भी निर्णय नहीं हुआ था।

हादसे के बाद मौके पर पहुंचे तोमर ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन मैक्स में हादसे (Champawat Accident) के समय 16 लोग सवार थे। जिसमें से दो लोगों का उपचार चल रहा है। शेष 14 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन ने 12 लोगों के शवों को रेस्क्यू कर लिया है। दो शवों मौके पर ही मौजूद हैं। जिन्हें निकालने की कार्यवाही की जा रही है।

हादसे के समय की बाबत प्रशासन के पास कोई जानकारी नहीं है। जिलाधिकारी का कहना है कि प्रशासन को हादसे की सूचना तड़के 3 बजे मिली। कुछ लोग इसे दस बजे के आस-पास तथा कुछ लोग रात 12 बजे के आस-पास हुआ हादसा बता रहे हैं।

मायके जाने के लिए ली लिफ्ट तो मिली मौत बारात से वापस लौटते समय हादसे का शिकार हुई मैक्स जीप में अपने मायके लौट रही एक शिक्षिका और उसकी चार साल की बेटी की शामिल थी। जिसकी भी इसी हादसे में बच्ची सहित मौत हो गयी। हादसे में मृतका बसंती भट्ट को अपनी चार साल की बेटी दिव्यांशी को लेकर चम्पावत से अपने मायके डांडा जाना था। उनको वाहन नहीं मिल पाया। इस वजह से वे शाम को रोडवेज की बस से अपनी बच्ची के साथ सीधे टनकपुर चली गई।

हादसे में मारी गई 36 वर्षीय बसंती भट्ट पत्नी नारायण दत्त भट्ट प्राथमिक विद्यालय डांडा में शिक्षिका थीं। उनका ससुराल चम्पावत के जूप गांव में है। सोमवार को वह अपनी चार वर्षीय बेटी को लेकर मायके डांडा जा रही थीं। काफी इंतजार के बाद भी उन्हें डांडा के लिए वाहन नहीं मिल पाया। वह आल्टो कार से टनकपुर चली गई ताकि वहां से डांडा जा सके। बाद में उसे पता चला कि डांडा से बारात टनकपुर आई है। इसके बाद वह अपने मायके जाने के लिए बारात के ही वाहन में सवार हो गई। कुछ देर में ही वह भी इस हादसे में अपनी बच्ची सहित मौत का शिकार बन गईं। मृतका बंसती के पति नारायण दत्त भट्ट भी राजकीय इंटर कॉलेज धौन में शिक्षक हैं।

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