केरल के इडुक्की जिले में भारी बारिश से लैंड स्लाइड, पांच की मौत, 10 को बचाया गया, 80 के फंसे होने की आशंका

केरल में के कई इलाकों में पिछले तीन दिनों से भारी बारिश हो रही है और अगले तीन दिनों तक भी भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। इससे राज्य की स्थिति बिगड़ सकती है...

Update: 2020-08-07 05:50 GMT

जनज्वार। उत्तर भारतीय राज्यों बिहार व असम के बाद अब दक्षिण भारत के दो राज्यों केरल व कर्नाटक में बाढ के हालात उत्पन्न हो रहे हैं। दोनों राज्यों के कई इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लोगों को सतर्कता बरने का सलाह दी गई है। 

भारी बारिश से केरल में लैंड स्लाडिंग में पांच लोगों की मौत भी हो गई है। केरल के इडुक्की जिले के राजामाला में भारी बारिश के कारण हुई भू धंसान में कम से कम पांच लोगों की मौत हो चुकी है और 10 लोगों को बचाया गया है। मुख्यमंत्री के मुख्यमंत्री ने पी विजयन ने कहा है कि एनडीआरएफ की टीम मौके पर भेजी गई है। पुलिस, अग्निशमन, वन व राजस्व विभाग को संयुक्त रूप से राहत कार्य में जुटने को कहा गया है। त्रिशूर से भी एक अन्य राहत बचाव दल मौके पर पहुंचेगा। भू धंसान में 80 और लोगों के फंसे होने की आशंका है।


बारिश से केरल के कई हिस्सों से लैंडस्लाइड की खबरें आ रही हैं। वायनाड जिले में भी लैंड स्लाइड हुआ है।

केरल में भारी बारिश से बाढ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। भारतीय मौसम विभाग ने केरल में नौ अगस्त तक के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने कहा है कि नौ अगस्त तक केरल में भारी से भारी बारिश हो सकती है। लोगों को सावधान रहने को कहा गया है। लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने को कहा गया है।

केरल के वायनाड जिले के पनामाराम में लगातार तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के वजह से बाढ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। मल्लापुरम और कोझीकोड जिले में भी भारी बारिश से बाढ जैसे हालात बन गए हैं। पेरियार नदी में पानी बढने से अलुवा में शिव मंदिर पूरी तरह जलमग्न हो गया है। नदी का जलस्तर का पुल के सड़क तल को छूता हुआ दिख रहा है। अगले तीन दिनों तक और बारिश होने से हालात और बिगड़ेंगे।

केरल में 2018 में आयी बाढ से हुई थी भारी क्षति

केरल में 2018 में आयी बाढ से व्यापक नुकसान हुआ था। मानसून के दौरान आयी उस बाढ में आधिकारिक रूप सें 683 लोगों की मौत हो गई थी और वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है। बाढ से करीब तीन लाख लोग विस्थापित हुए थे और 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। उसे केरल में एक शताब्दी में आयी सबसे विकराल बाढ बताया गया।

कर्नाटक में भी बाढ का खतरा

केरल के अलावा कर्नाटक के कई क्षेत्रों में भारी बारिश से परेशान बढ गई है। राज्य के भीमा नदी का जलस्तर कलबुर्गी में भारी बारिश से बढ गया है। कोडागु जिले के कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, जिसे बाढ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। कई जगह घरों में भी पानी घुस गया है। श्री बाघामंडला में श्री बाघामंडेश्वर मंदिर का काफी हिस्सा भी भी पानी में डूब गया है। 



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