यूट्यूबर पर जमीन कब्जाने के लिए योगी का मंदिर बनाने का आरोप, मूर्ति, चांदी का छत्र और दानपात्र के साथ मंदिर बनाने वाला प्रभाकर मौर्य भी गायब
Ayodhya news : योगी आदित्यनाथ का मंदिर तो है, लेकिन उस पर बड़ा ताला बंद है। दरवाजे के पीछे पर्दा लगा है। साथ ही दरवाजे की कुंडी भी टेढ़ी है। दरवाजे के बीच बने सुराख से देखने पर अंदर ना तो मूर्ति नजर आ रही और न ही मूर्ति के ऊपर लगा चांदी का छत्र ही मौजूद है....
YouTuber प्रभाकर मौर्य ने अयोध्या में बनवाया योगी आदित्यनाथ का मंदिर, CM को मानता है राम और कृष्ण का अवतार
Ayodhya news : उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित कल्याण भदरसा में बनाया गया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मंदिर मीडिया की सुर्खियां बना था। एक यू ट्यूबर ने दावा किया था कि उन्होंने अपनी यू ट्यूब चैनल से की गयी कमाई के माध्यम से योगी आदित्यनाथ का मंदिर बनाया है, क्योंकि वह उन्हें भगवान मानते हैं। अब इसी मंदिर से योगी आदित्यनाथ की प्रतिमा हटाये जाने की सूचना है। साथ ही मंदिर से चांदी का छत्र और दानपात्र भी गायब बताया जा रहा है। मीडिया में आ रही जानकारी के मुताबिक योगी के मंदिर से मूर्ति पुलिस ने मंदिर के संस्थापक प्रभाकर मौर्या के चाचा रामनाथ मौर्या की शिकायत मिलने के बाद हटायी है। हालांकि पुलिस प्रशासन ने इस मामले में अभी इस बारे में कोई बयान नहीं दिया है। कहा यह भी जा रहा है कि योगी के मंदिर में चोरी की घटना हुयी है।
मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक कल्याण भदरसा मजरे मोर्या का पुरवा में योगी के मंदिर संस्थापक प्रभाकर मौर्या के चाचा रामनाथ मौर्या ने सीएम योगी समेत अयोध्या जनपद के प्रशासन से शिकायत की थी कि जिस बंजर सरकारी जमीन पर योगी आदितय्नाथ का मंदिर बनवाया गया है, उस पर पुश्तैनी कब्जा था, लेकिन प्रभाकर मौर्या ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मंदिर बनवाकर उसका हिस्सा भी कब्जा लिया है। प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि मूर्ति के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है, यह जरूर कहा कि भूमि की पैमाईश के लिए जांच टीम गई थी।
मौके पर योगी आदित्यनाथ का मंदिर तो है, लेकिन उस पर बड़ा ताला बंद है। दरवाजे के पीछे पर्दा लगा है। साथ ही दरवाजे की कुंडी भी टेढ़ी है। दरवाजे के बीच बने सुराख से देखने पर अंदर ना तो मूर्ति नजर आ रही और न ही मूर्ति के ऊपर लगा चांदी का छत्र ही मौजूद है। गौरतलब है कि सीएम योगी की मूर्ति पर चांदी का छत्र मेरठ के एक व्यापारी ने लगवाया था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि 25 सितंबर की दोपहर पीएसी के साथ भारी संख्या में यहां पुलिस आई थी, जो मंदिर से मूर्ति निकालकर कपड़े में लपेटकर अपने साथ ले गई। यह भी आरोप है कि किसी भी ग्रामीण को पुलिस ने मंदिर के पास नहीं आने दिया, जिसके चलते वहां किसी की मौजूदगी नहीं थी। इस पूरे मामले की शिकायत करने वाले प्रभाकर मौर्या के चाचा रामनाथ मौर्या कहते हैं, पुलिस और पीएसी आई थी। वही लोग मूर्ति लेकर चले गये। यह उनकी शिकायत करने के बाद ही हुआ है।
वहीं गांव में प्रभाकर मौर्या के दोस्त अमरजीत ने दावा किया है, पुलिस वाले बहुत थे, उन लोगों ने ताला तोड़ दिया। उसके बाद कुंडी तोड़कर मूर्ति लेकर चले गये। मूर्ति के उपर छत्र था उसे भी ले गये। इसके साथ ही जो अब तक चढ़ावा चढ़ा था उसे भी पुलिसवाले ही उठा ले गये। पुलिस की संख्या अधिक थी। हम लोगों ने गेट से निकलने की कोशिश की, लेकिन जाने नहीं दिया गया। इस पूरे मामले में अयोध्या जिला प्रशासन के अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
बताते चलें कि मौर्या का पुरवा गांव के निवासी 32 वर्षीय प्रभाकर मौर्य पेशे से यूट्यूबर है, उसने 8.56 लाख रुपए की लागत से यह मंदिर बनवाया था। इसमें योगी को राम के अवतार में दिखाया गया था। मूर्ति के हाथ में धनुष और तीर भी थमाया गया था। यहां रोज सुबह शाम पूजा.आरती भी होती थी। यूट्यूबर प्रभाकर मौर्या योगी के समर्थन में अब तक 500 से ज्यादा गाने गा चुके हैं। मंदिर में स्थापित मूर्ति राजस्थान से विशेष ऑर्डर देकर बनवाई गई है। जिसकी कीमत 49 हजार रुपये बताई गई थी।
मीडिया को दिये बयान में प्रभारी निरीक्षक पूराकलंदर राजेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मूर्ति कौन और कहां ले गया, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। संभावना है कि प्रभाकर ही अपने साथ मूर्ति ले गया हो, क्योंकि अब तक उसका कोई पता नहीं चल रहा है। उसका मोबाइल भी स्विच आफ बता रहा है। प्रभाकर का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।