भगोड़े स्वयंभू बाबा नित्यानंद की नई घोषणा, हिंदू संसद का निर्माण कर स्थापित करेंगे मॉडल सरकार
दुष्कर्म के आरोपी बाबा ने कहा कि छह माह के अंदर हम सदस्यों के नाम, संरचना, इसके सिद्धांत व नीतियों के नाम जारी कर देंगे.....
(Illustration by Nirmal Kant/Janjwar)
बेंगलुरू। भगोड़े स्वंयभू बाबा नित्यानंद का उद्देश्य 'रिजर्व बैंक ऑफ कैलासा' के बाद अब छह माह में एक हिंदू संसद के निर्माण का है। उन्होंने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से कहा, 'गणपति के आशीर्वाद से, हम हिंदू धर्म आधारित संगठनों के प्रशासन के लिए एक मॉडल सरकार स्थापित करने के लिए एक हिंदू संसद स्थापित करना चाहते हैं।'
उन्होंने कहा, 'संसद को स्थापित करने में छह माह का वक्त लग सकता है। हम उम्मीद करते हैं कि जनवरी तक यह कार्य पूरा हो जाएगा।" हिंदू संसद में पांच संस्थाओं का गठन होगा, जिनमें चित सभा, राजा सभा, देव सभा, कांगा सभा और नित्यानंद सभा रहेंगी। ये सभी पांच संस्थाएं उस तरह से होंगे, जिसके बारे में 'परमशिव' ने वेदों और 'आगमशास्त्रों' में कहा है।'
'चित सभा चेतना आधारित आध्यात्मिक ज्ञान-विज्ञान पेश करेगी, जो सभी हिंदू प्रतिनिधियों, प्रबुद्ध स्वामी, गुरु और अन्य लोगों का स्वागत करती है, जो स्वेच्छा से संसद के विनम्र अनुरोध और निमंत्रण को स्वीकार करती है। यह साथ ही हिंदू आशीर्वाद प्रणाली पेश करेगी। राजा सभा एक जिम्मेदार लोकतांत्रिक सेटअप होगी, जो देशों के हिंदू नेताओं, सहानुभूति रखने वाले और हिंदू सिद्धांतों की सराहना करने वाले राजनीतिक नेताओं को आमंत्रित करेगी।'
उन्होंने कहा, 'जो इन सिद्धांतों को कई देशों में राजनीतिक स्तर पर कार्यात्मक बना सकती है।' जबकि हिंदू देव सभा व्यक्तियों के लिए एक थिंक टैंक है, जो वेदों, इतिहास, पुराणों और आगामों में निहित उच्चतम हिंदू प्रशासनिक सिद्धांतों पर रहने के लिए दूसरों को प्रेरित करती है। कांगा सभा हिंदू अस्तित्व के विकास से संबंधित संघटित सिद्धांतों के समूह के साथ एक इकाई है।
उन्होंने कहा, 'इसमें इंसान की समृद्धि से संबंधित व्यक्तियों और महत्वपूर्ण नेताओं को शामिल किया जाएगा, जिसमें जीवनशैली, धनराशि, अनाज, ईंधन, बिजली जैसे विभिन्न आवश्यक संसाधन शामिल हैं।' कांगा सभा का उद्देश्य इन सूचनाओं को एकत्रित करना और इसे बाहर की दुनिया में शेयर करना है।
उन्होंने कहा, 'नित्यानंद सभा एक जिम्मेदार लोकतांत्रिक सभा है जिसमें उन व्यक्तियों को शामिल किया जाएगा, जो महाकालीसा के प्रशासन को सुव्यवस्थित करेंगे, जो स्वयं विज्ञान के साथ दुनिया की समृद्धि को अनुभव करते हैं।' इन पांच सभाओं के संगम को नित्यानंद हिंदू संसद बता रहे हैं। प्रत्येक सभा में 1,008 सदस्यों की क्षमता होगी।
दुष्कर्म के आरोपी बाबा ने कहा, 'छह माह के अंदर, हम सदस्यों के नाम, संरचना, इसके सिद्धांत व नीतियों के नाम जारी कर देंगे।' रविवार को रात 7.30 बजे, वह संसद की योजना के बारे में नित्यानंदा डॉट टीवी पर बताएंगे। इसबीच, उन्होंने कैलासा के लिए मुफ्त में ई-सिटीजनशिप लांच किया है। साथ ही उन्होंने मुफ्त में ई-पासपोर्ट की भी पेशकश की है।
शनिवार को स्वयंभू बाबा ने रिजर्व बैंक ऑफ कैलासा की करेंसी पेश की थी, जिसमें भगवान गणेश के पांव की तस्वीर है। माना जाता है कि दुष्कर्म का आरोपी आधात्मिक गुरु अक्टूबर 2019 में भारत से भाग गया था। दिसंबर 2019 में नित्यानंद ने घोषणा की थी कि उसने अपने हिंदू देश कैलासा की नींव रख दी है।