IPS Rashmi Shukla कौन हैं जिन पर नेताओं की फोन टैपिंग के आरोप में दर्ज हुई FIR, क्या है कोडनेम से लेकर ड्रग्स कनेक्शन की पूरी कहानी

IPS Rashmi Shukla : पुणे की पुलिस के मुताबिक रश्मि शुक्ला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कुछ महीने पहले नाना पटोले ने आरोप लगाया था कि उनका फोन 2016-17 के दौरान इस बहाने टैप किया गया था कि यह नंबर ड्रग तस्करी में शामिल किसी 'अमजद खान' का है....

Update: 2022-02-27 09:41 GMT

(फोन टैपिंग के मामले में आईपीएस रश्मि शुक्ला के खिलाफ केस दर्ज)

IPS Rashmi Shukla : महाराष्ट्र कैडर की आपीएस अधिकारी और सीआरपीएफ में एडिशनल डीजी रश्मि शुक्ला (Rashmi Shukla) पर अवैध तरकी से फोन टैपिंग का आरोप लगा है। उनके खिलाफ पुणे मं एफआईआर दर्ज की गई है। रश्मि शुक्ला पर कांग्रेस नेता नाना पटोले (Congress Leader Nana Patole) का फोन टैप (Phone Tapping Case) करने का आऱोप लगा है। फोन टैपिंग मामले से जुड़ी एक एफआईआर बीते साल 2021 में बीकेसी में भी दर्ज हुई थी। हालांकि उस एफआईआर में रश्मि शुक्ला का नाम नहीं था लेकिन मुंबई पुलिस स्टेशन ने रश्मि शुक्ला से पूछताछ की थी।

पुणे पुलिस (Pune Police) के मुताबिक रश्मि शुक्ला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कुछ महीने पहले नाना पटोले ने आरोप लगाया था कि उनका फोन 2016-17 के दौरान इस बहाने टैप किया गया था कि यह नंबर ड्रग तस्करी में शामिल किसी अमजद खान का है। पटोले के मुताबिक उस दौरान वह सांसद थे और उनके फोन टैप करने का कोई कारण नहीं था। यह उनके राजनीतिक करियर को नष्ट करने का प्रयास था।

पटोले ने तब यह भी आरोप लगाया था कि उनकी जानकारी में एक केंद्रीय मंत्री के पर्सनल असिस्टेंट, एक पूर्व सांसद व कुछ अन्य लोगों के भी फोन टैप किए गए थे। तीन पन्नों की एफआईआर के मुताबिक रश्मि शुक्ला ने पटोले, तत्कालीन भाजपा विधायक आशीष देशमुख, निर्दलीय विधायक बच्चू कडू और निर्दलीय राज्यसभा सदस्य संजय काकड़े के फोन टैप करते समय कोडनेम का इस्तेमाल किया था। 

पटोले के नंबर का कोडनेम अमजद खान, काकड़े को तरबेज सुतार और अभिजीत नायर, आशीष देशमुख को रघु चोरगे और हिना महेश सालुंके, बच्चू कडू का नाम निजामुद्दीन शेख रखा गया था। 

रश्मि शुक्ला मार्च 2016 से जुलाई 2018 तक पुणे पुलिस की आयुक्त थीं और इस समय प्रतिनियुक्ति पर सीआरपीएफ के अतरिक्त पुलिस महानिदेशक पद पर हैदराबाद में तैनात हैं। साल 2021 के महाराष्ट्र विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान एक सदस्य ने फोन टैपिंग का मामला उठाया था जवाब में वर्ष 2015 से 2019 के बीच नेताओं की फोन की कथित गैर कानूनी टैपिंग के आरोपों की जांच के लिए तत्कालीन डीजीपी संजय पांडेय की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया था।

समिति ने हाल ही में अपनी रिपोर्ट पेश की जिसमें कहा गया है कि पुणे पुलिस आयुक्त रहने के दौरान रश्मि शुक्ला ने गैर कानूनी तरीके से फोन टैप किए। इसलिए उनके और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर ऐसे वक्त में आई है जब केंद्रीय एजेंसियों ने एमवीए सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।

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