Hamirpur News : 1000 रुपए के लिए एंबुलेंस चालक ने गर्भवती को बीच सड़क पर उतारा, दर्द से तड़पती रही महिला

Hamirpur News : एंबुलेंस चालक ने सिर्फ 1000 रूपए के लिए प्रसूता को बीच रास्ते में जंगल में उतार दिया और वहां से फरार हो गया, महिला 30 मिनट सड़क पर तड़पते रही...

Update: 2022-09-06 13:30 GMT

Hamirpur News : 1000 रुपए के लिए एंबुलेंस चालक ने गर्भवती को बीच सड़क पर उतारा, दर्द से तड़पती रही महिला

Hamirpur News : उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में मानवता को शर्मसार कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। बता दें कि उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में एंबुलेंस चालक का अमानवीय चेहरा सामने आया है। एंबुलेंस चालक ने सिर्फ 1000 रूपए के लिए प्रसूता को बीच रास्ते में जंगल में उतार दिया और वहां से फरार हो गया। महिला 30 मिनट सड़क पर तड़पते रही। राहगीरों ने पीछा कर एंबुलेंस को पकड़ा और अस्पताल भिजवाया। सीएमओ का कहना है कि महिला को मऊहर एएनएम सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां मंगलवार सुबह महिला ने 1 बच्चों को जन्म दिया है। इस मामले की जांच कर एंबुलेंस चालक पर कार्यवाही की जाएगी। बता दें कि इस घटना का एक वीडियो सामने आया है।

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एंबुलेंस से चालक ने गर्भवती को बीच रास्ते में उतारा

बता दें कि यह मामला सुमेरपुर ब्लॉक क्षेत्र के भौंरा डांडा गांव का है। यहां के उत्तम कुमार की पत्नी रेखा को सोमवार को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने फोन कर 112 एम्बुलेंस को बुलाया। अस्पताल जाते समय चालक ने रास्ते में बीच जंगल गर्भवती को उतार दिया। परिजन चालक से अस्पताल छोड़ने को गिड़गिड़ाते रहे लेकिन एंबुलेंस चालक का दिल नहीं पसीजा। वह एंबुलेंस लेकर चला गया। इस दौरान गर्भवती दर्द से दो 30 मिनट तक तड़पती रही और रोती रही। पीड़िता को दर्द से तड़पते देख मौके पर भीड़ जुट गई।

सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल 

बता दें कि इस घटना का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में आश बहू मालती ने बताया है कि 'हम महिला को लेकर अस्पताल जा रहे थे। रास्ते में एंबुलेंस चालक और ईएमटी ने 1 हजार रुपये मांगे। महिला के परिजनों ने देने से इनकार कर दिया। इस पर एंबुलेंस चालक और ईएमटी ने बीच रास्ते में गर्भवती को उतार दिया और फरार हो गए। राहगीरों ने पीछा कर एंबुलेंस को रोका। घेरकर एंबुलेंस को मौके पर ले आए और प्रसूता को अस्पताल भिजवाया।

एंबुलेंस चालक ने सभी आरोपों को बताया निराधार

वहीं इस मामले में दूसरी तरफ एंबुलेंस चालक अभिषक ने इस सभी आरोपों को निराधार बताया। एंबुलेंस चालक अभिषेक ने कहा कि मैं प्रसूता को पीएचसी सुमेरपुर लेकर जा रहे था, जबकि प्रसुता के परिजिन मऊहर एएनएम सेंटर के लिए कह रहे थे। मुझे पता था कि मऊघर वाली मैडम छुट्‌टी पर है, इसलिस मैंने कहा कि पीएचसी सुमेरपुर लेकर चलाता हूं। तब परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया और पीछे का दरवाजा खोल दिया। परिजन कहने लगे कि हम कूद जाएंगे। इस पर मैंने एंबुलेंस रोक दी। मैंने कहा कि 112 पर कॉल लगाइए। वहां से कहा जाएगा तो हम छोड़ देंगे लेकिन उन्होंने कॉल नहीं किया और वहीं बीच रास्ते उतर गए। परिजन बोले कि हम अपने साधन से चले जाएंगे।

सीएमओ ने दिए मामले के जांच के आदेश

वहीं हमीरपुर सीएमओ अशोक कुमार रावत ने इस मामले के जांच के आदेश देते हुए कहा है की यह गंभीर मामला है। इसके जांच के आदेश दिए गए हैं। अगर एमटी और चालक दोषी है तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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